450+ Best Aashiqui Shayari In Hindi | आशिकी शायरी
Aashiqui Shayari सच्चे इश्क, गहरे जज़्बात और दिल की अनकही बातों को खूबसूरत शब्दों में बयां करने का शानदार तरीका है। ये शायरियां प्यार करने वालों के दिल की भावनाओं को बेहद आसान अंदाज़ में व्यक्त करती हैं।
अगर आप अपने पार्टनर, क्रश या किसी खास इंसान के लिए Aashiqui Shayari खोज रहे हैं, तो यहां आपको रोमांटिक, भावुक और दिल को छू लेने वाली बेहतरीन शायरियों का शानदार संग्रह मिलेगा। हर शायरी सच्ची आशिकी का एहसास कराती है।
इन Aashiqui Shayari को आप WhatsApp, Instagram, Facebook या किसी निजी संदेश में आसानी से साझा कर सकते हैं। प्यार भरे शब्द आपके रिश्ते को और भी मजबूत, यादगार और खूबसूरत बनाने में मदद करते हैं।
Aashiqui Shayari | आशिकी शायरी

तेरी आँखों में देखा है मैंने, वो प्यार का अफसाना है,
हर धड़कन में बस तू ही है, तू ही मेरा जमाना है,
इन रातों की गहराइयों में, तेरा ही नाम पुकारता है,
मेरी आशिकी की हर धुन पर, ये दिल सिर्फ तेरा इंतजार करता है।
दिल के हर कोने में, तेरा ही बसेरा है,
आशिकी का ये सफर, बस तेरे ही घेरा है,
हर पल तेरी यादों में, खोया रहता हूँ मैं,
जिंदगी की किताब में, तू ही तो मेरा सवेरा है।
छुप-छुप के तेरा दीदार करना, मेरी आदत बन गई है,
तेरी मुस्कुराहट में जीना, मेरी इबादत बन गई है,
क्या कहूँ इस दिल का हाल, ये तो बस तेरा ही है,
आशिकी की राहों पर, तू ही मेरी मंजिल बन गई है।
तेरी धड़कन में धड़कता हूँ, तेरी साँसों में समाया हूँ,
आशिकी के इस समंदर में, मैं एक लहर सा आया हूँ,
ना कोई खबर, ना कोई फिक्र, बस तेरी चाहत है,
मेरी रूह में बसकर, तूने मुझे खुद से मिलाया है।
जब भी तेरी याद आती है, ये दिल मुस्कुराने लगता है,
आँखों से बहते अश्क भी, गीत गुनगुनाने लगता है,
क्या जादू है तेरी मोहब्बत में, जो मुझ पर छा गई है,
आशिकी का हर लम्हा, एक नया फसाना कहने लगा है।
तेरी जुल्फों की छाँव में, मुझे सुकून मिलता है,
तेरी बातों के हर शब्द में, मेरा दिल पिघलता है,
ये कैसी आशिकी है मेरी, जो तुझसे शुरू हुई है,
हर ख्वाब, हर पल में, तेरा ही चेहरा खिलता है।
नज़रों का तेरी कमाल है, जो दिल को छू गया,
तेरी आशिकी में ए सनम, ये जहां रुक गया,
साँसों की डोरी से बांधा है, तेरे प्यार का बंधन,
हर लम्हा तेरे इंतज़ार में, ये जीवन सज गया।
चाँदनी रात में तेरी याद, मुझे जगाती है,
तारों से भरी महफ़िल में, तेरी तस्वीर दिखाती है,
ये आशिकी का आलम है, जो मुझ पर छाया है,
हर पल तेरी खुशी की, दुआ मेरे लबों पर आती है।
तेरी एक झलक पाने को, ये दिल बेकरार रहता है,
आशिकी का हर लम्हा, बस तेरा ही इंतजार करता है,
बिन तेरे मेरी जिंदगी, अधूरी सी लगती है मुझे,
तू ही मेरी मंजिल है, तू ही मेरा सारा जहां है।
शाम ढलते ही तेरी याद, मेरे दिल में उतर जाती है,
अंधेरी रातों में तेरी तस्वीर, रोशनी बन जाती है,
क्या कहूँ इस आशिकी का, ये तो रूह में बस गई है,
हर साँस में बस तेरा नाम है, और हर धड़कन तेरी दीवानी है।
तेरी आँखों का ये नूर, मेरी दुनिया संवार देता है,
तेरी हँसी की बदौलत, हर गम बिखर जाता है,
ये आशिकी का रिश्ता है, जो तुझसे जुड़ा है मेरा,
हर पल तेरे साथ जीने को, ये दिल मचल जाता है।
इश्क की राहों पर, तेरी परछाई मिली मुझे,
आशिकी के हर पल में, तेरी खुदा ही दिखी मुझे,
अब तो हर साँस पर, बस तेरा नाम लिखा है,
जिंदगी के हर मोड़ पर, तेरी ही जुस्तजू है मुझे।
तेरी धुन में खोया हूँ, ये आशिकी का जुनून है,
तेरे बिना ज़िंदगी मेरी, बेसुरा सा एक धुन है,
हर आहट तेरी लगती है, हर पल इंतज़ार तेरा,
अब तो बस तू ही तू है, ये मेरा सुकून है।
दिल की गहराइयों में, तेरा ही अक्स बसा है,
आशिकी का ये सफर, तुझसे ही शुरू हुआ है,
ना जाने कब से, ये दिल तेरा ही हो गया है,
तेरे प्यार में ही, ये जीवन अब तो जवाँ हुआ है।
तेरी आवाज़ की खनक, मेरे कानों में गूंजती है,
आशिकी के हर पल में, तेरी यादें झूलती हैं,
कैसे बयाँ करूँ मैं, अपने दिल का ये दर्द,
बिन तेरे मेरी दुनिया, बेरंग सी लगती है।
फूलों की खुशबू में, तेरी महक मिलती है,
आसमान के तारों में, तेरी चमक दिखती है,
ये आशिकी है या जादू, जो मुझ पर छाया है,
दिल के हर कोने में, बस तू ही तू रहती है।
तेरी बातों का जादू, मेरे दिल पर चल गया,
आशिकी का ये नशा, हर रग में घुल गया,
अब तो हर पल तेरे नाम, मैं जीता हूँ बस,
तू ही मेरी जिंदगी है, तू ही मेरा जहां बन गया।
जब से तू मेरी जिंदगी में आई है, खुशियों का संसार है,
आशिकी की राहों में, बस तेरा ही दीदार है,
हर लम्हा तेरे साथ बिताने को, दिल ये बेताब है,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरा इंतज़ार है।
तेरी आँखों की गहराई में, मेरा वजूद खो गया,
आशिकी के इस दरिया में, मैं पूरी तरह डूब गया,
ना दिन का पता है, ना रातों की खबर मुझे,
जब से तू दिल में आई, ये दिल तेरा ही हो गया।
तेरी मुस्कान पर मर मिटना, मेरी फितरत बन गई है,
आशिकी के हर सफर में, तू ही मेरी चाहत बन गई है,
क्या कहूँ इस प्यार को, ये तो रूह से जुड़ा है,
हर दुआ में बस तेरा नाम, ये मेरी इबादत बन गई है।
तेरी एक झलक पाने को, ये दिल तरसता रहता है,
आशिकी का हर लम्हा, बस तुझको ही चाहता है,
कैसे कहूँ तुझे, तू कितनी प्यारी है मेरे लिए,
तू मेरी सुबह है, तू ही मेरी शाम है, तू ही मेरा संसार है।
तेरी खामोशी भी, मेरे दिल से बात करती है,
आशिकी का हर नगमा, तेरे ही नाम से भरती है,
क्या लिखूँ तेरी तारीफ में, हर लफ्ज़ अधूरा है,
मेरी जिंदगी में तू है, तो हर कमी पूरी है।
तेरी यादों के चिराग, ये दिल जलाए रखता है,
आशिकी का हर किस्सा, तुझसे ही बनाए रखता है,
कितना गहरा है ये रिश्ता, जो तुझसे जुड़ गया है,
मेरी हर साँस पर, बस तेरा नाम लिखा हुआ है।
तेरी पनाहों में जीना, मुझे अच्छा लगता है,
आशिकी का हर मौसम, तुझसे अब सच्चा लगता है,
तू मेरी रूह में बसी है, तू मेरी इबादत है,
तेरे बिना ये जीवन, अधूरा अधूरा लगता है।
तेरी अदाओं पर, ये दिल जान छिड़कता है,
आशिकी के नशे में, हर पल ये भटकता है,
तू पास हो या दूर, तेरी याद आती है,
हर नजारे में बस, तेरा अक्स ही दिखता है।
Aashiqui Shayari 2 Line | आशिकी शायरी 2 लाइन

तेरी आँखों में डूबकर, ज़िंदगी का सफर तय करना है,
आशिकी के हर पल में, बस तुझसे ही प्यार करना है।
हर धड़कन में बस तू है, हर साँस में तेरा नाम है,
आशिकी की ये दुनिया, अब तेरे ही नाम है।
तेरी यादों से महकता है, मेरा हर पल हर शाम,
आशिकी का ये जादू, कर गया कमाल।
कुछ इस तरह से तेरी आशिकी में खो गए हैं हम,
ना खुद की खबर है, ना दुनिया का गम।
तेरी ही धुन पर ये दिल, अब तो नाचने लगा है,
आशिकी का हर पल, अब खास लगने लगा है।
नज़रें तेरी ही तलाश में, रहती हैं हर पल,
आशिकी की ये प्यास, बुझती नहीं आजकल।
तेरी एक झलक पाकर, दिल को करार आ जाता है,
आशिकी का हर लम्हा, यादगार बन जाता है।
