450+ Best Pehli Mohabbat Shayari Hindi | पहली मोहब्बत शायरी हिंदी

Pehli Mohabbat Shayari पहली मोहब्बत की मीठी यादों, मासूम एहसासों और दिल की अनकही भावनाओं को खूबसूरत शब्दों में बयां करने का सबसे खास तरीका है। ये शायरियां हर उस पल को फिर से जीवंत कर देती हैं, जो कभी दिल के बेहद करीब था।

अगर आप अपनी पहली मोहब्बत के लिए Pehli Mohabbat Shayari खोज रहे हैं, तो यहां आपको रोमांटिक, भावुक और दिल को छू लेने वाली बेहतरीन शायरियों का शानदार संग्रह मिलेगा। हर शायरी पहले प्यार की मासूमियत और गहराई को महसूस कराती है।

इन Pehli Mohabbat Shayari को आप WhatsApp, Instagram, Facebook या किसी खास व्यक्ति के साथ निजी संदेश में साझा कर सकते हैं। प्यार भरे शब्द पुरानी यादों को फिर से ताज़ा और रिश्तों को और भी खास बना देते हैं।

Pehli Mohabbat Shayari Hindi | पहली मोहब्बत शायरी हिंदी

पहली मोहब्बत का असर ही कुछ और होता है,
वो दिल में उतर कर रूह में घर करता है,
भूल जाना जिसे मुमकिन नहीं होता कभी,
हर लम्हा उसका ही इंतज़ार करता है।

वो पहली मोहब्बत, वो पहली चाहत,
आज भी दिल में है उसकी राहत,
भले ही दूर हो गया हो वो मंजर,
याद आती है उसकी हर शरारत।

पहली मोहब्बत की कहानी अनोखी होती है,
कभी हंसाती है, कभी रुलाती है,
वो यादें जो बन जाती हैं ज़िंदगी का हिस्सा,
हर पल हमारे साथ चलती जाती है।

जब पहली बार मिला था तुमसे नैन,
खो गया था मैं अपना सारा चैन,
वो अहसास था कुछ ऐसा प्यारा,
बना दिया तुमने मुझे अपना दीवाना।

पहली मोहब्बत की खुशबू अलग ही है,
हर सांस में तेरी याद बसी हुई है,
चाहे कितनी भी दूर चले जाओ तुम,
मेरे दिल में तेरी तस्वीर सजी हुई है।

पहली मोहब्बत का ज़िक्र जब भी होता है,
दिल का हर कोना रोशन हो जाता है,
वो मासूमियत, वो बेबाकी, वो एहसास,
आज भी मेरे दिल को छू जाता है।

कैसे भूला दूँ वो पहली मुलाकात,
जब हुई थी हमारी बातों की शुरुआत,
वो दिलबर, वो महबूब, वो ख्वाबों की रात,
हर लम्हा है यादगार, हर बात।

पहली मोहब्बत का रंग ही कुछ निराला है,
दिल पर उसने एक गहरा निशान डाला है,
भूलना चाहा भी तो भूल न पाया मैं,
हर याद में उसकी झलक को संभाला है।

जब पहली मोहब्बत होती है, तो दिल,
हर पल बस उसी की धुन में रहता है खिल,
ना भूख लगे, ना प्यास लगे, ना नींद आए,
बस एक चेहरा, जो ख्वाबों में आता है मिल।

पहली मोहब्बत का जादू, कितना गहरा है,
हर तरफ बस उसी का चेहरा है,
वो मुस्कान, वो बातें, वो अंदाज़,
आज भी दिल में उसका ही डेरा है।

वो पहली मोहब्बत की मासूम अदा,
आज भी मेरे दिल पर है वो खुदा,
ना जाने क्यूँ ये दिल है बेकरार,
जैसे फिर से हो गया हो उससे प्यार।

तेरी पहली मोहब्बत ने सिखाया सब कुछ,
जीना, मरना, हंसना और सब कुछ,
तेरी यादों से ये दिल भर जाता है,
तुझसे ही मेरी हर धड़कन है मजबूत।

पहली मोहब्बत का मंज़र वो कैसा था,
जब तू मेरे सामने मुस्कुराता था,
वक्त थम सा जाता था उस पल में,
जैसे हर ख्वाब हकीकत बन जाता था।

पहली मोहब्बत, एक मीठा दर्द है,
जो दिल में हमेशा रहता है मौजूद,
भूलने की कोशिशें सारी बेकार हैं,
क्योंकि ये यादें हैं मेरे लिए मज़बूत।

वो पहली मोहब्बत की बरसात, याद है,
हर बूंद में उसकी ही सौगात, याद है,
कैसे थम जाता था सारा जहान,
जब हम मिलते थे, वो हर बात याद है।

पहली मोहब्बत की आग जब जलती है,
तो ज़िंदगी रौशनी से भर जाती है,
हर मुश्किल आसान लगने लगती है,
जब हाथों में हाथ की गर्माहट आ जाती है।

मेरी पहली मोहब्बत, मेरा पहला ख्वाब,
तू ही थी मेरी हर खुशी का जवाब,
आज भी दिल में तेरी यादों का समंदर,
रह गया बस तेरा ही हिसाब।

पहली मोहब्बत का ये कैसा फसाना है,
हर पल तेरी याद में खो जाना है,
जीना मुश्किल है तेरे बिना अब तो,
तुझी से तो दिल का रिश्ता पुराना है।

पहली मोहब्बत की खुशबू जब आती है,
तो आंखें बंद होकर मुस्कुराती हैं,
वो मासूम सी बातें, वो शरारतें,
आज भी मेरे दिल को भाती हैं।

कैसे भुला दूँ वो पहली बार का प्यार,
जब दिल ने दिया था तुझको इकरार,
वो दिन, वो रातें, वो मुलाक़ातें सारी,
आज भी करती हैं मेरा इंतज़ार।

पहली मोहब्बत की हर धड़कन में तू है,
मेरे ज़हन में, हर पल में तू है,
भूलना तुझे नामुमकिन सा लगता है,
मेरी हर खुशी की वजह तू है।

वो पहली मोहब्बत की कशिश अनमोल थी,
तेरी हर बात मेरे लिए एक खोल थी,
आज भी वो लम्हे याद आते हैं,
जब हम साथ थे और दुनिया गोल थी।

पहली मोहब्बत का ये जादू, लाजवाब,
हर पल रहता है उसका ही जवाब,
जब भी याद आते हैं वो मीठे पल,
खिल जाता है दिल का हर गुलाब।

पहली मोहब्बत की वो महक, सुहानी,
हर लम्हे में बसी उसकी कहानी,
आंखें मूंदूं तो चेहरा तेरा दिखता है,
तू ही मेरी ज़िंदगी की रानी।

वो पहली मोहब्बत, वो जज़्बात, वो एहसास,
आज भी मेरे दिल के हैं कितने पास,
कभी भूल ना पाऊंगा उन लम्हों को,
तू ही है मेरी हर खुशी की आस।

Pehli Mohabbat Shayari 2 Line | पहली मोहब्बत शायरी 2 लाइन

पहली मोहब्बत का एहसास ही अलग होता है,
दिल उसे कभी भूला नहीं पाता है।

वो पहली नज़र, वो पहली आहट,
आज भी दिल में बसती है उसकी चाहत।

पहली मोहब्बत की यादें पुरानी हैं,
मगर आज भी लगती हैं सुहानी हैं।

कैसे भुला दूं वो पहली मुलाकात,
जब बदल गई थी मेरी हर बात।

पहली मोहब्बत, पहला दिल का करार,
आज भी करता है दिल उसको ही प्यार।

तेरी पहली मोहब्बत ने जीना सिखाया,
हर लम्हे को खूबसूरत बनाया।

वो पहली मोहब्बत का जादू गहरा,
हर तरफ बस तेरा ही चेहरा।

पहली मोहब्बत थी वो मेरी जान,
आज भी देता है दिल उसे ही मान।

यादों में बसी है पहली सी चाहत,
मिल जाए वो तो मिले दिल को राहत।

पहली मोहब्बत का ये कैसा नशा,
उतरता ही नहीं कभी इसका मज़ा।

वो पहली नज़र का प्यार ही कुछ और था,
सारा संसार मेरा उसमे ही शोर था।

पहली मोहब्बत दिल में बस जाती है,
हर सांस में उसकी खुशबू आती है।

तेरी पहली मोहब्बत थी मेरी कहानी,
जिसे सुन कर आंखें हुई पानी पानी।

पहला प्यार, पहली ख्वाहिश थी तू,
आज भी मेरे दिल की आरज़ू है तू।

वो पहली मोहब्बत, वो जज़्बात प्यारे,
आज भी याद आते हैं वो दिन हमारे।

पहली मोहब्बत का रंग फीका न पड़ा,
आज भी दिल में उसका प्यार है खड़ा।

कैसे भूल पाऊं वो पहला दिल का करार,
जिसने सिखाया जीने का असली सार।

पहली मोहब्बत की आहट याद आती है,
जब भी तन्हाई मुझे सताती है।

वो पहली मोहब्बत, वो दिल का ठहराव,
आज भी मेरे दिल में है उसका स्वभाव।

तेरी पहली मोहब्बत थी मेरी जान से प्यारी,
आज भी है वो याद मेरी दुलारी।

पहली मोहब्बत की बात अलग थी,
हर चीज़ उसमें एक कसक थी।

वो पहला प्यार, वो पहला इज़हार,
आज भी मेरा दिल है उसका तलबगार।

पहली मोहब्बत का मौसम सुहाना था,
हर पल बस तेरा ही गाना था।

कैसे बताऊं उस पहले प्यार की कहानी,
जो बन गई है मेरी ज़िंदगी की निशानी।

पहली मोहब्बत ने दिया दिल को सुकून,
आज भी चलता है उसी का जुनून।

Pehli Mohabbat Shayari Sad | पहली मोहब्बत सैड मोहब्बत शायरी

पहली मोहब्बत का दर्द गहरा होता है,
भूलना चाहो तो भी भुलाया नहीं जाता है,
वो यादें बनकर रह जाती हैं दिल में,
जो हर लम्हा हमको तड़पाता है।

क्या खूब थी वो पहली मोहब्बत हमारी,
जो अधूरी रह गई, ओ मेरे प्यारी,
काश फिर से वो दिन लौट आते,
जब हम साथ थे और दुनिया थी न्यारी।

पहली मोहब्बत का गम क्या कम था,
जब तू छोड़ गया, तो दिल मेरा नम था,
आज भी वही उदासी है मेरे चेहरे पर,
तेरी यादों में मेरा हर पल हर दम था।

पहली मोहब्बत ने रुलाया मुझे इतना,
के आज भी आंखें हैं मेरी इतनी,
ज़िंदगी का हर रंग फीका लगता है,
जब याद आता है तेरा वो छोड़ जाना अपना।

वो पहली मोहब्बत जो मुकम्मल न हुई,
दिल में एक खाली जगह छोड़ गई,
कितने भी चाहने वाले आ जाएं,
उनकी जगह कोई और न ले सकी।

तेरी पहली मोहब्बत ने दिया इतना दर्द,
के अब कोई प्यार नहीं लगता है ज़र्द,
कैसे जीऊंगा तेरी यादों के सहारे,
जब हर पल रहता है दिल ये सर्द।

पहली मोहब्बत का कैसा अंजाम हुआ,
के दिल ने तेरे लिए रोना ही काम हुआ,
तू चला गया और मैं अकेली रह गई,
मेरी दुनिया में अब बस तेरा ही नाम हुआ।

कैसे भुला दूं वो पहली मोहब्बत अपनी,
जो बन गई है मेरी आंखों की रौशनी,
अब तो बस अंधेरा ही अंधेरा है,
और मेरी हर दुआ है अब अधूरी।

पहली मोहब्बत की कहानी अधूरी रह गई,
मेरी आंखें तेरे इंतजार में तरसती रह गई,
तू लौट कर आया नहीं अब तक,
और ज़िंदगी ऐसे ही बिखरती रह गई।

वो पहली मोहब्बत, वो पहला धोखा,
जिसने मेरे दिल को इतना रोता देखा,
अब तो हर रिश्ते से डर लगता है,
कहीं फिर न हो जाए ये दिल अकेला।

पहली मोहब्बत का सफर था सुहाना,
पता न था कि दिल को है रुलाना,
तेरी यादों में हर पल खोया रहता हूं,
और ज़िंदगी का ज़हर पी रहा हूं।

तेरी पहली मोहब्बत ने सिखाया ये दर्द,
के कैसे जीना है अब बिन तेरे हमदर्द,
हर रात तेरी यादों में गुज़रती है,
जैसे कोई भूली हुई धुन बजती है।

पहली मोहब्बत का साया जब पड़ता है,
तो दिल की गहराई में दर्द बढ़ता है,
तू दूर चला गया, बस यादें रह गईं,
हर लम्हा तेरा इंतज़ार करता है।

वो पहला प्यार, वो पहली भूल,
जिसने मेरे दिल को बना दिया धूल,
अब तो बस राख ही राख है बाकी,
और हर खुशी रही है बेकसूर।

पहली मोहब्बत का ज़िक्र जब भी होता है,
दिल मेरा अचानक से रोने लगता है,
वो बेवाफाई, वो दूरी, वो दर्द,
हर घाव फिर से ताज़ा होता है।

क्या करूं इस पहली मोहब्बत का,
जिसने जीना ही मुश्किल कर दिया,
हर खुशी से मुंह मोड़ लिया,
जब से तूने मुझे अकेला छोड़ दिया।