तेरी साँसों में सिमट कर, जीना है मुझे,
आशिकी की हर राह पर, चलना है तुझे।
जब से तू दिल में आई, दुनिया रंगीन हो गई,
आशिकी की ये डोरी, अब और मज़बूत हो गई।
तेरी मोहब्बत में रूहानी, हो गई है मेरी जिंदगी,
आशिकी के इस साये में, अब नहीं कोई भी कमी।
तेरी आँखों की गहराई में, एक अलग सा नशा है,
आशिकी की ये दास्तान, तुझसे ही शुरू हुई है।
हर खुशी अधूरी है, बिन तेरे मेरे हमदम,
आशिकी का हर पल, बस तेरे ही नाम।
तेरी हँसी से रोशन है, मेरी दुनिया का हर कोना,
आशिकी के इस रिश्ते में, नहीं कुछ खोना।
दिल की किताब में, तेरा नाम लिखा है,
आशिकी का हर पन्ना, तुझसे ही रंगीन हुआ है।
तेरे ख्याल में खोये रहना, मेरी आदत बन गई है,
आशिकी की ये अदा, मेरी पहचान बन गई है।
तेरी बातों का जादू, मेरे दिल में समा गया,
आशिकी का हर लम्हा, जन्नत बन गया।
पलकों में तेरी सूरत, आँखों में तेरा प्यार,
आशिकी का यही तो है, मेरा सच्चा संसार।
तेरी यादों से मेरा, हर दिन खूबसूरत बनता है,
आशिकी का ये साया, कभी नहीं हटता है।
तेरा साथ है तो ज़िंदगी, जन्नत लगती है,
आशिकी की ये दौलत, हर खुशी से बड़ी है।
मेरे इश्क़ की दास्ताँ, तेरी आशिकी से है,
मेरे हर सवाल का जवाब, तेरी हँसी से है।
तेरी चाहत में, हम हर हद से गुज़र जाएँगे,
आशिकी के इस सफर में, बस तेरे होकर रह जाएँगे।
दिल को तेरे ही नाम लिखने की, आदत हो गई है,
आशिकी की हर शाम, तेरी चाहत में खो गई है।
चाँद तारों में भी, अब तेरा ही अक्स दिखता है,
आशिकी का ये पैगाम, हर दिल पर बिकता है।
तेरा नाम लेकर जी रहे हैं, तेरी यादों में खो रहे हैं,
आशिकी की राह में, हम तेरे ही हो रहे हैं।
तेरी एक मुस्कान पर, ये दिल जान लुटाए बैठा है,
आशिकी का हर सपना, बस तुझसे सजाए बैठा है।
Aashiqui Shayari In Hindi | आशिकी शायरी हिंदी में

तेरी चाहत में डूबे हैं, हर पल हर लम्हा,
ये आशिकी का सफर है, जो बस तुझसे ही मिला,
खुद को भुला के तुझमें, यूं खो गए हैं हम,
अब तेरी धड़कन में धड़कना, ही है मेरा जहां।
नज़र झुकाए जब तू, सामने से गुजरती है,
मेरे दिल की हर धड़कन, बस धक-धक करती है,
ये आशिकी का आलम है, जो मुझ पर छाया है,
बिन तेरे मेरी दुनिया, बेरंग सी लगती है।
तेरी मुस्कुराहट की चमक, मेरे दिल को छू जाती है,
आँखों की गहराइयों में, एक दुनिया सजाती है,
कैसा है ये प्यार, जो मुझपर छाया है हर पल,
आशिकी की हर राह पर, तेरी याद आती है।
हर साँस में तेरा नाम, हर ख्वाब में तेरी सूरत,
ये आशिकी की दास्तान, है कितनी खूबसूरत,
दिन हो या रात, बस तेरा ही ख्याल रहता है,
तू ही मेरी इबादत है, तू ही मेरी मूरत।
तेरी बातों का जादू, मेरे दिल पर छाया है,
आशिकी के इस सफर में, तूने मुझे अपनाया है,
अब तो हर पल तेरे साथ, जीना चाहता हूँ मैं,
तूने मेरे खाली जीवन को, खुशियों से सजाया है।
दिल के हर कोने में, तेरा ही बसेरा हो गया,
आशिकी का हर लम्हा, अब तो तेरा हो गया,
तेरे बिना ज़िंदगी मेरी, अधूरी सी लगती है,
तू ही मेरी अब सुबह है, तू ही मेरा सवेरा हो गया।
तेरी एक झलक पाने को, ये दिल बेताब रहता है,
आशिकी की हर धुन पर, ये दीवाना नाचता रहता है,
क्या कहूँ इस प्यार का, जो गहरा है समुंदर से भी,
तेरी यादों में खोया हुआ, मेरा हर पल बहता रहता है।
जब से मिली है तू, ज़िंदगी बदल गई है,
आशिकी की राहों पर, अब ये संभल गई है,
तेरी मोहब्बत की रोशनी, मेरे दिल में आ गई है,
हर अंधेरी रात अब, उजली सी लगने लगी है।
तेरी जुल्फों की छाँव में, मेरा दिल ठहर गया है,
आशिकी के हर सफर में, तेरा साथ मिल गया है,
ना कोई खबर, ना कोई फिक्र, बस तेरी तलाश है,
तू ही मेरी मंजिल है, तू ही मेरा हमसफर हो गया है।
इन आँखों में जो नमी है, वो तेरी यादों की है,
आशिकी की जो धुन है, वो तेरी बातों की है,
क्या जादू है तेरी मोहब्बत में, जो मुझपर छाया है,
हर साँस पर जो नाम है, वो बस तेरा ही है।
तेरी चाहत में जीना, मेरा मक्सद बन गया है,
आशिकी का हर पल, एक किस्सा बन गया है,
तेरे बिना ज़िंदगी मेरी, बेरंग सी लगती है,
तू ही मेरी रंगत है, तू ही मेरी जान बन गई है।
नज़रों से तेरी नज़रें मिलीं, और आशिकी हो गई,
दिल की हर धड़कन, अब तेरे नाम की हो गई,
कैसे बयाँ करूँ मैं, ये जज़्बात तेरे प्यार के,
तेरी ही दुनिया में, अब मेरी रातें जगने लगीं।
तेरी आहट से मेरे, दिल की धड़कनें तेज होती हैं,
आशिकी की ये कहानी, हर पल नई मोड़ लेती है,
खोया रहता हूँ अक्सर, तेरे ही ख्यालों में,
मेरी हर साँस में, बस तेरी चाहत बोलती है।
चाँद भी शर्मिंदा है, तेरी खूबसूरती के आगे,
आशिकी के ये अफसाने, हर दिल छू जाते हैं,
तू सामने हो तो, वक्त भी ठहर जाता है,
तेरी मोहब्बत में, हम हर गम भूल जाते हैं।
तेरी बातों में वो जादू है, जो दिल जीत लेता है,
आशिकी का ये सफर, मुझको तुझ तक ले जाता है,
बिन तेरे मेरी हर खुशी, अधूरी सी लगती है,
तू ही मेरी मंजिल है, तू ही मेरा किनारा है।
लिखूं क्या तेरी तारीफ में, हर लफ्ज़ अधूरा है,
आशिकी का ये मौसम, तुझसे ही तो पूरा है,
तू दूर हो या पास, तेरी याद सताती है,
मेरी जिंदगी में तू है, तो हर गम सहना मंजूर है।
तेरी मुस्कान पर हर पल, ये दिल जान लुटाता है,
आशिकी के हर पल में, तुझसे प्यार बढ़ाता है,
ना जाने क्या जादू है, तेरी इन अदाओं में,
मेरा हर सपना अब, तुझसे ही सजता है।
तू मेरी सुबह है, तू ही मेरी शाम है,
आशिकी के हर लम्हे में, बस तेरा नाम है,
अब तो हर साँस पर, तेरा ही पहरा है,
तू ही मेरा आसमान है, तू ही मेरा जहां है।
तेरी आँखों में देखा है, मैंने एक अलग सा संसार,
आशिकी का हर रंग, तुझसे ही है गुलज़ार,
तेरा साथ है तो ज़िंदगी, जन्नत से कम नहीं,
तेरी मोहब्बत ही है, मेरी हर खुशी की बहार।
दिल की धड़कन में तेरी, आवाज सुनाई देती है,
आशिकी के हर नगमों में, तेरी याद आती है,
क्या कहूँ इस प्यार को, जो रूह में उतर गया है,
मेरी हर साँस अब, बस तेरा इंतज़ार करती है।
तेरी अदाओं पर, हर पल ये दिल फिदा है,
आशिकी का हर लम्हा, तुझसे ही जुदा है,
बिन तेरे ज़िंदगी मेरी, बस एक अधूरी कहानी,
तू ही मेरी इबादत है, तू ही मेरी खुदा है।
तेरी मोहब्बत की रोशनी, मेरे दिल में समा गई,
आशिकी की हर दुआ, अब तेरे नाम हो गई,
ना चाहत है किसी और की, ना कोई तमन्ना है,
तू ही मेरे लिए सब कुछ है, तू ही मेरी जिंदगी बन गई।
हर गुजरते पल, तेरी याद सताती है,
आशिकी का हर मौसम, नया गुल खिलाती है,
तेरा साथ है तो जिंदगी, कितनी हसीन लगती है,
तेरी ही मोहब्बत, मुझे जीना सिखाती है।
तेरी पनाहों में आकर, सुकून मिल गया है मुझे,
आशिकी का हर सफर, तुझसे अब सच्चा लगा है,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरा प्यार है,
हर दुआ में बस, तेरा नाम याद आता है मुझे।
तेरी एक मुस्कान, मेरी दुनिया बदल देती है,
आशिकी की हर सुबह, तेरी याद से जगती है,
ना जाने क्या जादू है, तेरी इन अदाओं में,
तू ही मेरी मोहब्बत है, तू ही मेरी इबादत है।
Aashiqui Shayari On Life | जिंदगी पर आशिकी शायरी

जिंदगी के सफर में, तेरी आशिकी सहारा बन गई,
हर मुश्किल घड़ी में, तेरी याद किनारा बन गई,
खोया था मैं अंधेरों में, जब रोशनी तूने दिखाई,
मेरी हर साँस में, अब तू एक प्यारा नजारा बन गई।
ये ज़िंदगी की किताब है, और तू इसकी कहानी,
तेरी आशिकी में ए सनम, हर खुशी हमने जानी,
गमों के बादल छटे, जैसे ही तूने दी दस्तक,
हर पल तेरे साथ जीने की, अब यही है निशानी।
जिंदगी की डगर पर, जब भी हिम्मत हारी मैंने,
तेरी आशिकी के सहारे, हर बाजी मारी मैंने,
तेरा साथ मिला तो, हर ख्वाब पूरा हो गया,
हर साँस को तेरी मोहब्बत से, संवारी मैंने।
ये ज़िंदगी भी क्या, बिन तेरे अधूरी लगती है,
तेरी आशिकी की धुन पर, हर शाम गुजरती है,
कब से था ये दिल तन्हा, अब तू मिली तो जाना,
मेरी हर खुशी अब, तुझसे ही जुड़ी रहती है।
गमों के साए में भी, तेरी आशिकी हँसाती है,
जिंदगी की हर उलझन में, तू ही राह दिखाती है,
तेरा साथ है तो, हर सपना हकीकत लगता है,
तेरी मोहब्बत ही तो, मुझे जीना सिखाती है।
जिंदगी की राहों में, तू बन के साया चलना,
आशिकी के हर पल में, बस मुझसे ही लिपटना,
ये सफर है लंबा, पर तेरे साथ कट जाएगा,
एक पल भी बिन तेरे, अब मुश्किल है रहना।
जब से तू जिंदगी में आई, रौनक छा गई है,
आशिकी की हर धुन में, अब मस्ती आ गई है,
जिंदगी के मायने बदले, जैसे ही तूने थामा हाथ,
मेरी हर साँस में, अब तेरी खुशबू समा गई है।
ये जिंदगी भी क्या, एक फसाना बन गई है,
तेरी आशिकी की खातिर, अब मस्ताना बन गई है,
हर पल तेरे साथ, हर खुशी में तू शामिल,
तू ही मेरी सच्चाई है, तू ही मेरी जान बन गई है।
जिंदगी की उलझनों में, तेरी आशिकी सुकून है,
दिल के हर कोने में, तेरा ही तो जुनून है,
सुबह-शाम बस तेरा, ही ख्याल रहता है मुझे,
तेरे बिना ये जीवन, बेजान और बेगुन है।
तेरी आशिकी से रोशन, मेरी हर राह हो गई,
जिंदगी की हर सुबह, गुलों की तरह खिल गई,
तुझमें खोकर मैंने, खुद को पाया है आज,
तेरी मोहब्बत में, ये दुनिया जन्नत सी दिख गई।
जिंदगी की हर सांस में, तेरा नाम लिखता हूँ,
आशिकी के हर पल में, तुझको ही तो तकता हूँ,
क्या कहूँ इस मोहब्बत का, जो मुझपर छाई है,
तेरे बिना जीना, अब मैं सोच भी नहीं सकता हूँ।
मेरी जिंदगी की डोर, तेरे हाथों में सौंप दी है,
आशिकी की हर कश्ती, तेरे नाम मोड़ दी है,
अब जो भी होगा, तेरे साथ ही होगा मेरा,
हर खुशी हर गम, तुझसे जुड़ी कर दी है।
जिंदगी की हर राह पर, तेरी आशिकी का रंग है,
हर लम्हा तेरे साथ, जीना एक अलग उमंग है,
ना कोई फिक्र है मुझे, ना कोई डर है अब,
तू जो साथ है मेरे, तो हर जंग में फतेह है।
तेरी आशिकी ने मेरी जिंदगी, महका दी है,
हर पल में खुशियों की, एक नई आस दी है,
जब से तू मिली है मुझे, हर गम भूल गया,
प्यार भरा सफर अब, तुझसे शुरू कर दिया है।
जिंदगी है तो क्या है, अगर तू साथ नहीं,
आशिकी का ये जाम, बिन तेरे ज़ात नहीं,
तू ही मेरी सुबह है, तू ही मेरी हर शाम,
तेरे बिना मेरी हँसी में, वो बात नहीं।
तेरी मोहब्बत ने ज़िंदगी को, एक नया मोड़ दिया,
आशिकी के इस रिश्ते ने, हर बंधन तोड़ दिया,
जो भी ख्वाब देखे थे, वो सच हो गए हैं अब,
मेरे खुशियों के पल, तुझसे ही जोड़ दिया।
जिंदगी के हर दर्द की, दवा बन गई है तू,
आशिकी की हर तमन्ना, पूरी कर गई है तू,
न जाने क्या जादू है, तेरी इन अदाओं में,
मेरी हर साँस की, वजह बन गई है तू।
तेरी आशिकी में जीना, ही अब मेरा धर्म है,
जिंदगी का हर पल, जैसे एक नया कर्म है,
तेरे साथ रहने की खातिर, कुछ भी करूंगा मैं,
तेरे बिना मेरा हर दिन, एक बड़ा गम है।
जिंदगी की शाम को, तेरी आशिकी रोशन करे,
दिल के हर अंधेरे कोने में, तेरी ही याद भरे,
तू मेरी उम्मीद है, तू ही मेरी जान है,
तेरी मोहब्बत से हर पल, जिंदगी मेरी संवरे।
जब तक साँसे चलेंगी, तेरी आशिकी निभाऊंगा मैं,
जिंदगी के हर पल में, तुझको ही चाहूंगा मैं,
ये वादा है मेरा, जो कभी टूटेगा नहीं,
तेरे लिए मेरी जिंदगी, हर पल कुर्बान करूंगा मैं।
तेरे साथ जिंदगी के, हर लम्हे को जीना है,
आशिकी के इस जाम को, तेरे साथ ही पीना है,
तू ही मेरी हमसफ़र, तू ही मेरी राह है,
तेरी मोहब्बत में ही, मेरा दिल है सीना है।
जिंदगी के हर मोड़ पर, तेरी आशिकी साथ रहे,
धूप हो या बरसात, तेरा ही हाथ रहे,
तेरी मोहब्बत के सहारे, हर मुश्किल पार होगी,
तेरी हर खुशी में, मेरा दिल हमेशा मुस्कुराते रहे।
तेरी आहट से मेरी, ज़िंदगी में रंग भर गए,
आशिकी के हर पल में, सारे गम उतर गए,
अब तो हर साँस पर, बस तेरा नाम लिखा है,
मेरे सारे अरमान, तुझसे ही संवर गए।
जिंदगी का हर पल, अब तेरे नाम कर दिया है,
आशिकी का ये दीवाना, तुझे सलाम कर दिया है,
ना कोई ख्वाहिश है अब, ना कोई तमन्ना है,
तेरी मोहब्बत में, मेरा हर काम कर दिया है।
तेरी आशिकी ने मेरी जिंदगी, को एक नया रूप दिया,
हर अंधेरी रात को, एक खूबसूरत धूप दिया,
तेरे प्यार में ही हम, अब जीना चाहते हैं,
तूने मेरे खाली दिल को, खुशियों से भर दिया।
Aashiqui Shayari In Hindi 2 Line | आशिकी शायरी हिंदी में 2 लाइन

तेरी आँखों में मेरी, दुनिया बसी है,
आशिकी की ये कहानी, तुझसे ही सजी है।
हर साँस में तेरा नाम, दिल में तेरा ख्याल,
आशिकी का ये सफर, है मेरा बेमिसाल।
तेरी एक मुस्कान पर, ये दिल जान लुटाता है,
आशिकी का हर मौसम, तुझसे ही महकता है।
तेरे बिना ज़िंदगी, अधूरी सी लगती है,
आशिकी की हर धुन, तुझसे ही बजती है।
जब से तू मिली है, हर पल प्यारा हो गया,
आशिकी का हर लम्हा, हमारा हो गया।
तेरी जुल्फों की छाँव में, मुझे सुकून मिलता है,
आशिकी का हर ख्वाब, तुझसे ही खिलता है।
दिल के अरमान मेरे, तुझसे जुड़े हैं,
आशिकी के ये रिश्ते, कभी ना टूटें।
तेरी मोहब्बत में ए सनम, खुद को भुला बैठे हैं,
आशिकी के हर पल में, तुझको ही पा बैठे हैं।
नज़रें मिलें तो क्या हुआ, दिल तो कब से मिल गया,
आशिकी का ये जादू, मुझ पर चल गया।
तेरी बातों का असर, मेरे दिल पर होता है,
आशिकी का हर पल, मुझ पर जादू करता है।
तेरे प्यार में जीना, अब आदत हो गई है,
आशिकी की हर दुआ, तेरी चाहत हो गई है।
हर दिन हर रात, तेरी याद आती है,
आशिकी की ये प्यास, बढ़ती ही चली जाती है।
तू मेरी सुबह है, तू मेरी शाम है,
आशिकी के हर लम्हे में, बस तेरा नाम है।
तेरी मोहब्बत का, ये कैसा खुमार है,
आशिकी की हर राह पर, तेरा इंतज़ार है।
जिंदगी की हर खुशी, तुझसे ही मिलती है,
आशिकी की हर धुन, तुझसे ही बजती है।
तेरी एक झलक पाकर, दिल को सुकून मिलता है,
आशिकी का हर फूल, तुझसे ही खिलता है।
रूह से रूह का ये रिश्ता, कितना गहरा है,
आशिकी का हर पल, तुझसे ही तो सुनहरा है।
तेरी मोहब्बत में खोकर, हम दीवाने हो गए,
आशिकी के हर पल में, तेरे ही हो गए।
तेरा नाम लेकर जी रहे हैं, तेरा नाम लेकर मरेंगे,
आशिकी की हर जंग में, हम तेरे साथ रहेंगे।
दूर रहकर भी तेरी, याद सताती है,
आशिकी की ये रुत, दिल को बहलाती है।