पहली मोहब्बत का गम भुलाया न जाए,
चाहे कितनी भी कोशिशें की जाएं,
वो तो दिल के हर कोने में बसा है,
कैसे उसे बाहर निकाला जाए।

तेरी पहली मोहब्बत एक ज़ख्म गहरा है,
जो आज भी मेरे दिल में लहरा है,
हर सुबह उसकी याद दिलाती है,
कितना अकेला मेरा सवेरा है।

वो पहली मोहब्बत, वो मेरी कहानी,
जो बन गई है अब आंखों का पानी,
जीने की ख्वाहिश अब बाकी नहीं,
जब से तू बना परदेसी अनजानी।

पहली मोहब्बत का अफ़सोस रहता है,
क्यूँ उसे पाया, क्यूँ खोया जाता है,
काश वो पल लौट आते फिर से,
जब मेरा हाथ तेरे हाथ आता है।

जो दर्द पहली मोहब्बत ने दिया,
वो किसी और ने नहीं दिया,
कैसे जी रहा हूं मैं इस हाल में,
ये रब को भी पता नहीं दिया।

पहली मोहब्बत की आहट से डर लगता है,
क्यूँ फिर से दिल ये मचलने लगता है,
मालूम है कि फिर से टूटना है मुझको,
पर दिल है के मानता नहीं है।

वो पहली मोहब्बत, वो टूटा हुआ ख्वाब,
दिल मेरा आज भी देता है उसका जवाब,
हर आंसू में उसकी तस्वीर दिखती है,
मैं कितना तन्हा हूं, बेहिसाब।

पहली मोहब्बत ने क्या क्या सिखाया,
गम सहना, अकेले में आंसू बहाना,
काश उस दिन ये दिल न लगा होता,
तो आज इतना दर्द न पाया होता।

तेरी पहली मोहब्बत की यादें जब आती हैं,
तो आंखें मेरी फिर से भर आती हैं,
काश तू होता मेरे साथ इस पल में,
पर अब तो बस ये यादें ही सताती हैं।

Pehli Mohabbat Shayari On Life | पहली मोहब्बत शायरी ऑन लाइफ

पहली मोहब्बत जीवन का वो अध्याय है,
जो सिखाता है हमें हर राग और लय है,
कभी हंसाता है, कभी रुलाता है,
पर जीने का असली मतलब समझाता है।

ज़िंदगी की राह में पहली मोहब्बत,
एक खूबसूरत मोड़ है, एक चाहत,
भले ही वो मिले या न मिले हमें,
पर जीने का देती है नया अंदाज़, ये हकीकत।

पहली मोहब्बत से सीखा है मैंने जीना,
हर लम्हे को दिल से लगाकर पीना,
चाहे गम मिले या खुशी का हर पल,
ज़िंदगी को समझना है हर पल का सीना।

ज़िंदगी की किताब का पहला पन्ना है,
जो पहली मोहब्बत का किस्सा है,
हर दर्द, हर खुशी, हर याद,
सब कुछ उसी का हिस्सा है।

पहली मोहब्बत से ज़िंदगी संवर जाती है,
हर अंधियारी रात सहर जाती है,
भले ही वो साथ न रहे उम्र भर,
पर उसकी याद हमेशा ठहर जाती है।

वो पहली मोहब्बत, ज़िंदगी का सबक,
जो देता है हमें हर मुश्किल का ढब,
टूटने के बाद भी जीना सिखाती है,
और हर दर्द में मुस्कुराना बताती है।

ज़िंदगी को जिसने पहली बार देखा,
वो था मेरी पहली मोहब्बत का रेखा,
हर ख्वाहिश, हर सपना उसके नाम था,
जिसे आज भी दिल में मैंने समेटा।

पहली मोहब्बत ने ज़िंदगी को एक नया रंग दिया,
हर चीज़ को देखने का नया ढंग दिया,
कभी खुशी मिली, कभी मिले आंसू,
पर हर दर्द को भी हंसकर सहना सिखाया।

ज़िंदगी की सच्चाई पहली मोहब्बत ने बताई,
के प्यार कितना गहरा हो सकता है, ये सिखाई,
भले ही वो चली गई मेरी राहों से,
पर आज भी उसकी यादों में रातें कटाई।

पहली मोहब्बत ज़िंदगी का एक इम्तिहान है,
जो सिखाता है हमें प्यार का सही मान है,
कभी मिलती है तो कभी बिछड़ जाती है,
पर उसकी यादें हमेशा रहती जवान है।

ज़िंदगी में पहली मोहब्बत वो चांद है,
जो चाहे दूर हो, पर देता है आनंद,
उसकी रौशनी में ही जीना सीख लिया,
अपने हर गम को सहना सीख लिया।

पहली मोहब्बत ज़िंदगी को बदल देती है,
हर सादे दिन को रंगीन कर देती है,
चाहे दर्द मिले या खुशी का पैगाम,
हर एहसास को गहरा कर देती है।

ज़िंदगी का सफर पहली मोहब्बत से शुरू हुआ,
जिसमें हर ख्वाब मेरा उससे जुड़ा हुआ,
आज भी वो यादें हैं दिल में ताज़ा,
जैसे कोई गीत अनसुना हुआ।

पहली मोहब्बत ने ज़िंदगी को संभलना सिखाया,
हर मुश्किल में मुस्कुराना बताया,
भले ही वो अब मेरे पास नहीं,
पर हर पल उसकी यादों में बिताया।

ज़िंदगी का हिस्सा है पहली मोहब्बत का असर,
जो कभी धुंधला नहीं होता, कभी नहीं बसर,
वो तो हमेशा दिल में रहती है,
जैसे कोई अनमोल मोती, कोई गहरा कसर।

पहली मोहब्बत एक शिक्षा है ज़िंदगी की,
जो सिखाती है हमें हर दर्द की बारीकी,
खुशी में हंसना और गम में रोना,
हर चीज़ में प्यार की है ये तस्वीर की।

ज़िंदगी की हर सुबह, हर शाम,
पहली मोहब्बत के नाम है मेरा पैगाम,
भले ही वो अब नहीं मेरे साथ,
पर उसकी यादों में ही गुज़रे हर काम।

पहली मोहब्बत, ज़िंदगी का अनमोल रत्न,
जो सिखाता है हमें हर खुशी का प्रयत्न,
चाहे कितना भी दूर चला जाए वो,
पर उसका एहसास रहता है अविस्मरणीय।

ज़िंदगी की राहों में पहली जो मोहब्बत मिली,
वो फूलों की तरह मेरे दिल में खिली,
आज भी उसकी खुशबू आती है,
भले ही वो डाली से कहीं भी चली।

पहली मोहब्बत से ज़िंदगी को पहचान मिली,
दर्द सहने की मुझको एक नई ठान मिली,
भले ही वो साथ न रहा मेरे,
दिल को जीने की एक नई उड़ान मिली।

ज़िंदगी के हर पल में बसी है वो याद,
जो मेरी पहली मोहब्बत के बाद,
आज भी दिल में उसकी ही तस्वीर है,
जैसे कोई खूबसूरत सा फरियाद।

पहली मोहब्बत ने ज़िंदगी को एक राह दिखाई,
कैसे जीना है, ये बात सिखाई,
भले ही आज वो दूर है हमसे,
पर उसके प्यार में जीना ही समझ आई।

ज़िंदगी का सार है पहली मोहब्बत का प्यार,
जो बना देता है हर मुश्किल को आसान,
कभी आंसू, कभी मुस्कान देता है,
पर हर दर्द को देता है एक नया नाम।

पहली मोहब्बत का असर ही अनोखा है,
जो ज़िंदगी को एक नया मौका देता है,
भले ही वो टूट जाए कभी,
पर जीना सिखाती है, सच यही कहता है।

ज़िंदगी की कहानी में पहली मोहब्बत का भाग,
जो बन जाता है दिल का एक अनमोल दाग,
कभी उसे भूलना मुश्किल होता है,
और हर लम्हे में उसकी ही लगती है आग।

Pehli Mohabbat Shayari Jaun Elia | पहली मोहब्बत शायरी जॉन एलिया

जो भी कहो, वो पहली मोहब्बत का नशा था,
जॉन एलिया कहते हैं, वो सच ही खासा था,
क्या हुआ अगर वो साथ नहीं है अब,
पर दिल में उसका ही चेहरा बसा था।

ये जो पहली मोहब्बत का रोग है,
जॉन एलिया भी कहते थे, संयोग है,
कोई इसे दिल से कैसे मिटाए,
जब ये रूह में बस जाता है, तो वियोग है।

जॉन एलिया की शायरी सी गहरी है,
वो पहली मोहब्बत की याद मेरी है,
कितने भी जतन कर लो बुलाने के,
वो तो हमेशा दिल में ठहरी है।

वो पहली मोहब्बत, वो पहली कसक,
जॉन एलिया ने कहा था, उसकी महक,
भला कैसे भूला दे कोई उसको,
जब दिल में बसी हो उसकी हर झलक।

पहली मोहब्बत, एक अजीब दास्तान है,
जॉन एलिया कहते थे, ये कोई इम्तिहान है,
जो भी गुजरा इससे, वो टूटा जरूर,
पर जिंदगी का देता है ये नया सम्मान है।

जॉन एलिया ने लिखा है हर बात, हर दर्द,
पहली मोहब्बत में होता है इंसान ज़र्द,
नाराजगी, बेवफाई, फिर भी चाहत,
ये इश्क़ क्या चीज़ है, बड़ी ही सर्द।

वो पहली मोहब्बत का क्या कहना,
जॉन एलिया ने कहा था, हर पल सहना,
यादें तो रह जाती हैं दिल में हमेशा,
भले ही न मिले कभी फिर से गहना।

जॉन एलिया की नज़्मों सी मासूम,
वो मेरी पहली मोहब्बत की धूम,
भले ही अब वो नहीं मेरे साथ,
पर उसकी यादों में दिल है घूम।

पहली मोहब्बत का ज़िक्र जब भी हो,
जॉन एलिया की शायरी की बात हो,
दिल में एक अजीब सी हलचल होती है,
जैसे फिर से हुई हो कोई मुलाकात हो।

जॉन एलिया कहते थे, ये पहला प्यार,
बड़ा ही अजीब है इसका हर वार,
कभी खुशी दे, कभी गम में डुबाए,
और करता है दिल को हरदम बेज़ार।

वो पहली मोहब्बत, एक अनकही कहानी,
जॉन एलिया ने समझा, उसकी रवानी,
हर लम्हे में उसका अहसास जीता है,
बनकर मेरे जीवन की अमर निशानी।

जॉन एलिया ने भी सोचा होगा ये,
पहली मोहब्बत क्यों इतनी जुदा होती है,
मिलती नहीं, पर याद रह जाती है,
जैसे कोई अधूरी सी ख़ुदा होती है।

पहली मोहब्बत, एक मीठा ज़हर है,
जॉन एलिया कहते थे, इसका कहर है,
जो भी इसकी चपेट में आ जाए,
उसकी ज़िंदगी में फिर बस कहर ही कहर है।

जॉन एलिया ने भी लिखा होगा उस पर,
पहली मोहब्बत के मीठे से सफर पर,
जो छूट जाए हाथों से तो क्या हुआ,
पर दिल में रहती है हमेशा उम्र भर।

वो पहली मोहब्बत का रंग ही अलग है,
जॉन एलिया ने कहा, हर बात में कसक है,
भूल जाना उसे नामुमकिन है यार,
क्यूँके दिल में उसने गहरी अपनी जगह रची है।

जॉन एलिया की शायरी में भी ये बात मिलेगी,
पहली मोहब्बत की कहानी ज़रूर ढलेगी,
चाहे जुदा हो जाएं राहें जीवन की,
पर याद उसकी हमेशा साथ चलेगी।

पहली मोहब्बत का वो नाज़ुक सा रिश्ता,
जॉन एलिया ने कहा, सच्चा है फरिश्ता,
जो एक बार दिल में उतर जाए,
तो फिर कभी दिल से मिटता नहीं उसका रिश्ता।

जॉन एलिया कहते थे, अजीब ये इत्तेफाक,
पहली मोहब्बत में दिल होता है साफ,
ना कोई छल, ना कोई कपट,
बस होता है एक सच्चा सा प्यार।

वो पहली मोहब्बत, वो मासूमियत का दौर,
जॉन एलिया ने लिखा, उसका था ज़ोर,
आज भी याद आती है उसकी हर अदा,
और दिल करता है उसी की और।

जॉन एलिया की शायरी में दर्द था,
पहली मोहब्बत का हर किस्सा सर्द था,
जो बिछड़ गए, वो फिर न मिले,
बस दिल में उसकी यादों का दर्द था।

पहली मोहब्बत, एक गहरा घाव है,
जॉन एलिया कहते थे, ये स्वभाव है,
जो दिल में उतर जाए एक बार,
तो फिर हमेशा देता रहता है ठहराव है।

जॉन एलिया ने कहा था, क्या है ये प्यार,
पहला प्यार तो बस है एक इज़हार,
जिसे भूलना मुश्किल हो जाए,
और हर लम्हा करता है तेरा इंतज़ार।

वो पहली मोहब्बत, वो पहली लगन,
जॉन एलिया ने जाना, उसकी चुभन,
भले ही वो मिले या न मिले,
दिल में रहती है उसकी हर उलझन।

जॉन एलिया ने लिखा है वो सच्चाई,
पहली मोहब्बत में होती है रुसवाई,
पर उसकी यादों में जीना भी तो है,
एक खूबसूरत सी परछाई।

पहली मोहब्बत, एक अनमोल हसीन,
जॉन एलिया कहते थे, उसका यकीन,
दिल चाहे किसी को भी दे दो,
पर वो पहली वाली दिल में सदा रहती नवीन।

Meri Pehli Mohabbat Shayari | मेरी पहली मोहब्बत शायरी

मेरी पहली मोहब्बत का ज़िक्र जब भी होता है,
दिल मेरा खुशी से झूम उठता है,
भले ही वो आज मेरे साथ नहीं,
पर उसकी याद में मेरा हर पल जीता है।

वो मेरी पहली मोहब्बत थी, मेरा पहला ख्वाब,
तू ही थी मेरी हर खुशी का जवाब,
आज भी तेरी यादों का समंदर है दिल में,
रह गया बस तेरा ही हिसाब।

कैसे भुला दूँ वो पहली मुलाकात,
जब हुई थी हमारी बातों की शुरुआत,
वो दिलबर, वो महबूब, वो ख्वाबों की रात,
हर लम्हा है यादगार, हर बात।

मेरी पहली मोहब्बत ने सिखाया सब कुछ,
जीना, मरना, हंसना और ये सब कुछ,
तेरी यादों से ये दिल भर जाता है,
तुझसे ही मेरी हर धड़कन है मजबूत।

वो पहली नज़र का प्यार ही कुछ और था,
सारा संसार मेरा उसमें ही शोर था,
तेरी आंखों में खो कर मैंने पाया था,
एक मीठा सा, अनकहा सा ज़ोर था।

मेरी पहली मोहब्बत का असर गहरा था,
हर तरफ बस तेरा ही चेहरा था,
वो मुस्कान, वो बातें, वो अंदाज़,
आज भी दिल में उसका ही डेरा था।

जब पहली बार मिला था, मेरा दिल बोला,
खो गया हूं मैं, ये राज़ हर पल खोला,
वो अहसास था कुछ ऐसा प्यारा,
तूने मेरे जीवन में एक नया रंग घोला।

मेरी पहली मोहब्बत, मेरा पहला सावन,
मेरा हर मौसम, हर दिन, हर पावन,
तेरी यादें आज भी दिल में बस्ती हैं,
जैसे कोई मधुर गीत हो मनभावन।

कैसे भूल जाऊं वो पहली सी चाहत,
जो आज भी देती है मेरे दिल को राहत,
भले ही दूर हो गया हो वो मंजर,
याद आती है उसकी हर शरारत।

मेरी पहली मोहब्बत की खुशबू अलग है,
हर सांस में तेरी याद बसी हुई है,
चाहे कितनी भी दूर चले जाओ तुम,
मेरे दिल में तेरी तस्वीर सजी हुई है।

वो पहली मोहब्बत की मासूम अदा,
आज भी मेरे दिल पर है वो खुदा,
ना जाने क्यूँ ये दिल है बेकरार,
जैसे फिर से हो गया हो उससे प्यार।

मेरी पहली मोहब्बत का रंग ही कुछ निराला है,
दिल पर उसने एक गहरा निशान डाला है,
भूलना चाहा भी तो भूल न पाया मैं,
हर याद में उसकी झलक को संभाला है।

जब पहली मोहब्बत हुई थी मुझे,
हर पल बस तेरा ही इंतज़ार था मुझे,
ना भूख लगी, ना प्यास लगी, ना नींद आई,
बस एक ही चेहरा दिखता था मुझे।

मेरी पहली मोहब्बत का जादू, कितना गहरा है,
हर तरफ बस उसी का चेहरा है,
वो मुस्कान, वो बातें, वो अंदाज़,
आज भी दिल में उसका ही डेरा है।

वो पहली मोहब्बत की बरसात, याद है,
हर बूंद में उसकी ही सौगात, याद है,
कैसे थम जाता था सारा जहान,
जब हम मिलते थे, वो हर बात याद है।

मेरी पहली मोहब्बत की आग जब जलती है,
तो ज़िंदगी रौशनी से भर जाती है,
हर मुश्किल आसान लगने लगती है,
जब हाथों में हाथ की गर्माहट आ जाती है।

मेरी पहली मोहब्बत, मेरा पहला ख्वाब,
तू ही थी मेरी हर खुशी का जवाब,
आज भी दिल में तेरी यादों का समंदर,
रह गया बस तेरा ही हिसाब।

मेरी पहली मोहब्बत का ये कैसा फसाना है,
हर पल तेरी याद में खो जाना है,
जीना मुश्किल है तेरे बिना अब तो,
तुझी से तो दिल का रिश्ता पुराना है।

मेरी पहली मोहब्बत की खुशबू जब आती है,
तो आंखें बंद होकर मुस्कुराती हैं,
वो मासूम सी बातें, वो शरारतें,
आज भी मेरे दिल को भाती हैं।

कैसे भुला दूँ वो पहली बार का प्यार,
जब दिल ने दिया था तुझको इकरार,
वो दिन, वो रातें, वो मुलाक़ातें सारी,
आज भी करती हैं मेरा इंतज़ार।

मेरी पहली मोहब्बत की हर धड़कन में तू है,
मेरे ज़हन में, हर पल में तू है,
भूलना तुझे नामुमकिन सा लगता है,
मेरी हर खुशी की वजह तू है।

वो पहली मोहब्बत की कशिश अनमोल थी,
तेरी हर बात मेरे लिए एक खोल थी,
आज भी वो लम्हे याद आते हैं,
जब हम साथ थे और दुनिया गोल थी।

मेरी पहली मोहब्बत का ये जादू, लाजवाब,
हर पल रहता है उसका ही जवाब,
जब भी याद आते हैं वो मीठे पल,
खिल जाता है दिल का हर गुलाब।

मेरी पहली मोहब्बत की वो महक, सुहानी,
हर लम्हे में बसी उसकी कहानी,
आंखें मूंदूं तो चेहरा तेरा दिखता है,
तू ही मेरी ज़िंदगी की रानी।

वो पहली मोहब्बत, वो जज़्बात, वो एहसास,
आज भी मेरे दिल के हैं कितने पास,
कभी भूल ना पाऊंगा उन लम्हों को,
तू ही है मेरी हर खुशी की आस।

Jaun Elia Pehli Mohabbat Shayari | जॉन एलिया पहली मोहब्बत शायरी

जो भी कहो, वो पहली मोहब्बत का नशा था,
जॉन एलिया कहते हैं, वो सच ही खासा था,
क्या हुआ अगर वो साथ नहीं है अब,
पर दिल में उसका ही चेहरा बसा था।

ये जो पहली मोहब्बत का रोग है,
जॉन एलिया भी कहते थे, संयोग है,
कोई इसे दिल से कैसे मिटाए,
जब ये रूह में बस जाता है, तो वियोग है।

जॉन एलिया की शायरी सी गहरी है,
वो पहली मोहब्बत की याद मेरी है,
कितने भी जतन कर लो बुलाने के,
वो तो हमेशा दिल में ठहरी है।

वो पहली मोहब्बत, वो पहली कसक,
जॉन एलिया ने कहा था, उसकी महक,
भला कैसे भूला दे कोई उसको,
जब दिल में बसी हो उसकी हर झलक।

पहली मोहब्बत, एक अजीब दास्तान है,
जॉन एलिया कहते थे, ये कोई इम्तिहान है,
जो भी गुजरा इससे, वो टूटा जरूर,
पर जिंदगी का देता है ये नया सम्मान है।

जॉन एलिया ने लिखा है हर बात, हर दर्द,
पहली मोहब्बत में होता है इंसान ज़र्द,
नाराजगी, बेवफाई, फिर भी चाहत,
ये इश्क़ क्या चीज़ है, बड़ी ही सर्द।

वो पहली मोहब्बत का क्या कहना,
जॉन एलिया ने कहा था, हर पल सहना,
यादें तो रह जाती हैं दिल में हमेशा,
भले ही न मिले कभी फिर से गहना।

जॉन एलिया की नज़्मों सी मासूम,
वो मेरी पहली मोहब्बत की धूम,
भले ही अब वो नहीं मेरे साथ,
पर उसकी यादों में दिल है घूम।

पहली मोहब्बत का ज़िक्र जब भी हो,
जॉन एलिया की शायरी की बात हो,
दिल में एक अजीब सी हलचल होती है,
जैसे फिर से हुई हो कोई मुलाकात हो।

जॉन एलिया कहते थे, ये पहला प्यार,
बड़ा ही अजीब है इसका हर वार,
कभी खुशी दे, कभी गम में डुबाए,
और करता है दिल को हरदम बेज़ार।

वो पहली मोहब्बत, एक अनकही कहानी,
जॉन एलिया ने समझा, उसकी रवानी,
हर लम्हे में उसका अहसास जीता है,
बनकर मेरे जीवन की अमर निशानी।

जॉन एलिया ने भी सोचा होगा ये,
पहली मोहब्बत क्यों इतनी जुदा होती है,
मिलती नहीं, पर याद रह जाती है,
जैसे कोई अधूरी सी ख़ुदा होती है।

पहली मोहब्बत, एक मीठा ज़हर है,
जॉन एलिया कहते थे, इसका कहर है,
जो भी इसकी चपेट में आ जाए,
उसकी ज़िंदगी में फिर बस कहर ही कहर है।

जॉन एलिया ने भी लिखा होगा उस पर,
पहली मोहब्बत के मीठे से सफर पर,
जो छूट जाए हाथों से तो क्या हुआ,
पर दिल में रहती है हमेशा उम्र भर।

वो पहली मोहब्बत का रंग ही अलग है,
जॉन एलिया ने कहा, हर बात में कसक है,
भूल जाना उसे नामुमकिन है यार,
क्यूँके दिल में उसने गहरी अपनी जगह रची है।

जॉन एलिया की शायरी में भी ये बात मिलेगी,
पहली मोहब्बत की कहानी ज़रूर ढलेगी,
चाहे जुदा हो जाएं राहें जीवन की,
पर याद उसकी हमेशा साथ चलेगी।

पहली मोहब्बत का वो नाज़ुक सा रिश्ता,
जॉन एलिया ने कहा, सच्चा है फरिश्ता,
जो एक बार दिल में उतर जाए,
तो फिर कभी दिल से मिटता नहीं उसका रिश्ता।

जॉन एलिया कहते थे, अजीब ये इत्तेफाक,
पहली मोहब्बत में दिल होता है साफ,
ना कोई छल, ना कोई कपट,
बस होता है एक सच्चा सा प्यार।

वो पहली मोहब्बत, वो मासूमियत का दौर,
जॉन एलिया ने लिखा, उसका था ज़ोर,
आज भी याद आती है उसकी हर अदा,
और दिल करता है उसी की और।

जॉन एलिया की शायरी में दर्द था,
पहली मोहब्बत का हर किस्सा सर्द था,
जो बिछड़ गए, वो फिर न मिले,
बस दिल में उसकी यादों का दर्द था।

पहली मोहब्बत, एक गहरा घाव है,
जॉन एलिया कहते थे, ये स्वभाव है,
जो दिल में उतर जाए एक बार,
तो फिर हमेशा देता रहता है ठहराव है।

जॉन एलिया ने कहा था, क्या है ये प्यार,
पहला प्यार तो बस है एक इज़हार,
जिसे भूलना मुश्किल हो जाए,
और हर लम्हा करता है तेरा इंतज़ार।

वो पहली मोहब्बत, वो पहली लगन,
जॉन एलिया ने जाना, उसकी चुभन,
भले ही वो मिले या न मिले,
दिल में रहती है उसकी हर उलझन।

जॉन एलिया ने लिखा है वो सच्चाई,
पहली मोहब्बत में होती है रुसवाई,
पर उसकी यादों में जीना भी तो है,
एक खूबसूरत सी परछाई।

पहली मोहब्बत, एक अनमोल हसीन,
जॉन एलिया कहते थे, उसका यकीन,
दिल चाहे किसी को भी दे दो,
पर वो पहली वाली दिल में सदा रहती नवीन।

Mujhse Pehli Mohabbat Shayari | मुझसे पहली मोहब्बत शायरी

मुझसे पहली मोहब्बत का एहसास कितना प्यारा था,
हर लम्हा उसका मेरे दिल में बंजारा था,
आज भी जब याद आती हैं वो बातें पुरानी,
लगता है मेरा दिल फिर से उसको पुकारा था।

जो मुझसे पहली मोहब्बत मिली थी कभी,
उसने मेरी दुनिया बदल दी थी सभी,
आज भी उसकी यादें हैं दिल में ताज़ा,
जैसे हो मेरे पास उसकी नई तस्वीर अभी।

मुझसे पहली मोहब्बत वो ऐसी थी,
जैसे ज़िंदगी की कोई कहानी वैसी थी,
हर पल उसके साथ जीने की ख्वाहिश,
मेरी हर खुशी, मेरी हंसी उसी से बसी थी।

मेरी मुझसे पहली मोहब्बत का रंग अनोखा,
कभी न दिया उसने मुझे कोई धोखा,
भले ही अब वो पास नहीं मेरे,
पर दिल में उसके लिए है एक अनमोल मौका।

जब मुझसे पहली मोहब्बत हुई थी मुझको,
हर पल बस तेरा ही इंतज़ार था मुझको,
ना भूख लगी, ना प्यास लगी, ना नींद आई,
बस एक ही चेहरा दिखता था मुझको।