तेरा साथ है तो, हर मुश्किल आसान है,
आशिकी का रिश्ता, सबसे महान है।
खुदा से मांगते हैं, हर दुआ में तुझे,
आशिकी का ये बंधन, कभी ना टूटे।
तेरी आवाज़ की खनक, मेरे कानों में गूंजती है,
आशिकी की हर धड़कन, बस तुझको ही ढूंढती है।
ये दिल मेरा दीवाना, बस तेरे लिए धड़कता है,
आशिकी का हर सूरज, तुझसे ही निकलता है।
मेरी हर साँस पर, बस तेरा नाम लिखा है,
आशिकी का हर लम्हा, तुझसे ही सीखा है।
Aashiqui Shayari Hindi Text | आशिकी शायरी हिंदी टेक्स्ट

तेरी मोहब्बत की रोशनी में, मेरा दिल जगमगाता है,
हर लम्हा तेरी यादों से, ये जीवन खिल जाता है,
क्या कहूँ इस आशिकी का, जिसने मुझे जीना सिखाया है,
तेरे बिना अब एक पल भी, रहना गवारा नहीं है।
नज़रों में तेरी सूरत, दिल में तेरा प्यार बसा है,
ये आशिकी का मौसम, हर पल मुझ पर छाया है,
जब से तू मिली है मुझे, मेरी दुनिया बदल गई है,
तेरी हर साँस में ए सनम, मेरा वजूद समाया है।
मेरी धड़कनों में तेरी, धुन सुनाई देती है,
तेरी आशिकी की हर बात, मुझे बहकाती है,
सुबह-शाम बस तेरा, ही ख्याल रहता है मुझे,
तू ही मेरी जिंदगी का, हर मकसद बताती है।
तेरे साथ गुजरे लम्हे, यादों में संजोये रखता हूँ,
तेरी आशिकी के किस्से, हर दिल को सुनाता हूँ,
क्या कहूँ तेरे प्यार को, जो इतना गहरा है,
तेरे बिना हर खुशी, अधूरी सी लगती है मुझको।
तेरी एक झलक पाने को, ये दिल बेताब रहता है,
आशिकी का हर मौसम, तुझको ही तो चाहता है,
ये प्यार है या पागलपन, जो मुझ पर छाया है,
हर रात तेरी यादों में, यह दिल सोता नहीं है।
तेरी मुस्कान पर, ये दिल जान लुटाता है,
आशिकी के हर मोड़ पर, तुझको ही पाता है,
ना जाने क्या जादू है, तेरी इन अदाओं में,
मेरा हर ख्वाब, अब तुझसे ही सजता है।
रूह से रूह का रिश्ता, तेरा मेरा हो गया है,
आशिकी के इस सफर में, सब कुछ तेरा हो गया है,
ना कोई फिक्र है अब, ना कोई गम मुझे,
जब से तू मेरी जिंदगी में आई, सब खुशियों से भर गया है।
तेरी बातों में खो जाना, मेरी आदत बन गई है,
आशिकी की हर आहट, मेरी राहत बन गई है,
तू दूर हो या पास, तेरी याद आती है,
तेरी मोहब्बत की अब, मुझे चाहत हो गई है।
तेरी जुल्फों की छाँव में, मेरा दिल ठहर गया है,
आशिकी के इस आलम में, मेरा हर पल संवर गया है,
तू ही मेरी मंजिल है, तू ही मेरी राह है,
तेरे बिना जीना, अब मुश्किल हो गया है।
ये दिल मेरा दीवाना, बस तेरे लिए धड़कता है,
आशिकी का हर मौसम, तुझसे ही सजता है,
तेरी मोहब्बत का, ये कैसा असर है मुझ पर,
बिन तेरे एक पल भी, अब नहीं कटता है।
तेरी आँखों की गहराई में, एक अलग सा संसार है,
आशिकी की हर सांस पर, बस तेरा इख्तियार है,
कैसे बयाँ करूँ मैं, ये जज़्बात तेरे प्यार के,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरा हमसफ़र है।
तेरी आहट से मेरे, दिल में खुशियाँ आ जाती हैं,
आशिकी की हर धुन पर, ये रूह नाचती है,
तेरी मोहब्बत का जादू, मुझ पर इस कदर छाया है,
हर पल तेरी यादों में, ये आँखें मुस्कुराती हैं।
दिल की किताब में, तेरा नाम लिख दिया है मैंने,
आशिकी के हर पन्ने पर, तुझको उतार दिया है मैंने,
अब तो हर साँस पर, बस तेरा नाम है,
तेरी मोहब्बत में खुद को, पूरी तरह लुटा दिया है मैंने।
तेरी जुदाई का गम भी, अब हँसी बन गया है,
आशिकी का हर लम्हा, अब बेमिसाल हो गया है,
तेरे प्यार में खोकर, मैंने खुद को पाया है,
हर रात तेरी याद में, ये दिल मचल गया है।
तेरी हर बात पर, ये दिल ऐतबार करता है,
आशिकी का हर मौसम, बस तेरा इंतज़ार करता है,
क्या कहूँ तेरी मोहब्बत को, जो रूह में बस गई है,
मेरे हर ख्वाब में, तेरा ही तो दीदार होता है।
तेरी चाहत ने मुझे, जीना सिखा दिया है,
आशिकी के इस सफर में, मंजिल दिखा दिया है,
अब तो हर पल तेरे साथ, बिताना चाहता हूँ मैं,
तूने मेरे खाली जीवन को, खुशियों से भर दिया है।
तेरे नाम से रोशन है, मेरी हर नई सुबह,
आशिकी की हर शाम, तुझसे ही है जुदा,
तू ही मेरी इबादत है, तू ही मेरा खुदा है,
तू ही मेरी जिंदगी का, हर खुशी का पता है।
तेरी आँखों का जादू, मुझ पर इस कदर छाया है,
आशिकी के हर पल में, मैंने तुझको ही पाया है,
ना जाने कब से, ये दिल तेरा हो गया है,
मेरी हर साँस में, तेरा ही तो साया है।
तेरी मीठी बातों में, मेरा दिल बहक जाता है,
आशिकी का हर लम्हा, मधुर गीत गाता है,
तू दूर हो या पास, तेरी याद आती है,
जब भी तू मुस्कुराती है, मेरा दिल खुश हो जाता है।
तेरी मोहब्बत में ए सनम, खुद को हार बैठे हैं,
आशिकी के इस खेल में, सब कुछ वार बैठे हैं,
अब तो हर खुशी में, तेरा ही ज़िक्र होता है,
तेरी अदाओं पर, हम अपना दिल लुटा बैठे हैं।
तेरा नाम लेकर जी रहे हैं, तेरी यादों में खो रहे हैं,
आशिकी की हर राह पर, तेरे ही हो रहे हैं,
तू मेरी मंजिल है, तू ही मेरी जान है,
तेरी मोहब्बत में ही, हम जीते और मर रहे हैं।
तेरी हँसी में मेरा, हर गम घुल जाता है,
आशिकी का हर मौसम, खुशियों में बदल जाता है,
तेरा साथ है तो जिंदगी, जन्नत से कम नहीं,
तेरी मोहब्बत में, ये दिल हर पल मुस्कुराता है।
तेरी आहट से मेरे, दिल की धड़कनें तेज होती हैं,
आशिकी की ये कहानी, हर पल नई होती है,
तेरे प्यार का जादू, मुझ पर छाया है इस कदर,
मेरा हर ख्वाब अब, बस तुझसे ही जुड़ा होता है।
तेरी मोहब्बत का, ये कैसा रंग चढ़ा है,
आशिकी का हर पल, खुशियों से भरा है,
ना कोई खबर है अब, ना कोई फिक्र मुझे,
जब से तू मिली है, ये जीवन संवर गया है।
तेरी आँखों में देखा है मैंने, एक नया संसार,
आशिकी का हर पल, है तुझसे ही गुलज़ार,
ये रब से दुआ है मेरी, तू हमेशा साथ रहे,
तेरी ही मोहब्बत में, मेरा जीवन हो जाए साकार।
Aashiqui Love Shayari | आशिकी लव शायरी

तेरी आँखों में मेरी, दुनिया का हर रंग है,
आशिकी का ये सफर, बस तेरे ही संग है,
हर धड़कन में बस तू है, हर साँस में तेरा नाम,
मेरा हर पल हर लम्हा, अब तेरे ही नाम है।
जब से तेरी नज़रें मिलीं, दिल दीवाना हो गया,
आशिकी का ये नशा, हर पल गहरा हो गया,
न खुद की खबर है, न दुनिया का पता है,
तेरे प्यार में खोकर, ये जीवन सुहाना हो गया।
तेरी मुस्कुराहट की चमक, मेरी दुनिया सजाती है,
आशिकी की हर सुबह, तुझसे ही जगमगाती है,
बिन तेरे मेरी ज़िंदगी, अधूरी सी लगती है,
तू ही मेरी जान है, तू ही मेरी पहचान है।
तेरी बातों में वो जादू है, जो दिल को छू जाता है,
आशिकी का हर लम्हा, अब खास हो जाता है,
कितना गहरा है ये प्यार, जो तुझसे मिला है,
हर पल तेरे साथ जीने को, ये दिल मचल जाता है।
तेरी जुल्फों की छाँव में, मेरा दिल ठहर गया है,
आशिकी के इस सफर में, मुझे तू मिल गया है,
ना कोई ख्वाहिश है अब, ना कोई तमन्ना है,
तू ही मेरी मंजिल है, तू ही मेरा हमसफर हो गया है।
रूह से रूह का रिश्ता, है ये हमारी आशिकी,
हर साँस में बस तू है, तू ही मेरी बंदगी,
तेरा साथ है तो ज़िंदगी, जन्नत सी लगती है,
तू ही मेरे दिल की, हर बात जानती है।
तेरी चाहत में जीना, मेरा मक्सद बन गया है,