मुझसे पहली मोहब्बत की बात ही क्या है,
हर सांस में उसकी खुशबू यहां है,
चाहे कितनी भी दूर चले जाओ तुम,
मेरे दिल में तेरी तस्वीर सजी हुई है, वहां है।

वो मुझसे पहली मोहब्बत की मेरी कहानी,
जिसने मेरी आंखें कर दी पानी पानी,
आज भी तन्हाई जब सताती है मुझे,
याद आती है उसकी वो शैतानी।

मुझसे पहली मोहब्बत का ज़िक्र जब भी हो,
दिल में एक अजीब सी हलचल हो,
जैसे फिर से हुई हो कोई मुलाकात हो,
और हर पल उसकी ही बात हो।

वो मुझसे पहली मोहब्बत का एहसास गहरा,
जिसने दिल में बनाया अपना डेरा,
हर तरफ बस उसी की रौशनी थी,
मेरे अंधेरे जीवन में वो ही था मेरा सवेरा।

मुझसे पहली मोहब्बत ने जीना सिखाया,
हर मुश्किल में मुस्कुराना बताया,
भले ही वो अब मेरे पास नहीं,
पर हर पल उसकी यादों में बिताया।

मेरी मुझसे पहली मोहब्बत ही ऐसी थी,
जिसने दिल को दी एक अनमोल खुशी,
भूलना उसे नामुमकिन सा लगता है,
आज भी वो दिल में है यूं बसी।

मुझसे पहली मोहब्बत का ज़हर भी था मीठा,
जब हर पल मैं था उसका ही दीठा,
आज भी उसकी यादें आती हैं,
जैसे कोई भूला हुआ गीत हो वो सीठा।

वो मुझसे पहली मोहब्बत का जादू,
जिसने कर दिया मुझे बेकाबू,
हर पल उसकी धुन में खोया रहता हूं,
जैसे मैं हो गया हूं कोई साधू।

मुझसे पहली मोहब्बत की हर निशानी,
आज भी बन जाती है मेरी कहानी,
जब भी मैं लिखता हूं कुछ भी,
तो हर लफ्ज़ में होती है उसकी रवानी।

मेरी मुझसे पहली मोहब्बत ही सबक थी,
जो सिखा गई मुझे जीने की हर तबक थी,
आज भी उसकी यादों में खोया रहता हूं,
जैसे मेरा दिल उसके नाम एक दबक थी।

मुझसे पहली मोहब्बत का एहसास सुहाना,
जो बन गया है दिल का गाना,
हर दर्द में भी खुशी मिलती है मुझको,
जब उसकी याद आता है पुराना फसाना।

वो मुझसे पहली मोहब्बत, वो जज़्बात प्यारे,
आज भी याद आते हैं वो दिन हमारे,
जब हम साथ थे और दुनिया अपनी,
और हर पल थे हम एक दूसरे के सहारे।

मुझसे पहली मोहब्बत की ये कैसी है चोट,
जो आज भी दिल में देती है एक खोट,
भले ही वो अब नहीं है मेरे साथ,
पर उसकी यादों में दिल को मिलती है ओट।

मेरी मुझसे पहली मोहब्बत ने जगाया है,
मुझे ज़िंदगी का असली रंग दिखाया है,
भले ही दर्द मिला उसने मुझे,
पर हर दर्द में भी जीना सिखाया है।

मुझसे पहली मोहब्बत की हर बात निराली,
जिसने मेरी ज़िंदगी को कर दिया था खुशहाली,
आज भी वही एहसास है दिल में बाकी,
जैसे कोई खूबसूरत सी हो डाली।

वो मुझसे पहली मोहब्बत का वो दिन,
जब मैंने जाना था प्यार का यकीन,
आज भी दिल में वो धड़कनें तेज हैं,
जैसे फिर से हो गया हो कहीं वो दिन।

मुझसे पहली मोहब्बत का क्या करूं बखान,
जिसने मेरे दिल को दिया एक नया गान,
आज भी उसकी यादों में खोया रहता हूं,
जैसे मेरा दिल हो उसका ही मेहमान।

मेरी मुझसे पहली मोहब्बत ने मुझे बनाया,
हर खुशी, हर गम में जीना सिखाया,
आज भी उसकी यादों में रहता हूं,
जैसे उसका ही मैं पराया।

मुझसे पहली मोहब्बत की हर आहट,
आज भी देती है मेरे दिल को राहत,
तू भले ही दूर हो गई हो अब,
पर तेरी यादों में ही है मेरी चाहत।

वो मुझसे पहली मोहब्बत, वो प्यारा सा ख्वाब,
जिसने मेरे दिल को दिया था हर जवाब,
आज भी उसकी यादों में रहता हूं,
जैसे उसका ही मैं बेताब।

Uski Pehli Mohabbat Shayari | उसकी पहली मोहब्बत शायरी

उसकी पहली मोहब्बत का रंग ही अलग था,
मेरी निगाहों में उसका हर पल बसता था,
वो मुस्कुराता था जब किसी और के लिए,
तो मेरा दिल अंदर से टूटता बिखरता था।

जिसकी पहली मोहब्बत बनी थी वो,
कितना खुश होगा वो, ये सोचता हूं मैं तो,
काश मैं ही होता उसकी वो पहली चाहत,
काश उसका दिल भी कहता, बस तुम ही हो।

उसकी पहली मोहब्बत की कहानी मशहूर है,
और मेरा दिल इस गम से मजबूर है,
मैंने तो उसे अपना सबकुछ समझा था,
पर वो तो किसी और के प्यार में चूर है।

काश मैं उसकी पहली मोहब्बत होता,
उसकी हर सुबह, हर शाम में बसता,
पर ये तो ज़िंदगी की कड़वी सच्चाई है,
आज भी उसका दिल किसी और के लिए तरसता।

उसकी पहली मोहब्बत ने उसे जीना सिखाया,
और मेरी मोहब्बत ने मुझे तड़पाया,
सारा दिन उसकी यादों में खोया रहता हूं,
जैसे मेरा दिल हो कोई पराया।

उसकी पहली मोहब्बत का एहसास अनोखा,
जो उसके चेहरे पर देता है एक रौशनी का मौका,
मुझे तो बस उसका इंतजार करना है,
भले ही वो किसी और का हो चुका।

वो जिसकी पहली मोहब्बत थी वो,
कितना खुशनसीब होगा, सोचता हूं तो,
काश कभी मेरा नाम भी उसकी जुबां पर आता,
काश वो मुझे भी कहता, बस तुम ही हो।

उसकी पहली मोहब्बत की बातें वो सारी,
आज भी मेरे दिल को करती हैं बेक़रारी,
मैं चाहता हूं उसको मिटाना,
पर उसकी यादें हैं दिल की दुलारी।

उसकी पहली मोहब्बत जब याद आती है,
तो आंखें मेरी नम हो जाती हैं,
कितना मासूम था वो दिल तब,
जब किसी और के लिए वो धड़कनें बहकाती है।

मुझे पता है कि उसकी पहली मोहब्बत हूं नहीं,
पर उसके प्यार का इंतज़ार करता हूं वहीं,
शायद कभी उसका दिल बदल जाए,
और मेरी किस्मत भी बदल जाए कहीं।

उसकी पहली मोहब्बत की खुशबू जब उड़ती है,
तो मेरा दिल एक अजीब सी तड़प से भरती है,
काश मैं ही होता उसका वो पहला प्यार,
जिसके लिए वो हर पल मरती है।

वो उसकी पहली मोहब्बत का हसीन लम्हा,
जो मेरे दिल को हमेशा देता है गम हां,
मैं क्या करूं, ये दिल है मेरा पागल,
जो आज भी उसके लिए रहता है थम हां।

उसकी पहली मोहब्बत थी कोई और,
और मैं बस उसके पीछे भाग रहा था और,
काश मैं भी होता उसकी पहली पसंद,
काश वो कहता, तुम ही हो मेरे दिल के चोर।

उसकी पहली मोहब्बत जब मिलती है कभी,
वो चमक उठती है, मेरी जान जाती है सभी,
ये मंजर देख कर मेरा दिल रोता है,
काश उसका दिल होता मेरे करीब।

उसकी पहली मोहब्बत की यादों में खोया हूं,
रात दिन बस उसी की धुन में सोया हूं,
कैसे समझाऊं इस दिल-ए-नादान को,
के वो किसी और का है, मैं उसे खोया हूं।

उसकी पहली मोहब्बत, एक ऐसा दर्द है,
जो मेरे दिल को कर गया है सर्द है,
मैं चाहता हूं कि वो खुश रहे हमेशा,
भले ही मैं उसके गम में हो जाऊं ज़र्द है।

उसकी पहली मोहब्बत का जादू बड़ा गहरा,
मेरे दिल पर उसका ही साया है ठहरा,
मैं जानता हूं कि वो मेरा नहीं हो सकता,
पर इस दिल पर उसी का राज है गहरा।

वो उसकी पहली मोहब्बत का किस्सा है प्यारा,
जो हर किसी के दिल को लगता है न्यारा,
काश मुझे वो प्यार मिल पाता,
जो उसके जीवन में आया था सारा।

उसकी पहली मोहब्बत, एक अनकहा सा गीत,
जो मेरे दिल को करता है बेचैन, मीत,
मैं चाहता हूं कि वो खुश रहे हमेशा,
उसे कभी न मिले किसी भी तरह का हीत।

उसकी पहली मोहब्बत की कहानी सुनकर,
मेरा दिल हर पल रोता है अंदर,
काश मुझे भी वो प्यार मिल पाता,
काश वो मेरे लिए होता समंदर।

उसकी पहली मोहब्बत, एक गहरा घाव,
जो मेरे दिल को देता है ठहराव,
मैं चाहता हूं कि वो खुश रहे हमेशा,
भले ही मेरा दिल हो अब खाली नाव।

वो उसकी पहली मोहब्बत का अहसास,
जो मेरे दिल को करता है उदास,
मैं चाहता हूं कि वो खुश रहे हमेशा,
भले ही मेरी जिंदगी में न हो वो पास।

उसकी पहली मोहब्बत, एक हसीन सपना,
जो मुझे हर पल करता है अपना,
मैं चाहता हूं कि वो खुश रहे हमेशा,
भले ही मेरा दिल हो किसी और का जपना।

उसकी पहली मोहब्बत, एक अनमोल याद,
जो मेरे दिल को करती है फरियाद,
मैं चाहता हूं कि वो खुश रहे हमेशा,
भले ही मेरा दिल हो अब बर्बाद।

वो उसकी पहली मोहब्बत का वो दिन,
जब मैंने जाना उसका हर एक यकीन,
आज भी मेरा दिल धड़कता है उसी के लिए,
भले ही वो हो गया हो कहीं और लीन।

Tumhari Pehli Mohabbat Shayari | तुम्हारी पहली मोहब्बत शायरी

तुम्हारी पहली मोहब्बत का किस्सा जब सुना,
तो मेरे दिल ने एक अजीब सा दर्द चुना,
काश वो खुशियां तुमने मेरे साथ पाई होती,
जो किसी और के साथ तुमने गुज़ारा गुना।

तुम्हारी पहली मोहब्बत कितनी खूबसूरत थी,
ये बात तुम्हारी आँखों में दिखती थी,
काश मेरा प्यार भी तुम्हें उतना ही प्यारा लगता,
जितना वो पहली मोहब्बत तुम्हें दिखती थी।

तुम्हारी पहली मोहब्बत भले मेरी न थी,
पर मेरे दिल ने तुम्हारा हर पल ही जिया था,
आज भी जब उसकी बात होती है,
तो मेरा दिल एक अजीब सा दर्द लेता था।

तुम्हारी पहली मोहब्बत का रंग ही निराला,
आज भी तुम्हारे दिल पर है वो एक छाला,
मैं जानता हूं कि उसे भूलना मुश्किल है,
पर मैं तुम्हें अपना हर प्यार देना वाला।

तुम्हारी पहली मोहब्बत का एहसास जब होता है,
तो तुम्हारा चेहरा खुशी से खिल उठता है,
काश मैं भी दे पाता तुम्हें वो खुशी,
जिसकी याद में तुम्हारा दिल आज भी मचल उठता है।

तुम्हारी पहली मोहब्बत, एक अनमोल याद,
जो तुम्हारे दिल को करती है हर दम आबाद,
मैं चाहता हूं कि तुम्हारे चेहरे पर मुस्कान रहे,
भले ही मैं तुम्हारे जीवन में न हो कभी।

तुम्हारी पहली मोहब्बत का जिक्र करके,
तुम हो जाती हो थोड़ी सी बेचैन भी भरके,
मैं चाहता हूं कि तुम्हें वो खुशी मिले,
जो तुमने कभी उसके साथ पाई थी करके।

तुम्हारी पहली मोहब्बत ने तुम्हें जीना सिखाया,
और तुम्हारे हर दर्द को दूर कराया,
काश मैं भी बन पाता तुम्हारा वो सहारा,
जो तुम्हें हर मुश्किल से बचा पाता।

तुम्हारी पहली मोहब्बत की बात मैं सुनता हूं,
और अपने दिल में एक दर्द सा चुनता हूं,
आज भी तुम्हारा दिल उसकी यादों में है,
और मैं सिर्फ तुमसे प्यार ही करता हूं।

तुम्हारी पहली मोहब्बत, एक गहरा राज़,
जो तुम्हारे दिल में बसा है आज,
मैं चाहता हूं कि तुम्हें वो सुकून मिले,
जो कभी तुमने पाया था उसके साथ।