आशिकी का हर किस्सा, तुझसे ही शुरू हुआ है,
तेरे बिना मेरा हर खुशी, अधूरी सी लगती है,
तू ही मेरी आशिकी है, तू ही मेरी जान बन गई है।
हर साँस पर तेरा नाम, हर आहट तेरी लगती है,
आशिकी की हर धुन पर, ये दिल बहकता है,
तेरी मोहब्बत का नशा, मुझ पर इस कदर छाया है,
बिन तेरे मेरा हर पल, अधूरा अधूरा लगता है।
दिल की गहराइयों में, तेरा ही बसेरा हो गया,
आशिकी का हर लम्हा, अब तो तेरा हो गया,
तेरे बिना ज़िंदगी मेरी, बेरंग सी लगती है,
तू ही मेरी सुबह है, तू ही मेरा सवेरा हो गया।
तेरी एक झलक पाने को, ये दिल बेकरार रहता है,
आशिकी की हर धुन पर, ये दीवाना नाचता रहता है,
क्या कहूँ इस प्यार का, जो गहरा है समुंदर से भी,
तेरी यादों में खोया हुआ, मेरा हर पल बहता रहता है।
जब से तू मेरी जिंदगी में आई, खुशियों का संसार है,
आशिकी की राहों में, बस तेरा ही दीदार है,
हर लम्हा तेरे साथ बिताने को, दिल ये बेताब है,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरा इंतज़ार है।
तेरी आँखों की गहराई में, मेरा वजूद खो गया,
आशिकी के इस दरिया में, मैं पूरी तरह डूब गया,
ना दिन का पता है, ना रातों की खबर मुझे,
जब से तू दिल में आई, ये दिल तेरा ही हो गया।
तेरी मुस्कान पर मर मिटना, मेरी फितरत बन गई है,
आशिकी के हर सफर में, तू ही मेरी चाहत बन गई है,
क्या कहूँ इस प्यार को, ये तो रूह से जुड़ा है,
हर दुआ में बस तेरा नाम, ये मेरी इबादत बन गई है।
तेरी एक झलक पाने को, ये दिल तरसता रहता है,
आशिकी का हर लम्हा, बस तुझको ही चाहता है,
कैसे कहूँ तुझे, तू कितनी प्यारी है मेरे लिए,
तू मेरी सुबह है, तू ही मेरी शाम है, तू ही मेरा संसार है।
तेरी खामोशी भी, मेरे दिल से बात करती है,
आशिकी का हर नगमा, तेरे ही नाम से भरती है,
क्या लिखूँ तेरी तारीफ में, हर लफ्ज़ अधूरा है,
मेरी जिंदगी में तू है, तो हर कमी पूरी है।
तेरी यादों के चिराग, ये दिल जलाए रखता है,
आशिकी का हर किस्सा, तुझसे ही बनाए रखता है,
कितना गहरा है ये रिश्ता, जो तुझसे जुड़ गया है,
मेरी हर साँस पर, बस तेरा नाम लिखा हुआ है।
तेरी पनाहों में जीना, मुझे अच्छा लगता है,
आशिकी का हर मौसम, तुझसे अब सच्चा लगता है,
तू मेरी रूह में बसी है, तू मेरी इबादत है,
तेरे बिना ये जीवन, अधूरा अधूरा लगता है।
तेरी अदाओं पर, ये दिल जान छिड़कता है,
आशिकी के नशे में, हर पल ये भटकता है,
तू पास हो या दूर, तेरी याद आती है,
हर नजारे में बस, तेरा अक्स ही दिखता है।
लिखूं क्या मैं तेरे लिए, हर शब्द कम पड़ता है,
आशिकी का हर लम्हा, तेरे नाम से ही शुरू होता है,
तेरी मोहब्बत में रूहानी, हो गई है मेरी जिंदगी,
हर खुशी हर गम में, तू ही मेरा साथ देता है।
तेरी मोहब्बत की आग में, जलना मंजूर है मुझे,
आशिकी के इस सफर में, तुझसे प्यार करना मंजूर है मुझे,
तू ही मेरी चाहत है, तू ही मेरी तमन्ना है,
तेरी हर खुशी में अपनी, खुशी दिखती है मुझे।
तेरी आहट से मेरे, दिल में खुशियों का डेरा है,
आशिकी के हर पल में, तेरा ही तो चेहरा है,
ना जाने कब से, ये दिल तेरा ही हो गया है,
तेरे प्यार में ही मेरा, ये जीवन अब तो सुनहरा है।
तेरी आँखों के जादू में, मैं खोया रहता हूँ,
आशिकी के हर पल में, बस तेरा ही होता हूँ,
तू मेरी मंजिल है, तू ही मेरी राह है,
तेरे इश्क की गहराई में, हर पल डूबा रहता हूँ।
तेरी हँसी की बदौलत, मेरे दिल में उजाला है,
आशिकी का हर लम्हा, तुझसे ही संभला है,
तेरी मोहब्बत की बारिश में, भीगना चाहता हूँ,
तू ही मेरा आसमान है, तू ही मेरा तारा है।
तेरी बातों का मीठा ज़हर, मुझ पर छाया है,
आशिकी का हर लम्हा, तुझसे ही संवारा है,
ना कोई शिकायत है मुझे, ना कोई गिला है,
तेरी मोहब्बत से ही मेरा, ये दिल बहला है।
तेरी यादों के सहारे, ये ज़िंदगी कट रही है,
आशिकी की हर धड़कन, तुझसे ही जुड़ रही है,
तू मेरी सांसों में शामिल, हो गई है इस कदर,
हर पल तेरी चाहत, मेरे दिल में उमड़ रही है।
Dard Aashiqui Shayari | दर्द आशिकी शायरी

जुदाई के दर्द में, तेरी आशिकी रुलाती है,
हर साँस पर तेरी याद, दिल को तड़पाती है,
क्या कहूँ इस दर्द को, जो सहता है मेरा दिल,
तेरी तस्वीर आँखों में, हर पल आ जाती है।
आशिकी का ये दर्द, अब सहा नहीं जाता,
तेरे बिना एक पल भी, रहा नहीं जाता,
आँखों से बहते अश्क, तेरी याद दिलाते हैं,
इस ज़ख्मी दिल का, अब कोई दवा नहीं चाहता।
तेरी जुदाई का गम, मेरे दिल में समा गया है,
आशिकी का हर लम्हा, अब दर्द बन गया है,
जो हँसी थी कभी लबों पर, अब वो गुम हो गई,
तेरे बिन मेरा हर खुशी, अब तो बेरंग हो गया है।
मेरी हर साँस में, अब दर्द की आह है,
आशिकी की ये कहानी, हर पल जुदाई की राह है,
कैसे कहूँ तुझे, तू कितनी याद आती है,
मेरे खुशियों के बाग में, पतझड़ की सदा है।
तेरी यादें आँसुओं में, बहती चली जाती हैं,
आशिकी की हर धड़कन, दिल को तड़पाती हैं,
तेरा इंतज़ार करते करते, थक गई हैं ये आँखें,
पर तेरी एक झलक भी, अब नज़र नहीं आती हैं।
दिल के अरमान मेरे, सारे टूट गए हैं,
आशिकी के वो सपने, अब बिखर गए हैं,
क्या कहूँ इस दर्द को, जो सहना पड़ा है मुझे,
तेरे बिना जीना, अब मुश्किल हो गए हैं।
तेरी बेवफाई का दर्द, मेरे दिल में बस गया है,
आशिकी का हर लम्हा, अब बोझ सा लग गया है,
सोचा था तू साथ देगी, हर कदम पर मेरा,
तूने तो मेरे दिल को, पल भर में तोड़ दिया है।
जब से तू गई है, जीना मुश्किल हो गया है,
आशिकी का हर सफर, अब वीरान हो गया है,
तेरी जुदाई का गम, मेरे दिल में छाया है,
हर खुशी अब मुझसे, दूर हो गई है।
आँखों में नमी है, दिल में दर्द गहरा है,
आशिकी की ये राह, अब तो अंधेरा है,
तूने जो दिया है गम, वो भुला नहीं पाऊंगा,
तेरे बिना मेरा हर दिन, अब बेसुरा सवेरा है।
तेरी यादें जब आती हैं, ये दिल रोता है,
आशिकी का हर ज़ख्म, हर पल रिसता है,
सोचा था तू करेगी प्यार, हमेशा मेरे साथ,
तेरी बेवफाई का गम, अब दिल में फंसा है।
दर्द की हर हद्द, मैंने पार कर दी है,
आशिकी की हर खुशी, तुझ पर वार दी है,
पर तूने तो मेरी मोहब्बत का, मजाक बना दिया,
मेरी हर साँस अब, गमों से भर दी है।
अंधेरी रातों में, तेरी यादें सताती हैं,
आशिकी के हर पल में, आँसू बन जाती हैं,
तूने मेरे दिल को, ऐसे तोड़ा है सनम,
मेरी हर दुआ में, अब तेरी याद आती है।
तेरी जुदाई का गम, मेरे दिल में समाया है,
आशिकी का हर लम्हा, अब मुझ पर भारी है,
कभी सोचा नहीं था, ऐसा भी दिन आएगा,
जब तेरी याद में, ये दिल बेवजह रोता रहेगा।
हर साँस में दर्द है, हर धड़कन उदास है,
आशिकी की ये महफ़िल, अब मेरे लिए खास नहीं,
तेरे बिना जीना, अब एक सज़ा बन गई है,
जिंदगी में अब बस, यादों का ही वास है।
तेरा नाम पुकारते हुए, उम्र बीत जाएगी,
आशिकी की ये कहानी, अधूरी रह जाएगी,
सोचा था तुझसे बढ़कर, कोई नहीं होगा मेरा,
तूने तो मेरी मोहब्बत को, यूँही ठुकरा दी।
दिल के टुकड़े हुए हैं, आहें भरता हूँ मैं,
आशिकी के दर्द में, हर पल मरता हूँ मैं,
तेरी यादों के सहारे, जी रहा हूँ किसी तरह,
तुझसे मिलने की, हर दुआ करता हूँ मैं।
तेरी बेवफाई ने, मुझे अकेला कर दिया,
आशिकी का हर लम्हा, तूने ज़हर भर दिया,
क्या कहूँ इस दर्द को, जो सह रहा हूँ मैं,
सोचा था तू साथ देगी, पर तूने छोड़ दिया।
गमों का साया, मेरे दिल पर छाया है,
आशिकी का हर पल, अब दर्द बन आया है,
तू दूर हो गई है, पर तेरी याद पास है,
अब तो बस मौत का, ही इंतज़ार आया है।
तेरी यादों के आँसू, मेरे पलकों से बहते हैं,
आशिकी के हर ज़ख्म, अब ज़ुबान से कहते हैं,
तूने जो दर्द दिया है, वो भुला नहीं पाऊंगा,
मेरे दिल पर अब बस, तेरा ही नाम रहते हैं।
अंधेरी रातें, लम्बी लगने लगी हैं,
आशिकी की हर धुन, दर्द में बदल गई है,
तेरी मोहब्बत में खो कर, पाया था सब कुछ,
तेरी जुदाई में, सब कुछ खो गया है।
टूटे दिल की हर आहट, शोर मचाती है,
आशिकी का हर लम्हा, तन्हाई दिखाती है,
तेरी यादों के साये में, मैं जीता हूँ मगर,
मेरी हर साँस में, अब दर्द की आहट आती है।
जब भी तेरी याद आती है, ये दिल तड़पता है,
आशिकी का हर ख्वाब, अब टूटकर बिखरता है,
तूने तो मेरी दुनिया, पल भर में उजाड़ दी,
अब तो बस जीने की, कोई वजह नहीं दिखती है।
तेरी मोहब्बत का, ये कैसा सिला मिला है,
आशिकी का हर पल, अब गमों से भरा है,
न कोई खुशी है अब, न कोई उम्मीद बाकी,
मेरी जिंदगी में बस, अब दर्द का बसेरा है।
तेरी जुदाई का दर्द, मैंने दिल में छुपाया है,
आशिकी का हर ज़ख्म, अब गहरा हो आया है,
सोचा था तू साथ रहेगी, जीवन भर मेरा,
पर तूने तो मेरी दुनिया को, पल भर में जलाया है।
आँखों में नींद नहीं, दिल में चैन नहीं है,
आशिकी का हर लम्हा, अब सुकून नहीं है,
तेरी यादों के सहारे, ये जीवन कट रहा है,
तेरे बिना जीना, अब आसान नहीं है।
Best Aashiqui Shayari | बेस्ट आशिकी शायरी

तेरी आँखों की गहराई में, मेरा दिल खो गया,
आशिकी के सफर में, तेरा प्यार पा गया,
ना कोई खबर है अब, ना कोई फिक्र मुझे,
जब से तू मिली है, हर सपना मेरा पूरा हो गया।
हर धड़कन में बस तू है, हर साँस में तेरा नाम,
ये आशिकी का आलम है, जो सुबह-ओ-शाम,
तेरी मोहब्बत में ऐसा जादू है, जो सब कुछ भुला दे,
तू ही मेरी जिंदगी, तू ही मेरा मुकाम।
तेरी मुस्कान पर, ये दिल जान लुटाता है,
आशिकी का हर लम्हा, तेरे नाम से ही आता है,
तू ही मेरी इबादत है, तू ही मेरी हर खुशी,
तेरी चाहत में जीना, मुझे अच्छा लगता है।
नज़रें मिलीं जब तुझसे, दिल ने कहा अपना है ये,
आशिकी का ये एहसास, सबसे खूबसूरत है,
तेरी जुल्फों की छाँव में, मुझे सुकून मिलता है,
तू ही मेरी खुशकिस्मती है, तू ही मेरी ज़न्नत है।
तेरी बातों का जादू, मेरे दिल पर छाया है,
आशिकी का हर लम्हा, तुझसे ही संवारा है,
कैसे बयाँ करूँ मैं, अपने दिल का ये हाल,
तेरा साथ है तो, हर मुश्किल आसान हुआ है।
तेरे प्यार में खोकर, मैंने खुद को पाया है,
आशिकी का हर पल, खुशियों से सजाया है,
तू ही मेरी सुबह है, तू ही मेरी शाम है,
खुदा से बस तेरा, ही साथ हमने चाहा है।
रूह से रूह का ये रिश्ता, है कितना प्यारा,
आशिकी का हर पल, तुझसे ही है गुजारा,
जब से तू मिली है, मेरी दुनिया बदल गई,
तू ही मेरी मंजिल है, तू ही मेरा किनारा।
तेरी यादों से महकता है, मेरा हर पल हर दिन,
आशिकी की हर धड़कन, बजती है तेरे बिन,
ना कोई तमन्ना है अब, ना कोई ख्वाहिश है,
तेरे प्यार में ही, जीना है मुझे हर सीन।
तेरा साथ है तो, हर मुश्किल आसान लगती है,
आशिकी की ये दुनिया, अब जन्नत लगती है,
तू ही मेरी ज़िंदगी है, तू ही मेरा प्यार है,
तेरे बिना मेरी हर खुशी, अधूरी सी लगती है।
तेरी आवाज़ की खनक, मेरे कानों में गूंजती है,
आशिकी की हर धुन पर, ये दिल झूमती है,
तेरी मोहब्बत का जादू, मुझ पर इस कदर छाया है,
हर पल तेरी याद में, ये आँखें घूमती हैं।
दिल की गहराईयों में, तेरा ही बसेरा है,
आशिकी का हर मौसम, तुझसे ही सुनहरा है,
ना दिन का पता है, ना रातों की खबर मुझे,
तेरे प्यार में खोकर, मैं खुद से बेखबर हूँ।
तेरी एक झलक पाकर, ये दिल खिल जाता है,
आशिकी का हर गुलशन, तुझसे ही महकता है,
तू ही मेरी उम्मीद है, तू ही मेरी आस है,
तेरे बिना जीना, अब मुश्किल सा लगता है।
तेरी मोहब्बत में रूहानी, हो गई है मेरी जिंदगी,
आशिकी के इस सफर में, अब नहीं कोई भी कमी,
तू ही मेरा सच्चा प्यार है, तू ही मेरी जान है,
हर दुआ में बस तेरा नाम, तू ही मेरी रोशनी।
जब से तू आई है, मेरी ज़िंदगी में खुशियाँ भर गई,
आशिकी की हर राह, अब आसान हो गई,
तेरे साथ हर कदम, चलना चाहता हूँ मैं,
मेरी हर साँस पर, अब तेरी बादशाहत हो गई।
तेरी हँसी से रोशन है, मेरी दुनिया का हर कोना,
आशिकी के इस रिश्ते में, नहीं कुछ भी खोना,
तू ही मेरा चांद है, तू ही मेरे तारे हैं,
तू ही मेरी हर खुशी है, तू ही मेरा सोना।
तेरा दामन जो थाम लिया, तो डर कैसा,
आशिकी का ये बंधन, है सबसे गहरा,
ना कोई मंजिल है अब, ना कोई ठिकाना है,
तेरी मोहब्बत ही है, मेरा सच्चा बसेरा।
लिखूं क्या मैं तेरी तारीफ में, हर शब्द कम पड़ता है,
आशिकी का ये जुनून, हर पल बढ़ता है,
तू ही मेरी ख्वाहिश है, तू ही मेरी अरमान,
तेरे प्यार में मेरा दिल, हर पल धड़कता है।
तेरी आंखों का काजल, मेरा दिल ले गया है,
आशिकी का हर लम्हा, सुहाना बना गया है,
तेरा साथ है तो, हर गम भूल जाता हूँ,
तेरे प्यार में जीना, ही मेरा मक्सद बन गया है।
तेरी मोहब्बत की छाँव में, मुझे आराम मिलता है,
आशिकी का हर पल, मुझे खुशियों से भर देता है,
तू ही मेरी जिंदगी है, तू ही मेरी आस है,
तेरे बिना मेरा हर दिन, सूना सा लगता है।
तेरा इंतज़ार करते हैं, हर पल हर रात,
आशिकी की हर बात में, तेरी ही बात,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरा प्यार है,
तुझमें खोकर ही, मेरा जीवन है आबाद।
तेरी अदाओं पर, ये दिल जान लुटाता है,
आशिकी के हर पल में, तुझसे प्यार बढ़ाता है,
ना जाने क्या जादू है, तेरी इन अदाओं में,
मेरा हर सपना अब, तुझसे ही सजता है।
तू मेरी सुबह है, तू ही मेरी शाम है,
आशिकी के हर लम्हे में, बस तेरा नाम है,
अब तो हर साँस पर, तेरा ही पहरा है,
तू ही मेरा आसमान है, तू ही मेरा जहां है।
तेरी आँखों में देखा है, मैंने एक अलग सा संसार,
आशिकी का हर रंग, तुझसे ही है गुलज़ार,
तेरा साथ है तो ज़िंदगी, जन्नत से कम नहीं,
तेरी मोहब्बत ही है, मेरी हर खुशी की बहार।
दिल की धड़कन में तेरी, आवाज सुनाई देती है,
आशिकी के हर नगमों में, तेरी याद आती है,
क्या कहूँ इस प्यार को, जो रूह में उतर गया है,
मेरी हर साँस अब, बस तेरा इंतज़ार करती है।
तेरी पनाहों में आकर, सुकून मिल गया है मुझे,
आशिकी का हर सफर, तुझसे अब सच्चा लगा है,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरा प्यार है,
हर दुआ में बस, तेरा नाम याद आता है मुझे।
Gulzar Aashiqui Shayari | गुलजार आशिकी शायरी

धूप को चाँदनी, चाँदनी को रात लिखना,
तेरे नाम पर, हर जज़्बात लिखना,