तुम्हारी पहली मोहब्बत की तस्वीरें तुम्हारी आंखों में,
आज भी दिखती हैं मुझे गहरी सांसों में,
मैं चाहता हूं कि तुम्हें वो खुशी मिले,
जो तुम्हें मिली थी उन खास रातों में।

तुम्हारी पहली मोहब्बत का असर ऐसा था,
के तुम्हारे चेहरे पर दिखता था कैसा था,
मैं चाहता हूं कि तुम्हें वो प्यार मिले,
जो तुम्हारे दिल को हमेशा भाता था।

तुम्हारी पहली मोहब्बत, एक खूबसूरत हकीकत,
जो तुम्हारे दिल में बन गई है रकीब की आदत,
मैं चाहता हूं कि तुम खुश रहो हमेशा,
भले ही तुम्हें मेरा प्यार लगे बेकदरी की शर्त।

तुम्हारी पहली मोहब्बत ने तुम्हें बनाया मज़बूत,
तुम्हें सिखाया हर गम को कैसे सहना,
मैं चाहता हूं कि तुम्हारा हर ख्वाब पूरा हो,
भले ही मैं तुम्हारे जीवन में न हो कभी।

तुम्हारी पहली मोहब्बत का ज़िक्र जब भी आता है,
तुम्हारा दिल एक अजीब सी धुन पाता है,
मैं चाहता हूं कि तुम्हें वो सुकून मिले,
जो सिर्फ प्यार में ही मिल पाता है।

तुम्हारी पहली मोहब्बत, वो तुम्हारी कहानी,
जो तुम्हारे होंठों पर रहती है अनजानी,
मैं चाहता हूं कि तुम्हें वो खुशी मिले,
जो तुम्हारी ज़िंदगी को बनाए सुहानी।

तुम्हारी पहली मोहब्बत का वो दिन,
जो तुम्हारे लिए था एक खूबसूरत यकीन,
मैं चाहता हूं कि तुम्हारा हर ख्वाब पूरा हो,
और तुम्हें मिले वो प्यार जो है रंगीन।

तुम्हारी पहली मोहब्बत, एक अनमोल तोहफा,
जो तुम्हारे दिल को हमेशा देता है हरफा,
मैं चाहता हूं कि तुम्हें वो खुशी मिले,
जो तुम्हारे दिल को कभी नहीं करे तड़पा।

तुम्हारी पहली मोहब्बत ने तुम्हें बदल दिया,
तुम्हें एक नया रास्ता दिखा दिया,
मैं चाहता हूं कि तुम हमेशा खुश रहो,
भले ही मैं तुम्हारे जीवन से दूर हो गया।

तुम्हारी पहली मोहब्बत की हर बात,
मेरे दिल में छोड़ जाती है एक याद,
मैं चाहता हूं कि तुम्हें वो सब मिले,
जिसके लिए तुम करते हो फ़रियाद।

तुम्हारी पहली मोहब्बत, एक खूबसूरत एहसास,
जो तुम्हारे दिल में बसा है खास,
मैं चाहता हूं कि तुम्हें वो प्यार मिले,
जो तुम्हें दे हर पल एक नई आस।

तुम्हारी पहली मोहब्बत का रंग चाहे जो हो,
तुम्हारे चेहरे पर हमेशा दिखती है वो,
मैं चाहता हूं कि तुम्हें वो खुशी मिले,
जो तुम्हें कभी न छोड़े, कभी न खो।

तुम्हारी पहली मोहब्बत, एक ऐसा सच,
जो तुम्हारे दिल को देता है हर दम बंच,
मैं चाहता हूं कि तुम हमेशा खुश रहो,
और तुम्हें मिले हर पल वो अच्छा लंच।

तुम्हारी पहली मोहब्बत की हर धुन,
तुम्हारे दिल को हमेशा देती है जुनून,
मैं चाहता हूं कि तुम्हें वो खुशी मिले,
जो तुम्हारे जीवन को बनाए सुकून।

तुम्हारी पहली मोहब्बत का क्या कहना,
तुम्हारे दिल का वो सच्चा सा गहना,
मैं चाहता हूं कि तुम्हें वो सब मिले,
जिसके लिए तुम करते हो सहना।

Pehli Si Mohabbat Shayari | पहली सी मोहब्बत शायरी

पहली सी मोहब्बत का एहसास आज भी है,
वो मासूमियत, वो चाहत आज भी है,
भले ही तू पास नहीं मेरे,
तेरी यादों में वो खुमार आज भी है।

कहीं खो गई है वो पहली सी मोहब्बत,
पर दिल में बसी है उसकी हसरत,
आज भी जब याद आती है वो बातें,
आँखों में आ जाती है उसकी सूरत।

वो पहली सी मोहब्बत, वो पहली मुलाक़ात,
दिल को करती थी हर पल गुलज़ार,
आज सब कुछ बदला बदला सा है,
पर दिल में है वही पुराना प्यार।

क्या ढूंढूं मैं कहीं वो पहली सी चाहत,
जो दे गया था दिल को गहरी राहत,
ज़िंदगी की राहों में अब नहीं वो बात,
पर तेरी यादों में है पुरानी आहत।

पहली सी मोहब्बत का रंग फीका न पड़ा,
वक्त गुज़रा पर, वो दिल में है खड़ा,
तेरे बिना ज़िंदगी अधूरी लगती है,
हर लम्हा तेरा इंतज़ार करता है बड़ा।

वो पहली सी मोहब्बत, वो पहली कसक,
आज भी मेरे दिल को देती है महक,
भले ही तू दूर है अब मुझसे,
पर तेरी यादों में है मेरा हर पल बहक।

अब वो बातें, वो मुलाक़ातें नहीं,
पर पहली सी मोहब्बत की वो रातें कहीं,
आज भी मेरी यादों में ज़िंदा हैं,
जो कभी भुलाए नहीं जा सकती हैं कहीं।

पहली सी मोहब्बत का जादू ऐसा है,
हर तरफ बस तेरा ही चेहरा है,
ज़िंदगी चाहे कितनी भी बदल जाए,
दिल में तेरा ही नाम ठहरा है।

वो पहली सी मोहब्बत, वो बेपनाह प्यार,
जो आज भी दिल को करता है बेकरार,
कैसे भुला दूं मैं तुझे, ओ मेरे हमदम,
जब तू ही था मेरा पहला इकरार।

पहली सी मोहब्बत, एक दर्द सा प्यारा,
जो दिल में आज भी है हमारा,
भले ही तू अब किसी और की हो,
पर मेरी यादों में तू ही है मेरा सहारा।

पहली सी मोहब्बत की धुन जब बजती है,
तो दिल की गहराई में दर्द उठती है,
तू पास नहीं, पर तेरी यादें हैं,
जो हर पल मेरी ज़िंदगी में गूंजती है।

वो पहली सी मोहब्बत की बारिश थी,
हर बूंद में तेरी यादों की गुज़ारिश थी,
आज भी जब दिल ये धड़कता है,
तो सिर्फ तेरी ही ख्वाहिश थी।

पहली सी मोहब्बत ने दिया दिल को सुकून,
आज भी चलता है उसी का जुनून,
भले ही तू बिछड़ गया हो मुझसे,
पर तेरी यादों में ही है मेरा खून।

क्या करूं इस पहली सी मोहब्बत का,
जिसने मेरे दिल को आज भी तरसाया,
जीना मुश्किल है तेरे बिना अब तो,
तू मेरा सब कुछ था, तू ही मेरा साया।

वो पहली सी मोहब्बत की मासूमियत,
जिसमें थी प्यार की हर एक आदत,
आज भी जब याद आती है वो बातें,
तो दिल में उतर जाती है तेरी राहत।

पहली सी मोहब्बत का ज़िक्र जब चलता है,
तो दिल का हर कोना रोशन होता है,
वक्त थम सा जाता है उस पल में,
जैसे हर ख्वाब हकीकत बन जाता है।

वो पहली सी मोहब्बत का एहसास,
आज भी मेरे दिल के है कितने पास,
भूलना नामुमकिन है उसे मेरे लिए,
तू ही है मेरी हर खुशी की आस।

पहली सी मोहब्बत, वो मीठी यादें,
जो आज भी मुझे करती हैं आबादें,
तेरी यादों में खोया रहता हूं मैं,
जैसे कोई भूली हुई हो फ़रियादें।

क्या अब वो पहली सी मोहब्बत मुमकिन है,
जब दिल के हर कोने में बस तू ही है,
मुश्किल है अब किसी और को चाहना,
क्यूँके आज भी मेरी हर खुशी तू ही है।

वो पहली सी मोहब्बत का ज़ोर था,
जिससे मेरा दिल पूरी तरह बोर था,
आज भी मैं उसकी यादों में रहता हूं,
जैसे कोई भूला हुआ चोर था।

पहली सी मोहब्बत की हर बात में रस था,
हर लम्हा उसका मेरे लिए बस था,
भले ही अब वो नहीं मेरे साथ,
पर उसकी यादों में है मेरा हर बस।

वो पहली सी मोहब्बत का जादू,
आज भी मुझे करता है बेकाबू,
हर पल उसकी धुन में खोया रहता हूं,
जैसे कोई दीवाना, कोई साधू।

पहली सी मोहब्बत की हर आहट,
आज भी मेरे दिल को देती है राहत,
भले ही वो बिछड़ गया हो मुझसे,
पर तेरी यादों में ही है मेरी चाहत।

वो पहली सी मोहब्बत, वो पहला ख्वाब,
जो आज भी मेरे दिल का हर जवाब,
तेरी यादों में खोया रहता हूं मैं,
जैसे मैं हो गया हूं बेताब।

पहली सी मोहब्बत ने सिखाया ये जीना,
हर दर्द को हंसकर कैसे सहना,
आज भी वो यादें हैं दिल में ताज़ा,
जैसे कोई भूला हुआ था गहना।

Pehli Mohabbat Dusri Mohabbat Shayari | पहली मोहब्बत दूसरी मोहब्बत शायरी

पहली मोहब्बत का ज़हर अलग था,
दूसरी का एहसास थोड़ा हल्का था,
एक ने दिल को तोड़ दिया पूरी तरह,
दूसरे ने जोड़ना चाहा, पर कुछ अधूरा सा था।

पहली मोहब्बत ने जीना सिखाया,
दूसरी मोहब्बत ने फिर से जगाया,
एक ने दर्द दिया, तो दूसरे ने मरहम,
पर पहले का ज़ख्म कभी भर न पाया।

कैसे करूं तुलना पहली और दूूसरी की,
एक थी जुनून, और दूूसरी थी ज़िंदगी की,
पहली ने रौशनी दी, फिर अंधेरा किया,
दूूसरी ने उजाला किया, पर डर था कहीं फिर न टूटे दिल की।

पहली मोहब्बत की वो बातें, वो यादें,
दूूसरी मोहब्बत में थोड़ी थी शिकायतें,
दोनों ही अपनी जगह खास थीं,
पर पहले का असर दिल में कुछ ज़्यादा था।

जब पहली मोहब्बत टूट कर बिखर गई,
तो दूूसरी मोहब्बत ने समेट लिया था,
पर दिल में वो डर हमेशा रहता है,
कहीं फिर से न वो ज़ख्म ताज़ा हो गया।

पहली मोहब्बत का नशा कुछ और था,
दूूसरी मोहब्बत का असर थोड़ा कम था,
एक ने दीवाना बनाया, तो दूसरे ने संभाला,
पर पहले की यादों में ही रहा मेरा हर दम।

वो पहली मोहब्बत, एक खूबसूरत सज़ा,
दूूसरी मोहब्बत, एक नया सा मज़ा,
दोनों ही अपनी जगह खास हैं दिल में,
जैसे कोई अनमोल सा हो रज़ा।

पहली मोहब्बत ने दिल को जलाया था,
दूूसरी मोहब्बत ने फिर से सुलगाया था,
पर वो आग जो पहली ने लगाई थी,
कभी बुझी नहीं, बस धुंआ ही फैलाया था।

कहते हैं पहली मोहब्बत भूलती नहीं,
और दूूसरी हमें जीना सिखाती सही,
पर दिल में वो पहली वाली रहती है,
जैसे हो कोई अनमोल सी खुशबू वही।

पहली मोहब्बत ने दिया दर्द, गहरा घाव,
दूूसरी मोहब्बत ने दिया थोड़ा ठहराव,
मैं उलझा रहा दोनों के बीच हमेशा,
जैसे मेरा दिल हो कोई खाली नाव।

वो पहली मोहब्बत, वो मासूम सी चाहत,
दूूसरी मोहब्बत, एक दिल को राहत,
दोनों ही अपनी जगह थी अनमोल,
पर एक थी मेरी ज़िंदगी की आदत।

पहली मोहब्बत ने दिया था रुलाया,
दूूसरी मोहब्बत ने हंसना सिखाया,
एक ने तोड़ा, तो दूसरे ने जोड़ा,
पर पहले का ज़ख्म भुलाया न पाया।

पहली मोहब्बत का ज़िक्र जब भी हो,
तो दूूसरी मोहब्बत थोड़ी खामोश हो,
क्यूँके पहली का असर ही इतना गहरा है,
के कोई और प्यार उसके साथ कहाँ हो।

पहली मोहब्बत ने दिल को बेकरार किया,
दूूसरी मोहब्बत ने फिर से प्यार किया,
दोनों ही अपनी जगह खास हैं बहुत,
पर दिल को पहली ने ही सबसे ज़्यादा प्यारा किया।