आशिकी की स्याही से, ये दिल लिखता है,
तेरे इंतज़ार में, हर बरसात लिखना।
पलकें झुकीं तो, इक ख्वाब बन गया,
खुली तो तेरी, आशिकी का जवाब बन गया,
तू ही मेरी कहानी, तू ही मेरा अफसाना,
ये दिल तेरे प्यार में, बेताब बन गया।
तेरी साँसों की खुशबू, दर-ओ-दीवार बताए,
मेरी आशिकी का किस्सा, हर मोड़ सुनाए,
अंधेरी रातों में, चाँद की रोशनी जैसी,
तेरी यादों का साया, हर पल सुलाए।
कुछ इस तरह से, तेरी आशिकी में उलझे हैं,
जैसे पतझड़ के पत्ते, शाखों से सुलझे हैं,
दिल का हर कोना, तेरे नाम से रोशन है,
हम तो बस तेरी यादों में, अब गुलझे हैं।
तेरी निगाहों में, एक गहरा समंदर है,
मेरी आशिकी का, वही तो सिकंदर है,
लबों पर तेरा नाम, दिल में तेरी तस्वीर,
तू ही मेरी दुनिया, तू ही मेरा मंदिर है।
ख़ामोशी में भी, तेरी आवाज़ सुनी है मैंने,
आशिकी की हर धुन, तुझसे बुनी है मैंने,
ये कैसे रिश्ते हैं, जो अनकहे बन गए,
तेरे इंतज़ार में, हर साँस चुनी है मैंने।
कोई आहट नहीं, पर तेरा एहसास रहता है,
आशिकी के हर पल, तू मेरे पास रहता है,
ये कैसा जादू है, जो मुझ पर छाया है,
दिल के हर कोने में, तेरा ही वास रहता है।
जिंदगी ने हर रंग, दिखाया है मुझे,
पर तेरी आशिकी ने, जीना सिखाया है मुझे,
तेरा नाम लेकर ही, मेरी सुबह होती है,
तेरी यादों ने ही, हर रात सजाया है मुझे।
अधूरी सी लगती है, हर कहानी मेरी,
अगर उसमें ना हो, तेरी आशिकी की रवानी तेरी,
तू ही मेरी कलम है, तू ही मेरी स्याही,
तू ही मेरी जिंदगी की, हर निशानी मेरी।
बारिश की बूंदों में, तेरा अक्स देखा मैंने,
आशिकी के हर पल में, तेरा ज़िक्र देखा मैंने,
तेरी मोहब्बत ने, मुझे इस कदर बदला है,
मेरे हर ख्वाब में, तेरा ही फिक्र देखा मैंने।
तेरी आँखों में देखा है, मैंने वो गहरा राज़,
आशिकी के हर पल में, सुनता हूँ तेरी आवाज़,
क्या कहूँ तेरे प्यार को, जो इतना अनमोल है,
तू ही मेरी हर खुशी है, तू ही मेरे दिल का साज।
धड़कनों में घुली है, तेरी आशिकी की खुशबू,
हर साँस में बस तू है, तू ही मेरी आरज़ू,
तेरी मोहब्बत ने, मुझे इस कदर जकड़ा है,
जैसे हवा में मिला हो, कोई मीठा लहू।
तेरी यादों से मेरा, हर पल सँवरता है,
आशिकी का ये बादल, हर दिन बरसता है,
जब भी मैं तेरी धुन में, खो जाता हूँ,
मेरी हर परेशानी, अपने आप संभलता है।
पत्ते-पत्ते पर, तेरी कहानी लिखूं मैं,
हर सुबह हर शाम, तेरी जवानी लिखूं मैं,
आशिकी के हर मोड़ पर, तेरा साथ मिले,
अपने दिल की हर बात, ज़ुबानी लिखूं मैं।
तेरा नाम लेकर ही, ये दिल मुस्कुराता है,
आशिकी का हर नग्मा, अब गुनगुनाता है,
ना जाने कब से, ये जादू मुझ पर छाया है,
हर पल तेरी याद में, ये जीवन सज जाता है।
ख्वाबों में तू है, आँखों में तेरा इंतजार,
आशिकी का हर लम्हा, है इतना खुशनुमा यार,
तू जब साथ होती है, तो हर गम भूल जाता हूँ,
तेरी मोहब्बत में रूहानी, है मेरा हर विचार।
तेरी बातों का शोर, मेरी खामोशी में है,
आशिकी का हर अहसास, मेरी हर खुशी में है,
तू ही मेरी धूप है, तू ही मेरी छाँव है,
तेरी हर अदा, मेरी जिंदगी की रोशनी में है।
दिल के हर कोने में, तेरा ही बसेरा हो गया,
आशिकी का हर पल, अब तो तेरा हो गया,
तेरे बिना ज़िंदगी मेरी, बेरंग सी लगती है,
तू ही मेरी सुबह है, तू ही मेरा सवेरा हो गया।
तेरी एक झलक पाने को, ये दिल बेकरार रहता है,
आशिकी की हर धुन पर, ये दीवाना नाचता रहता है,
क्या कहूँ इस प्यार का, जो गहरा है समुंदर से भी,
तेरी यादों में खोया हुआ, मेरा हर पल बहता रहता है।
जब से तू मेरी जिंदगी में आई, खुशियों का संसार है,
आशिकी की राहों में, बस तेरा ही दीदार है,
हर लम्हा तेरे साथ बिताने को, दिल ये बेताब है,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरा इंतज़ार है।
तेरी आँखों की गहराई में, मेरा वजूद खो गया,
आशiqui के इस दरिया में, मैं पूरी तरह डूब गया,
ना दिन का पता है, ना रातों की खबर मुझे,
जब से तू दिल में आई, ये दिल तेरा ही हो गया।
तेरी मुस्कान पर मर मिटना, मेरी फितरत बन गई है,
आशिकी के हर सफर में, तू ही मेरी चाहत बन गई है,
क्या कहूँ इस प्यार को, ये तो रूह से जुड़ा है,
हर दुआ में बस तेरा नाम, ये मेरी इबादत बन गई है।
तेरी एक झलक पाने को, ये दिल तरसता रहता है,
आशिकी का हर लम्हा, बस तुझको ही चाहता है,
कैसे कहूँ तुझे, तू कितनी प्यारी है मेरे लिए,
तू मेरी सुबह है, तू ही मेरी शाम है, तू ही मेरा संसार है।
तेरी खामोशी भी, मेरे दिल से बात करती है,
आशिकी का हर नगमा, तेरे ही नाम से भरती है,
क्या लिखूँ तेरी तारीफ में, हर लफ्ज़ अधूरा है,
मेरी जिंदगी में तू है, तो हर कमी पूरी है।
तेरी यादों के चिराग, ये दिल जलाए रखता है,
आशिकी का हर किस्सा, तुझसे ही बनाए रखता है,
कितना गहरा है ये रिश्ता, जो तुझसे जुड़ गया है,
मेरी हर साँस पर, बस तेरा नाम लिखा हुआ है।
Sad Aashiqui Shayari | सैड आशिकी शायरी

तेरी यादों के सहारे, कट रही है मेरी रात,
सैड आशिकी का आलम, ना पूछ मेरा हाल,
अश्कों में ढली हँसी, मेरे ज़ख्मों का इलाज है,
अब तो हर पल बस तेरी, जुदाई का एहसास है।
दिल में दर्द गहरा है, आँखों में नमी है,
आशिकी की ये कहानी, अब अधूरी सी है,
क्या कहूँ तुझसे, तू कितनी याद आती है,
तेरे बिना ज़िंदगी में, हर पल एक कमी है।
तेरी जुदाई का गम, मेरे दिल में समा गया,
सैड आशिकी का ये मौसम, हर पल रुला गया,
सोचा था तू साथ देगी, हर मुश्किल डगर पर,
तूने तो मुझे अकेला, ही छोड़ गया।
टूटे ख्वाबों की दुनिया, अब मेरी बसी है,
आशिकी का हर लम्हा, अब जैसे हंसी है,
तेरी बेवफाई का दर्द, मेरे दिल में छुपा है,
अब तो हर साँस, एक सज़ा जैसी है।
अंधेरी रातों में, तेरी याद सताती है,
सैड आशिकी की हर धुन, दर्द बढ़ाती है,
तेरा साथ ना मिला, तो ज़िंदगी बेरंग हो गई,
अब तो हर पल बस, मौत का इंतज़ार रहता है।
जब से तू गई है, जीना मुश्किल हो गया है,
आशिकी का हर सफर, अब वीरान हो गया है,
तेरी यादों के सहारे, जी रहा हूँ किसी तरह,
मेरी हर खुशी अब, गमों में बदल गई है।
मेरी हर साँस में, अब दर्द की आह है,
सैड आशिकी की ये राह, अब तो तन्हा है,
कैसे बयाँ करूँ मैं, ये जज़्बात तेरे प्यार के,
जब तू ही नहीं है साथ, तो फिर क्या परवाह है।
आँखों से बहते अश्क, तेरी याद दिलाते हैं,
आशिकी के हर पल में, मुझे तड़पाते हैं,
गैरों से भी ज्यादा, तूने दर्द दिया मुझको,
मेरे खुशियों के बाग में, पतझड़ सजाते हैं।
तेरा नाम लेकर रोना, मेरी फितरत बन गई है,
सैड आशिकी की हर बात, अब कड़वी लग रही है,
तेरी मोहब्बत में खो कर, पाया था सब कुछ,
तेरी जुदाई में, सब कुछ खो गया है।
दिल के टुकड़े हुए हैं, आहें भरता हूँ मैं,
आशिकी के दर्द में, हर पल मरता हूँ मैं,
तूने जो ज़ख्म दिया है, वो भुला नहीं पाऊंगा,
तेरे इश्क मेें ही, अब तन्हा रहता हूँ मैं।
अधूरी सी लगती है, हर कहानी मेरी,
सैड आशिकी में खो गई, हर निशानी मेरी,
कभी सोचा नहीं था, ऐसा दिन भी आएगा,
जब तेरी जुदाई में, हर खुशी जल जाएगी।
तेरी बेवफाई ने, मुझे अकेला कर दिया,
आशिकी का हर लम्हा, तूने ज़हर भर दिया,
क्या कहूँ इस दर्द को, जो सह रहा हूँ मैं,
सोचा था तू साथ देगी, पर तूने छोड़ दिया।
गमों का साया, मेरे दिल पर छाया है,
सैड आशिकी का हर पल, अब दर्द बन आया है,
तू दूर हो गई है, पर तेरी याद पास है,
अब तो बस मौत का, ही इंतज़ार आया है।
तेरी यादों के आँसू, मेरे पलकों से बहते हैं,
आशिकी के हर ज़ख्म, अब ज़ुबान से कहते हैं,
तूने जो दर्द दिया है, वो भुला नहीं पाऊंगा,
मेरे दिल पर अब बस, तेरा ही नाम रहते हैं।
आँखों में नींद नहीं, दिल में चैन नहीं है,
सैड आशिकी का हर लम्हा, अब सुकून नहीं है,
तेरी यादों के सहारे, ये जीवन कट रहा है,
तेरे बिना जीना, अब आसान नहीं है।
टूटे दिल की हर आहट, शोर मचाती है,
आशिकी का हर लम्हा, तन्हाई दिखाती है,
तेरी यादों के साये में, मैं जीता हूँ मगर,
मेरी हर साँस में, अब दर्द की आहट आती है।
जब भी तेरी याद आती है, ये दिल तड़पता है,
सैड आशिकी का हर ख्वाब, अब टूटकर बिखरता है,
तूने तो मेरी दुनिया, पल भर में उजाड़ दी,
अब तो बस जीने की, कोई वजह नहीं दिखती है।
तेरी मोहब्बत का, ये कैसा सिला मिला है,
आशिकी का हर पल, अब गमों से भरा है,
न कोई खुशी है अब, न कोई उम्मीद बाकी,
मेरी जिंदगी में बस, अब दर्द का बसेरा है।
तेरी जुदाई का दर्द, मैंने दिल में छुपाया है,
सैड आशिकी का हर ज़ख्म, अब गहरा हो आया है,
सोचा था तू साथ रहेगी, जीवन भर मेरा,
पर तूने तो मेरी दुनिया को, पल भर में जलाया है।
हर दिन हर रात, तेरी यादों में कटती है,
आशिकी का हर गीत, अब दर्द से भरती है,
तेरी खामोशी भी अब, एक सवाल बन गई है,
तू क्यों दूर हो गई, ये दिल पूछता रहता है।
तेरी तस्वीर देख कर, मैं रोता ही रहता हूँ,
सैड आशिकी की राहों पर, अब अकेला चलता हूँ,
कभी सोचा नहीं था, तुझे खोना पड़ेगा,
अब तो बस तेरी यादों में, हर पल जलता हूँ।
मेरे दिल के ज़ख्मों पर, कोई मरहम नहीं,
आशिकी का ये दर्द, अब होगा नहीं कम,
तेरा इंतज़ार करते, अब थक गया हूँ मैं,
तेरा वापस आना अब, मुमकिन नहीं सनम।
तेरी हर बात मुझे, आज भी याद आती है,
सैड आशिकी की हर धड़कन, मुझे तड़पाती है,
तेरा साथ होता तो, ये ज़िंदगी क्या होती,
अब तो हर खुशी, मुझे अनजान लगती है।
आँसुओं से भरी है, मेरी हर कहानी,
आशिकी की ये रुत, अब बन गई है तूफानी,
तेरा नाम लेकर ही, मैं जी रहा हूँ बस,
तेरा दर्द ही है, अब मेरी ज़िंदगानी।
तेरी जुदाई का दर्द, मेरे दिल से नहीं जाता,
सैड आशिकी का ये सितम, भुलाया नहीं जाता,
कितनी मोहब्बत थी तुझसे, ये तू क्या जाने,
तेरे बिना ये दिल, कुछ भी नहीं चाहता।
Punjabi Aashiqui Shayari | पंजाबी आशिकी शायरी

तेरी आंखां विच मेरी, दुनिया वसदी ऐ,
आशिकी दी ए कहानी, तेरे नाल ही सँजदी ऐ,
हर धड़कन विच तू ऐं, हर साँस विच तेरा नाम,
सारा जीवन मेरा, तेरे नाम ही करदी ऐं।
जद तों तेरी नज़रां मिलीयां, दिल दीवाना हो गया,
आशिकी दा ए नशा, हर पल गहरा हो गया,
ना खुद दी खबर ऐ, ना दुनिया दा पता ऐ,
तेरे प्यार विच खो के, जीवन सुहाना हो गया।
तेरी मुस्कारहत दी चमक, मेरी दुनिया सजांदी ऐ,
आशिकी दी हर सुबह, तेरे नाल ही जगमगांदी ऐ,
बिन्न तेरे मेरी ज़िंदगी, अधूरी जेही लगदी ऐ,
तू ही मेरी जान ऐ, तू ही मेरी पहचान ऐ।
तेरी गल्लां विच ओ जादू ऐ, जो दिल नू छू जांदा ऐ,
आशिकी दा हर लम्हा, हुन खास हो जांदा ऐ,
किन्ना गहरा ऐ ए प्यार, जो तेरे तों मिल्या ऐ,
हर पल तेरे नाल जीवन लई, दिल मचल जांदा ऐ।
तेरी ज़ुल्फां दी छां विच, मेरा दिल ठहर गया ऐ,
आशिकी दे ए सफर विच, मैनुं तू मिल गया ऐ,
ना कोई खाहिश ऐ हुन, ना कोई तमन्ना ऐ,
तू ही मेरी मंजिल ऐ, तू ही मेरा हमसफर हो गया ऐ।
रूह तों रूह दा ए रिश्ता, ऐ साडी आशिकी,
हर साँस विच बस तू ऐ, तू ही मेरी बंदगी,
तेरा साथ ऐ तां ज़िंदगी, जन्नत जेही लगदी ऐ,
तू ही मेरे दिल दी, हर गल जाणदी ऐं।
तेरी चाहत विच जीना, मेरा मकसद बन गया ऐ,
आशिकी दा हर किस्सा, तेरे तों ही शुरू होया ऐ,
बिन्न तेरे मेरी हर खुशी, अधूरी जेही लगदी ऐ,
तू ही मेरी आशिकी ऐ, तू ही मेरी जान बन गई ऐ।
हर साँस उते तेरा नाम, हर आहट तेरी लगदी ऐ,
आशिकी दी हर धुन उते, ए दिल बहकदा ऐ,
तेरी मोहब्बत दा नशा, मेरे उते ए कदर छाया ऐ,
बिन्न तेरे मेरा हर पल, अधुरा अधुरा लगदा ऐ।
दिल दी गहराइयां विच, तेरा ही बसेरा हो गया,
आशिकी दा हर लम्हा, हुन तेरे नाम हो गया,
बिन्न तेरे ज़िंदगी मेरी, बेरंग जेही लगदी ऐ,
तू ही मेरी सुबह ऐ, तू ही मेरा सवेरा हो गया।
तेरी इक झलक पावण लई, ए दिल बेकरार रहंदा ऐ,
आशिकी दी हर धुन उते, ए दीवाना नचदा रहंदा ऐ,
की कहांगां ए प्यार दा, जो गहरा ऐ समुंदर तों वी,
तेरी यादरां विच खोया होया, मेरा हर पल बहंदा रहंदा ऐ।
जद तों तू मेरी ज़िंदगी विच आई, खुशीयां दा संसार ऐ,
आशिकी दीयां राहां विच, बस तेरा ही दीदार ऐ,
हर लम्हा तेरे नाल बितावन लई, दिल ए बेताब ऐ,
तू ही मेरी धड़कन ऐ, तू ही मेरा इंतजार ऐ।
तेरी आंखां दी गहराई विच, मेरा वजूद खो गया,
आशिकी दे ए दरिया विच, मैं पूरी तरह डूब गया,
ना दिन दा पता ऐ, ना रातां दी खबर मैनुं,
जद तों तू दिल विच आई, ए दिल तेरा ही हो गया।
तेरी मुस्कारहत उते मर मिटणा, मेरी फितरत बन गई ऐ,
आशिकी दे हर सफर विच, तू ही मेरी चाहत बन गई ऐ,
की कहांगां ए प्यार नूं, ए तां रूह तों जुड़्या ऐ,
हर दुआ विच बस तेरा नाम, ए मेरी इबादत बन गई ऐ।
तेरी इक झलक पावण लई, ए दिल तरसदा रहंदा ऐ,
आशिकी दा हर लम्हा, बस तैनूं ही चाहंदा ऐ,
किवें कहांगां तैनूं, तू किन्नी प्यारी ऐ मेरे लई,
तू मेरी सुबह ऐ, तू ही मेरी शाम ऐ, तू ही मेरा संसार ऐ।
तेरी खामोशी वी, मेरे दिल नाल गल करदी ऐ,
आशिकी दा हर नगमा, तेरे ही नाम नाल भरदी ऐ,
की लिखांगां तेरी तारीफ विच, हर लफ्ज़ अधुरा ऐ,
मेरी ज़िंदगी विच तू ऐं, तां हर कमी पूरी ऐ।
तेरी यादरां दे चिराग, ए दिल जगाई रखदा ऐ,
आशिकी दा हर किस्सा, तेरे तों ही बणाई रखदा ऐ,
किन्ना गहरा ऐ ए रिश्ता, जो तेरे नाल जुड़ गया ऐ,
मेरी हर साँस उते, बस तेरा नाम लिख्या होया ऐ।
तेरी पनाहां विच जीना, मैनुं चंगा लगदा ऐ,
आशिकी दा हर मौसम, तेरे तों हुन सच्चा लगदा ऐ,
तू मेरी रूह विच वसी ऐं, तू मेरी इबादत ऐ,
बिन्न तेरे ए जीवन, अधूरा अधूरा लगदा ऐ।
तेरी अदावां उते, ए दिल जान छिड़कदा ऐ,
आशिकी दे नशे विच, हर पल ए भटकदा ऐ,
तू कोल होवें या दूर, तेरी याद आंदी ऐ,
हर नज़ारे विच बस, तेरा अक्स ही दिसदा ऐ।
लिखांगां की मैं तेरे लई, हर शब्द घट पौंदा ऐ,
आशिकी दा हर लम्हा, तेरे नाम तों ही शुरू हुंदा ऐ,
तेरी मोहब्बत विच रूहानी, हो गई ऐ मेरी ज़िंदगी,
हर खुशी हर गम विच, तू ही मेरा साथ देंदा ऐ।
तेरी मोहब्बत दी आग विच, बलणा मंजूर ऐ मैनुं,
आशिकी दे ए सफर विच, तेरे नाल प्यार करणा मंजूर ऐ मैनुं,
तू ही मेरी चाहत ऐ, तू ही मेरी तमन्ना ऐ,
तेरी हर खुशी विच अपनी, खुशी दिसदी ऐ मैनुं।
तेरी आहट तों मेरे, दिल विच