वो पहली मोहब्बत, वो पहला किनारा,
दूूसरी मोहब्बत, एक नया सहारा,
दोनों ही मेरी ज़िंदगी का हिस्सा हैं,
पर एक में था मेरा सब कुछ, वो मेरा सारा।

पहली मोहब्बत का ज़हर था गहरा,
दूूसरी मोहब्बत का रंग था सुनहरा,
एक ने सिखाया तड़पना, तो दूसरे ने जीना,
पर पहले का चेहरा फिर भी था ठहरा।

पहली मोहब्बत ने दिया दिल को घाव,
दूूसरी मोहब्बत ने दिया नया नाव,
मैं बहता रहा दोनों के बीच में,
जैसे ज़िंदगी में न हो कोई ठहराव।

प्यार तो प्यार है, चाहे पहली हो या दूूसरी,
पर पहली की याद हर पल करती है मज़बूरी,
दूूसरी भी अपनी जगह है प्यारी बहुत,
पर पहले की कमी कभी भरती नहीं पूरी।

वो पहली मोहब्बत की बातें वो सारी,
जो आज भी दिल को करती हैं बेक़रारी,
दूूसरी भी है अच्छी अपनी जगह,
पर पहली की याद है दिल की दुलारी।

पहली मोहब्बत का असर ही अलग है,
दूूसरी मोहब्बत में थोड़ी सी कसक है,
एक ने सिखाया प्यार, तो दूसरे ने वफ़ा,
पर पहली की धुन में ही हर पल बहक है।

कैसे करूं मैं ये तय, पहली या दूूसरी,
दोनों ही हैं मेरे दिल की धड़कन ज़रूरी,
पहली ने दिया दर्द, तो दूसरे ने खुशी,
पर दोनों के बिना ज़िंदगी है पूरी अधूरी।

पहली मोहब्बत का रंग था गहरा नीला,
दूूसरी मोहब्बत का रंग था थोड़ा पीला,
एक थी मेरी सुबह, तो दूसरे ने दी शाम,
पर पहले का एहसास आज भी है रंगीला।

वो पहली मोहब्बत, एक तूफान सा,
दूूसरी मोहब्बत, एक सुकून सा,
दोनों ने दी ज़िंदगी को नई दिशा,
पर पहले का असर दिल में है जुनून सा।

पहली मोहब्बत ने दिल को तोड़ दिया,
दूूसरी मोहब्बत ने फिर से मोड़ दिया,
एक ने रुलाया मुझे, तो दूसरे ने हंसाया,
पर पहले ने मेरा सब कुछ निचोड़ दिया।

पहली मोहब्बत का क्या कसूर,
दूूसरी मोहब्बत का क्या ज़हूर,
दोनों ने ज़िंदगी को दी अपनी पहचान,
पर मैं तो पहली के पीछे ही था दूर।

Pehli Aur Aakhri Mohabbat Shayari | पहली और आखिरी मोहब्बत शायरी

तुम ही थी मेरी पहली मोहब्बत, तुम ही आखिरी,
मेरे दिल में बस तुम ही हो, अब ये दूरी क्यों सखी,
हर लम्हा बस तेरा ही इंतज़ार था मुझको,
मेरी हर ख्वाहिश में तुम ही हो बसी, ये बात क्यों न समझी।

मेरी ज़िंदगी में तुम ही पहली, तुम ही आखिरी प्यार,
तुम्हारे बिना मेरा हर पल है बेकरार,
जब से तुम्हें देखा, तब से बस तुम्हें चाहा,
अब तुम ही हो मेरा हर ख्वाब, मेरा हर सार।

पहली मोहब्बत भी तुम, आखिरी भी तुम ही हो,
मेरे दिल की हर धड़कन में तुम ही समाई हो,
कैसे जीऊंगा तेरे बिना, ये सोचता हूं हर पल,
मेरी हर खुशी, मेरी हर हँसी में तुम ही छाई हो।

तुम ही हो मेरी पहली मोहब्बत की कहानी,
और मेरी आखिरी मोहब्बत की रानी,
तुम्हारे साथ बिता हर पल अनमोल था,
तेरी यादों में मेरी ज़िंदगी हुई सुहानी।

जब पहली बार देखा, तो लगा तुम ही हो सब,
और आखिरी सांस तक तुम ही हो, ये कहा रब,
मेरी ज़िंदगी का हर रंग तुमसे है,
अब तुम ही हो मेरी हर दुआ, मेरा हर अब।

पहली मोहब्बत का एहसास भी तुम ही थी,
और आखिरी चाहत भी मेरी तुम ही थी,
मेरे दिल में तुम्हारा नाम लिखा है,
दुनिया की सारी खुशियां मेरी तुम ही थी।

तुम ही थे मेरे पहले प्यार का नज़ारा,
और आखिरी प्यार का भी सहारा,
तुम्हारे बिना ज़िंदगी अधूरी है मेरी,
तुम ही हो मेरे जीवन का हर धारा।

पहली मोहब्बत का क्या रंग था तुम्हारा,
आखरी मोहब्बत का क्या ढंग था तुम्हारा,
तुम ही बन गए मेरी ज़िंदगी का हिस्सा,
तुम ही हो मेरे दिल का हर प्यारा।

मेरी पहली और आखिरी मोहब्बत हो तुम,
मेरे दिल की हर धड़कन की वजह हो तुम,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन बेकार है,
तुम्हे पाने की मेरी हर सज़ा हो तुम।

वो पहली मोहब्बत, वो आखिरी चाहत,
दोनों ही हो तुम, मेरे दिल की राहत,
तुम्हें पाने की ख्वाहिश करता हूं मैं हर पल,
तुम ही हो मेरी हर खुशी, मेरी हसरत।

पहली बार जब प्यार हुआ, वो तुम ही थे,
और आखिरी सांस तक तुम ही रहोगे,
मेरी ज़िंदगी का अनमोल रत्न हो तुम,
तुम मेरे दिल में सदा बसते रहोगे।

तुम ही थी मेरी पहली मोहब्बत का एहसास,
और आखिरी मोहब्बत का हर पल खास,
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है मेरे लिए,
तुम ही हो मेरी ज़िंदगी की अनमोल आस।

पहली मोहब्बत में दिल ये खो गया था,
और आखिरी मोहब्बत में बस तेरा हो गया था,
मेरे दिल की हर खुशी, हर गम तुमसे है,
तेरा होकर मेरा हर सपना सो गया था।

तुम ही हो मेरी पहली और आखिरी उम्मीद,
तुम ही हो मेरी ज़िंदगी की हर एक ईद,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन खाली है,
तुम ही हो मेरी हर रात, मेरी हर एक नींद।

वो पहली मोहब्बत का ज़िक्र जब भी हो,
और आखिरी मोहब्बत की बात हो,
दोनों में ही रहता है तेरा नाम,
जैसे तेरी मेरी हो हर मुलाकात हो।

तुम ही हो मेरी पहली मोहब्बत की धड़कन,
और आखिरी मोहब्बत की लचकन,
मेरे दिल में बस तुम ही समाई हो,
तुम्हारे बिना मेरी सारी ज़िंदगी है थका।

पहली मोहब्बत का रंग तुम हो मेरे,
और आखिरी मोहब्बत का ढंग तुम हो मेरे,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन खाली है,
सारे ख्वाबों में बस तुम ही हो मेरे।

मेरी पहली मोहब्बत का गीत हो तुम,
और आखिरी मोहब्बत का मीत हो तुम,
तुम्हारे बिना जीवन अधूरा है,
मेरी हर धड़कन में बस संगीत हो तुम।

तुम ही थी मेरी पहली मोहब्बत का अंजाम,
और आखिरी मोहब्बत का हर एक काम,
तुम्हारे बिना मेरा दिल बेकार है,
तुम ही हो मेरे जीवन का हर नाम।

वो पहली मोहब्बत, वो आखिरी जुनून,
मेरे दिल में बस तुम ही हो खून,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन खाली है,
तुम ही हो मेरे दिल का सुख और सुकून।

पहली मोहब्बत का सूरज भी तुम हो,
और आखिरी मोहब्बत का भी तुम हो,
मेरे दिल की हर रौशनी तुमसे है,
तुम ही हो मेरे जीवन का हर सुहाना मौसम।

तुम ही हो मेरी पहली मोहब्बत की आस,
और आखिरी मोहब्बत का हर एक पास,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन खाली है,
तुम ही हो मेरे दिल की हर एक प्यास।

मेरी पहली मोहब्बत का एहसास गहरा,
और आखिरी मोहब्बत का भी सुनहरा चेहरा,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन खाली है,
तुम ही हो मेरे दिल का हर एक पहरा।

तुम ही हो मेरी पहली मोहब्बत की रूह,
और आखिरी मोहब्बत की खुशबू,
मेरे दिल में बस तुम ही समाई हो,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन है बेकाबू।

वो पहली मोहब्बत, वो आखिरी चाहत,
तुम ही हो मेरी ज़िंदगी की राहत,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन अधूरा है,
तुम ही हो मेरी हर खुशी, मेरी हर हसरत।

Pehli Nazar Ki Mohabbat Shayari | पहली नज़र की मोहब्बत शायरी

पहली नज़र की मोहब्बत का जादू ही अलग है,
ना कोई बात हुई, ना कोई वादा, बस पलक है,
मिलते ही आँखों से आँखे, बस हो गया प्यार,
ये इश्क़ भी क्या चीज़ है, इसका कहाँ कोई फलक है।

पहली नज़र में ही दिल हार बैठे हम,
तुम्हारे सामने थे, और बस थम गए हम,
इतना गहरा असर था तुम्हारी आँखों का,
के उसी पल में खो गए, बन के बेदम हम।

वो पहली नज़र का प्यार, वो पहला इज़हार,
ज़िंदगी का बन गया वो सबसे प्यारा सार,
पलकें झुकी, फिर उठी, और हो गया सब कुछ,
जैसे किसी ने दिया हो दिल को एक नया उपहार।

पहली नज़र में ही तुम्हारा हो गया था दिल,
सारी दुनिया उसी पल हो गई थी खिल,
ना सोचा, ना समझा, बस हुआ था वो प्यार,
जैसे किसी ने कर दिया हो मेरे ऊपर कोई तिल।

पहली नज़र की मोहब्बत का ये कैसा फसाना है,
के दिल ने उसी पल तुम्हें अपना माना है,
अब तो हर पल तुम्हारी याद में रहता हूं,
जैसे मेरा दिल तुम्हारा ही दीवाना है।

तेरी पहली नज़र ने किया कुछ ऐसा जादू,
के मैं बिना सोचे समझे हो गया बेकाबू,
हर पल तेरी याद में, हर पल तेरी चाहत में,
जैसे इश्क ने कर दिया हो मुझे साधू।

वो पहली नज़र का प्यार, वो पहली मुलाकात,
दिल को करती थी हर पल गुलज़ार, हर बात,
आज भी वो यादें जब आती हैं,
तो दिल को लगता है, जैसे फिर से हो गई हो वो रात।

पहली नज़र में ही प्यार हो गया था मुझे,
प्यार का अर्थ समझ आ गया था मुझे,
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है मेरे लिए,
मेरे हर ख्वाब में बस तुम ही दिखते हो मुझे।

पहली नज़र की मोहब्बत जब होती है,
तो दिल की धड़कनें तेज़ हो जाती हैं,
ना भूख लगे, ना प्यास लगे, ना नींद आए,
बस एक ही चेहरा आँखों में घूमती है।

तेरी पहली नज़र का असर ही कुछ ऐसा था,
के मेरा दिल उसी पल तेरा हो गया था,
अब तो हर पल तेरा ही इंतज़ार है मुझे,
जैसे मेरा दिल तेरा ही गुलाम हो गया था।

वो पहली नज़र का प्यार, वो पहली सी चाहत,
जो आज भी मेरे दिल को देती है राहत,
भले ही तू पास नहीं मेरे अब,
पर तेरी यादों में ही है मेरी राहत।

पहली नज़र में ही दीवाना बना दिया,
मेरे दिल को तुमने अपना बना लिया,
अब तो हर पल तेरी याद में रहता हूं,
तूने मेरे जीवन को रोशन कर दिया।

वो पहली नज़र की मोहब्बत, वो हसीन पल,
जब मेरा दिल हो गया था बेकरार, हर पल,
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है मेरे लिए,
तुम ही हो मेरे जीवन का हर एक खिल।

पहली नज़र ने ही दिल जीत लिया मेरा,
हर तरफ बस तेरा ही चेहरा, तेरा ही डेरा,
कैसे जीऊंगा तेरे बिना अब मैं,
ज़िंदगी का हर पल है तेरे नाम पर ठहरा।

तेरी पहली नज़र का जादू गहरा है,
मेरी हर सांस में बस तेरा ही लहरा है,
आज भी जब तू सामने आता है,
तो मेरा दिल तेरे लिए फिर से पहरा है।

वो पहली नज़र का प्यार, वो मीठा दर्द,
जो आज भी मेरे दिल को करता है सर्द,
मैं चाहता हूं कि तुम हमेशा खुश रहो,
भले ही मेरा दिल तुम्हारे लिए हो ज़र्द।

पहली नज़र में ही सब कुछ बदल गया था,
मेरा जीवन एक नए रंग में ढल गया था,
तुम्हारे आने से पहले मेरा जीवन खाली था,
तुम्हारे आने से हर सपना संभल गया था।

तेरी पहली नज़र ने क्या कमाल कर दिया,
मेरे दिल को प्यार से मालामाल कर दिया,
अब तो हर पल बस तेरी ही याद में रहता हूं,
तूने मेरे जीवन को रंगीन कर दिया।

वो पहली नज़र की मोहब्बत, एक तूफान सा,
जो मेरे दिल को कर गया बेज़ुबान सा,
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है मेरे लिए,
तुम ही हो मेरे जीवन का हर एक मान सा।

पहली नज़र में ही दिल धड़क उठा था,
तुम्हारे लिए मेरा हर सपना मुड़ उठा था,
मैं जानता हूं कि तुम मेरी हो,
मेरे लिए तुम ही हो मेरी हर एक गुड-गुड़ में उठा था।

तेरी पहली नज़र ने मुझे पागल बना दिया,
मेरे दिल को तुमने अपना घर बना लिया,
अब तो हर पल तेरी याद में रहता हूं,
तूने मेरे जीवन को सदा रंगीला बना दिया।

वो पहली नज़र का प्यार, वो अनमोल पल,
जो मेरे दिल को करता है हर पल बेकरार,
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है मेरे लिए,
तुम ही हो मेरे जीवन का हर एक सार।

पहली नज़र में ही मेरा दिल खो गया था,
तुम्हारे प्यार में पागल हो गया था,
आज भी मैं उसी पल को याद करता हूं,
जब मैंने तुम्हें पहली बार देखा था।

तेरी पहली नज़र का ज़िक्र जब होता है,
तो मेरा दिल खुशी से नाच उठता है,
तुम ही हो मेरी हर खुशी की वजह,
तुम ही हो मेरा हर सपना, जो सच्चा होता है।

वो पहली नज़र की मोहब्बत, वो मीठी याद,
जो मेरे दिल को करती है आबाद,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन खाली है,
तुम ही हो मेरे दिल का हर एक फरियाद।

Pehli Baar Mohabbat Shayari | पहली बार मोहब्बत शायरी

पहली बार जब मोहब्बत हुई थी मुझको,
सारा संसार नया सा लगा था मुझको,
वो एहसास था कुछ ऐसा प्यारा,
जैसे किसी ने दिया हो कोई तोहफा मुझको।

पहली बार मोहब्बत में दिल खो गया था,
तुम्हारे प्यार में पागल हो गया था,
ना भूख लगी, ना प्यास लगी, ना नींद आई,
बस तेरा ही चेहरा आँखों में समा गया था।

वो पहली बार का प्यार, वो पहला इज़हार,
ज़िंदगी का बन गया वो सबसे प्यारा सार,
हर पल तेरी याद में, हर पल तेरी चाहत में,
जैसे किसी ने दिया हो दिल को एक नया उपहार।

जब पहली बार हुआ प्यार मुझे तो था,
सारा जहान एक नया सा लग रहा था,
हर चीज़ में दिखती थी तेरी सूरत,
जैसे तू मेरे दिल में ही बस रहा था।

पहली बार मोहब्बत का एहसास कितना गहरा,
मेरे दिल पर तेरा ही साया था ठहरा,
अब तो हर पल तेरा ही इंतज़ार है मुझे,
जैसे मेरा दिल तेरे लिए ही हो गहरा।

जब पहली बार किया था तुमसे प्यार,
तो लगा था हर सपना हो गया साकार,
मेरे दिल की हर धड़कन में तुम ही थे,
तू ही थी मेरी हर खुशी, मेरा हर आभार।

वो पहली बार की मोहब्बत, वो मासूमियत,
जिसने मेरे दिल को दी थी बड़ी राहत,
आज भी जब याद आती है वो बातें,
तो दिल में उतर जाती है तेरी चाहत।

पहली बार जब प्यार हुआ था, तो लगा था,
के मेरा दिल अब कहीं और नहीं लगेगा,
तुझी से मेरा हर सुख, हर दुख जुड़ा था,
अब तो बस तेरा ही इंतज़ार रहेगा।

पहली बार मोहब्बत ने जीना सिखाया,
हर मुश्किल में मुस्कुराना बताया,
भले ही तू अब मेरे साथ नहीं,
पर हर पल तेरी यादों में बिताया।

वो पहली बार का प्यार, वो मीठी सी कसक,
जो आज भी मेरे दिल को करती है महक,
तेरी यादों में मेरा हर पल बहक,
जैसे किसी ने दिया हो कोई सबक।

पहली बार मोहब्बत में दिल ये खो गया था,
तेरे इश्क में मेरा सब कुछ सो गया था,
अब तो हर पल तेरी याद में रहता हूं,
जैसे मेरा दिल तेरा ही हो गया था।

जब पहली बार दिल ने प्यार किया था,
तो हर चीज़ को नया रंग दिया था,
तेरे आने से पहले ज़िंदगी खाली थी,
तूने मेरे जीवन को रोशन कर दिया था।

पहली बार मोहब्बत का जादू ऐसा है,
हर तरफ बस तेरा ही चेहरा है,
ज़िंदगी चाहे कितनी भी बदल जाए,
दिल में तेरा ही नाम ठहरा है।

वो पहली बार का प्यार, वो पहला एहसास,
आज भी मेरे दिल के है कितने पास,
भूलना नामुमकिन है उसे मेरे लिए,
तू ही है मेरी हर खुशी की आस।

पहली बार मोहब्बत ने दिया दिल को सुकून,
आज भी चलता है उसी का जुनून,
भले ही तू बिछड़ गया हो मुझसे,
पर तेरी यादों में ही है मेरा खून।

क्या करूं इस पहली बार की मोहब्बत का,
जिसने मेरे दिल को आज भी तरसाया,
जीना मुश्किल है तेरे बिना अब तो,
तू मेरा सब कुछ था, तू ही मेरा साया।

वो पहली बार की मोहब्बत की मासूमियत,
जिसमें थी प्यार की हर एक आदत,
आज भी जब याद आती है वो बातें,
तो दिल में उतर जाती है तेरी राहत।

पहली बार मोहब्बत का ज़िक्र जब चलता है,
तो दिल का हर कोना रोशन होता है,
वक्त थम सा जाता है उस पल में,
जैसे हर ख्वाब हकीकत बन जाता है।

वो पहली बार का प्यार, वो हसीन पल,
जब मेरा दिल हो गया था बेकरार, हर पल,
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है मेरे लिए,
तुम ही हो मेरे जीवन का हर एक खिल।

पहली बार मोहब्बत ने ही दिल जीत लिया मेरा,
हर तरफ बस तेरा ही चेहरा, तेरा ही डेरा,
कैसे जीऊंगा तेरे बिना अब मैं,
ज़िंदगी का हर पल है तेरे नाम पर ठहरा।

तेरी पहली बार की मोहब्बत का जादू गहरा है,
मेरी हर सांस में बस तेरा ही लहरा है,
आज भी जब तू सामने आता है,
तो मेरा दिल तेरे लिए फिर से पहरा है।

वो पहली बार का प्यार, वो मीठा दर्द,
जो आज भी मेरे दिल को करता है सर्द,
मैं चाहता हूं कि तुम हमेशा खुश रहो,
भले ही मेरा दिल तुम्हारे लिए हो ज़र्द।

पहली बार मोहब्बत में ही सब कुछ बदल गया था,
मेरा जीवन एक नए रंग में ढल गया था,
तुम्हारे आने से पहले मेरा जीवन खाली था,
तुम्हारे आने से हर सपना संभल गया था।

तेरी पहली बार की मोहब्बत ने क्या कमाल कर दिया,
मेरे दिल को प्यार से मालामाल कर दिया,
अब तो हर पल बस तेरी ही याद में रहता हूं,
तूने मेरे जीवन को रंगीन कर दिया।

वो पहली बार की मोहब्बत, वो तूफान सा,
जो मेरे दिल को कर गया बेज़ुबान सा,
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है मेरे लिए,
तुम ही हो मेरे जीवन का हर एक मान सा।

Pehli Nazar Mohabbat Shayari | पहली नज़र मोहब्बत शायरी

पहली नज़र में ही तुमसे प्यार हो गया,
दिल मेरा उसी पल बेकरार हो गया,
ना नींद आई, ना चैन आया तब से,
सारा जीवन जैसे एक बार में हो गया।

वो पहली नज़र का जादू ऐसा था,
हर तरफ बस तुम्हारा ही चेहरा दिखता था,
कोई बात न हुई, कोई मुलाकात न थी,
बस पल भर में ही सब कुछ बदल गया था।

पहली नज़र मोहब्बत का रंग ही निराला,
दिल पर तुम्हारे नाम का पड़ गया था छाला,
भुलाना चाहा भी तो भूल न पाया मैं,
हर याद में बस तुम्हें ही संभाला।

जब पहली नज़र मिली थी तुमसे कभी,
खो गया था मैं अपना सब कुछ तभी,
वो एहसास था कुछ ऐसा गज़ब का,
के आज भी चाहता हूं तुम्हें सभी।

पहली नज़र में ही तुम्हारा हो गया था दिल,
सारी दुनिया उसी पल हो गई थी खिल,
ना सोचा, ना समझा, बस हुआ था वो प्यार,
जैसे किसी ने कर दिया हो मेरे ऊपर कोई तिल।

तेरी पहली नज़र ने किया कुछ ऐसा जादू,
के मैं बिना सोचे समझे हो गया बेकाबू,
हर पल तेरी याद में, हर पल तेरी चाहत में,
जैसे इश्क ने कर दिया हो मुझे साधू।

वो पहली नज़र का प्यार, वो पहली मुलाकात,
दिल को करती थी हर पल गुलज़ार, हर बात,
आज भी वो यादें जब आती हैं,
तो दिल को लगता है, जैसे फिर से हो गई हो वो रात।

पहली नज़र में ही प्यार हो गया था मुझे,
प्यार का अर्थ समझ आ गया था मुझे,
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है मेरे लिए,
मेरे हर ख्वाब में बस तुम ही दिखते हो मुझे।

पहली नज़र मोहब्बत जब होती है,
तो दिल की धड़कनें तेज़ हो जाती हैं,
ना भूख लगे, ना प्यास लगे, ना नींद आए,
बस एक ही चेहरा आँखों में घूमती है।

तेरी पहली नज़र का असर ही कुछ ऐसा था,
के मेरा दिल उसी पल तेरा हो गया था,
अब तो हर पल तेरा ही इंतज़ार है मुझे,
जैसे मेरा दिल तेरा ही गुलाम हो गया था।

वो पहली नज़र का प्यार, वो पहली सी चाहत,
जो आज भी मेरे दिल को देती है राहत,
भले ही तू पास नहीं मेरे अब,
पर तेरी यादों में ही है मेरी चाहत।

पहली नज़र में ही दीवाना बना दिया,
मेरे दिल को तुमने अपना बना लिया,
अब तो हर पल तेरी याद में रहता हूं,
तूने मेरे जीवन को रोशन कर दिया।

वो पहली नज़र मोहब्बत, वो हसीन पल,
जब मेरा दिल हो गया था बेकरार, हर पल,
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है मेरे लिए,
तुम ही हो मेरे जीवन का हर एक खिल।

पहली नज़र ने ही दिल जीत लिया मेरा,
हर तरफ बस तेरा ही चेहरा, तेरा ही डेरा,
कैसे जीऊंगा तेरे बिना अब मैं,
ज़िंदगी का हर पल है तेरे नाम पर ठहरा।

तेरी पहली नज़र का जादू गहरा है,
मेरी हर सांस में बस तेरा ही लहरा है,
आज भी जब तू सामने आता है,
तो मेरा दिल तेरे लिए फिर से पहरा है।

वो पहली नज़र का प्यार, वो मीठा दर्द,
जो आज भी मेरे दिल को करता है सर्द,
मैं चाहता हूं कि तुम हमेशा खुश रहो,
भले ही मेरा दिल तुम्हारे लिए हो ज़र्द।

पहली नज़र मोहब्बत में ही सब कुछ बदल गया था,
मेरा जीवन एक नए रंग में ढल गया था,
तुम्हारे आने से पहले मेरा जीवन खाली था,
तुम्हारे आने से हर सपना संभल गया था।

तेरी पहली नज़र ने क्या कमाल कर दिया,
मेरे दिल को प्यार से मालामाल कर दिया,
अब तो हर पल बस तेरी ही याद में रहता हूं,
तूने मेरे जीवन को रंगीन कर दिया।

वो पहली नज़र मोहब्बत, एक तूफान सा,
जो मेरे दिल को कर गया बेज़ुबान सा,
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है मेरे लिए,
तुम ही हो मेरे जीवन का हर एक मान सा।

पहली नज़र में ही दिल धड़क उठा था,
तुम्हारे लिए मेरा हर सपना मुड़ उठा था,
मैं जानता हूं कि तुम मेरी हो,
मेरे लिए तुम ही हो मेरी हर एक गुड-गुड़ में उठा था।

तेरी पहली नज़र ने मुझे पागल बना दिया,
मेरे दिल को तुमने अपना घर बना लिया,
अब तो हर पल तेरी याद में रहता हूं,
तूने मेरे जीवन को सदा रंगीला बना दिया।

वो पहली नज़र मोहब्बत, वो अनमोल पल,
जो मेरे दिल को करता है हर पल बेकरार,
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है मेरे लिए,
तुम ही हो मेरे जीवन का हर एक सार।

पहली नज़र में ही मेरा दिल खो गया था,
तुम्हारे प्यार में पागल हो गया था,
आज भी मैं उसी पल को याद करता हूं,
जब मैंने तुम्हें पहली बार देखा था।

तेरी पहली नज़र का ज़िक्र जब होता है,
तो मेरा दिल खुशी से नाच उठता है,
तुम ही हो मेरी हर खुशी की वजह,
तुम ही हो मेरा हर सपना, जो सच्चा होता है।

वो पहली नज़र मोहब्बत, वो मीठी याद,
जो मेरे दिल को करती है आबाद,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन खाली है,
तुम ही हो मेरे दिल का हर एक फरियाद।

Pehli Nazar Me Mohabbat Shayari | पहली नज़र में मोहब्बत शायरी

पहली नज़र में ही मोहब्बत हो गई,
सारी दुनिया मेरी बदल सी गई,
ना सोचा, ना समझा, बस खो गई,
जैसे कोई खूबसूरत सी कहानी हो गई।

पहली नज़र में ही तेरा दीवाना हो गया,
सारा जहान एक पल में सुहाना हो गया,
तुझे देखा जिस पल, दिल धड़क उठा,
ज़िंदगी का हर लम्हा आशिकाना हो गया।

वो पहली नज़र में ही हुआ था प्यार,
ना कोई इकरार, ना कोई इनकार,
दिल ने तुझको अपना मान लिया था,
बन गया था तू मेरा हर सार।

पहली नज़र में ही दिल ने तुम्हें पहचाना,
जैसे बरसों से था कोई रिश्ता पुराना,
आँखों में तुम्हारी खो गया मैं ऐसे,
जैसे किसी ने सुनाया हो कोई मनभाना फसाना।

पहली नज़र में जो प्यार हुआ था,
वो आज भी दिल में बसा हुआ है,
चाहे कितनी भी दूर चले जाओ तुम,
उसका असर आज भी जुड़ा हुआ है।

तेरी पहली नज़र ने किया मुझ पर जादू,
के मैं उसी पल हो गया बेकाबू,
हर पल तेरी याद में, तेरी चाहत में,
जैसे बन गया हूं कोई साधू।

पहली नज़र में ही दिल ये धड़क उठा,
हर सपना तेरे नाम पर मुड़ उठा,
पता न था कि दिल को क्या हुआ,
बस तेरी तरफ ही बेहाल हो गया था।

वो पहली नज़र में ही मोहब्बत की बात,
आज भी दिल को करती है गुलज़ार हर रात,
तेरी यादों में खोया रहता हूं मैं,
जैसे फिर से हो गई हो वो मुलाकात।

पहली नज़र में ही तुम्हारा हो गया था दिल,
सारी दुनिया हो गई थी उसी पल खिल,
कैसे भूला दूँ वो हसीन पल को,
जब तूने मेरे दिल में डाली थी एक तिल।

तेरी पहली नज़र ने मुझे दीवाना कर दिया,
मेरे दिल को प्यार से मालामाल कर दिया,
अब तो हर पल तेरी याद में रहता हूं,
तूने मेरे जीवन को रोशन कर दिया।

पहली नज़र में ही अपना बन गया तू,
मेरी हर खुशी, हर धड़कन में तू,
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है,
मेरी हर सांस में बस तू ही तू।

वो पहली नज़र में ही दिल ने कहा,
यही है मेरा प्यार, यही मेरी पनाह,
आज भी मैं उसी पल को याद करता हूं,
जब तू मिला था, और मिली थी चाह।

पहली नज़र में ही प्यार का पता चला,
ज़िंदगी को एक नया रास्ता मिल गया,
तुम्हारे आने से पहले मैं खाली था,
तुम्हारे आने से मेरा हर सपना संभल गया।

तेरी पहली नज़र ने क्या असर किया,
सारा जीवन मेरा बदल सा गया,
अब तो हर पल तेरी याद में रहता हूं,
तूने मुझे सच्चे प्यार का सबक दिया।

पहली नज़र में ही दिल हार बैठे हम,
तेरे इश्क में खो कर, हो गए बेदम हम,
आज भी वो यादें जब आती हैं,
तो आंखें भर जाती हैं, हो जाते हैं नम हम।

वो पहली नज़र में ही हुआ था वो प्यार,
ना कोई अफ़सोस, ना कोई इंतज़ार,
बस एक ही पल में सारा जीवन बदल गया,
जैसे किसी ने दे दिया हो एक गुलज़ार।

पहली नज़र में ही सब कुछ बदल गया,
तुझे देखा तो दिल संभल गया,
कैसे जीऊंगा तेरे बिना अब मैं,
मेरा हर पल है तेरे नाम पर ढल गया।

तेरी पहली नज़र का ये कैसा कमाल,
मेरे दिल का बन गया तू हर एक हाल,
अब तो हर पल तेरी याद में रहता हूं,
जैसे मेरा दिल तेरा ही हो गया है माल।

वो पहली नज़र में ही मोहब्बत की बात,
आज भी दिल को करती है गुलज़ार हर रात,
तेरी यादों में खोया रहता हूं मैं,
जैसे फिर से हो गई हो वो मुलाकात।

पहली नज़र में ही तुम्हारा हो गया था दिल,
सारी दुनिया हो गई थी उसी पल खिल,
कैसे भूला दूँ वो हसीन पल को,
जब तूने मेरे दिल में डाली थी एक तिल।

तेरी पहली नज़र ने मुझे दीवाना कर दिया,
मेरे दिल को प्यार से मालामाल कर दिया,
अब तो हर पल तेरी याद में रहता हूं,
तूने मेरे जीवन को रोशन कर दिया।

पहली नज़र में ही अपना बन गया तू,
मेरी हर खुशी, हर धड़कन में तू,
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है,
मेरी हर सांस में बस तू ही तू।

वो पहली नज़र में ही दिल ने कहा,
यही है मेरा प्यार, यही मेरी पनाह,
आज भी मैं उसी पल को याद करता हूं,
जब तू मिला था, और मिली थी चाह।

पहली नज़र में ही प्यार का पता चला,
ज़िंदगी को एक नया रास्ता मिल गया,
तुम्हारे आने से पहले मैं खाली था,
तुम्हारे आने से मेरा हर सपना संभल गया।

तेरी पहली नज़र ने क्या असर किया,
सारा जीवन मेरा बदल सा गया,
अब तो हर पल तेरी याद में रहता हूं,
तूने मुझे सच्चे प्यार का सबक दिया।

Pehli Aur Aakhri Mohabbat Shayari In Hindi | पहली और आखिरी मोहब्बत शायरी इन हिंदी

तुम ही थी मेरी पहली मोहब्बत, तुम ही आखिरी,
मेरे दिल में बस तुम ही हो, अब ये दूरी क्यों सखी,
हर लम्हा बस तेरा ही इंतज़ार था मुझको,
मेरी हर ख्वाहिश में तुम ही हो बसी, ये बात क्यों न समझी।

मेरी ज़िंदगी में तुम ही पहली, तुम ही आखिरी प्यार,
तुम्हारे बिना मेरा हर पल है बेकरार,
जब से तुम्हें देखा, तब से बस तुम्हें चाहा,
अब तुम ही हो मेरा हर ख्वाब, मेरा हर सार।

पहली मोहब्बत भी तुम, आखिरी भी तुम ही हो,
मेरे दिल की हर धड़कन में तुम ही समाई हो,
कैसे जीऊंगा तेरे बिना, ये सोचता हूं हर पल,
मेरी हर खुशी, मेरी हर हँसी में तुम ही छाई हो।

तुम ही हो मेरी पहली मोहब्बत की कहानी,
और मेरी आखिरी मोहब्बत की रानी,
तुम्हारे साथ बिता हर पल अनमोल था,
तेरी यादों में मेरी ज़िंदगी हुई सुहानी।

जब पहली बार देखा, तो लगा तुम ही हो सब,
और आखिरी सांस तक तुम ही हो, ये कहा रब,
मेरी ज़िंदगी का हर रंग तुमसे है,
अब तुम ही हो मेरी हर दुआ, मेरा हर अब।

पहली मोहब्बत का एहसास भी तुम ही थी,
और आखिरी चाहत भी मेरी तुम ही थी,
मेरे दिल में तुम्हारा नाम लिखा है,
दुनिया की सारी खुशियां मेरी तुम ही थी।

तुम ही थे मेरे पहले प्यार का नज़ारा,
और आखिरी प्यार का भी सहारा,
तुम्हारे बिना ज़िंदगी अधूरी है मेरी,
तुम ही हो मेरे जीवन का हर धारा।

पहली मोहब्बत का क्या रंग था तुम्हारा,
आखरी मोहब्बत का क्या ढंग था तुम्हारा,
तुम ही बन गए मेरी ज़िंदगी का हिस्सा,
तुम ही हो मेरे दिल का हर प्यारा।

मेरी पहली और आखिरी मोहब्बत हो तुम,
मेरे दिल की हर धड़कन की वजह हो तुम,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन बेकार है,
तुम्हे पाने की मेरी हर सज़ा हो तुम।

वो पहली मोहब्बत, वो आखिरी चाहत,
दोनों ही हो तुम, मेरे दिल की राहत,
तुम्हें पाने की ख्वाहिश करता हूं मैं हर पल,
तुम ही हो मेरी हर खुशी, मेरी हसरत।

पहली बार जब प्यार हुआ, वो तुम ही थे,
और आखिरी सांस तक तुम ही रहोगे,
मेरी ज़िंदगी का अनमोल रत्न हो तुम,
तुम मेरे दिल में सदा बसते रहोगे।

तुम ही थी मेरी पहली मोहब्बत का एहसास,
और आखिरी मोहब्बत का हर पल खास,
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है मेरे लिए,
तुम ही हो मेरी ज़िंदगी की अनमोल आस।

पहली मोहब्बत में दिल ये खो गया था,
और आखिरी मोहब्बत में बस तेरा हो गया था,
मेरे दिल की हर खुशी, हर गम तुमसे है,
तेरा होकर मेरा हर सपना सो गया था।

तुम ही हो मेरी पहली और आखिरी उम्मीद,
तुम ही हो मेरी ज़िंदगी की हर एक ईद,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन खाली है,
तुम ही हो मेरी हर रात, मेरी हर एक नींद।

वो पहली मोहब्बत का ज़िक्र जब भी हो,
और आखिरी मोहब्बत की बात हो,
दोनों में ही रहता है तेरा नाम,
जैसे तेरी मेरी हो हर मुलाकात हो।

तुम ही हो मेरी पहली मोहब्बत की धड़कन,
और आखिरी मोहब्बत की लचकन,
मेरे दिल में बस तुम ही समाई हो,
तुम्हारे बिना मेरी सारी ज़िंदगी है थका।

पहली मोहब्बत का रंग तुम हो मेरे,
और आखिरी मोहब्बत का ढंग तुम हो मेरे,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन खाली है,
सारे ख्वाबों में बस तुम ही हो मेरे।

मेरी पहली मोहब्बत का गीत हो तुम,
और आखिरी मोहब्बत का मीत हो तुम,
तुम्हारे बिना जीवन अधूरा है,
मेरी हर धड़कन में बस संगीत हो तुम।

तुम ही थी मेरी पहली मोहब्बत का अंजाम,
और आखिरी मोहब्बत का हर एक काम,
तुम्हारे बिना मेरा दिल बेकार है,
तुम ही हो मेरे जीवन का हर नाम।

वो पहली मोहब्बत, वो आखिरी जुनून,
मेरे दिल में बस तुम ही हो खून,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन खाली है,
तुम ही हो मेरे दिल का सुख और सुकून।

पहली मोहब्बत का सूरज भी तुम हो,
और आखिरी मोहब्बत का भी तुम हो,
मेरे दिल की हर रौशनी तुमसे है,
तुम ही हो मेरे जीवन का हर सुहाना मौसम।

तुम ही हो मेरी पहली मोहब्बत की आस,
और आखिरी मोहब्बत का हर एक पास,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन खाली है,
तुम ही हो मेरे दिल की हर एक प्यास।

मेरी पहली मोहब्बत का एहसास गहरा,
और आखिरी मोहब्बत का भी सुनहरा चेहरा,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन खाली है,
तुम ही हो मेरे दिल का हर एक पहरा।

तुम ही हो मेरी पहली मोहब्बत की रूह,
और आखिरी मोहब्बत की खुशबू,
मेरे दिल में बस तुम ही समाई हो,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन है बेकाबू।

वो पहली मोहब्बत, वो आखिरी चाहत,
तुम ही हो मेरी ज़िंदगी की राहत,
तुम्हारे बिना मेरा जीवन अधूरा है,
तुम ही हो मेरी हर खुशी, मेरी हर हसरत।

Also Check:- 380+ Best Pyar Mohabbat Shayari Hindi | प्यार मोहब्बत शायरी हिंदी

निष्कर्ष

Pehli Mohabbat Shayari केवल रोमांटिक पंक्तियों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह पहली मोहब्बत से जुड़े अनमोल एहसासों और यादों को संजोने का खूबसूरत माध्यम भी है। पहली मोहब्बत की यादें अक्सर जीवनभर दिल में बसी रहती हैं, इसलिए उनसे जुड़ी शायरियां हर बार पढ़ने पर नया एहसास देती हैं,

उम्मीद है कि इस लेख में दी गई Pehli Mohabbat Shayari आपको पसंद आई होगी और आपने अपने दिल की भावनाओं से जुड़ी अपनी पसंदीदा शायरी जरूर चुनी होगी। आप इन शायरियों को अपने खास व्यक्ति के साथ साझा करके अपने जज़्बातों को और भी खूबसूरती से व्यक्त कर सकते हैं।

ऐसी ही नई, भावुक और दिल छू लेने वाली शायरियों के लिए हमारी वेबसाइट पर दोबारा जरूर आएं।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *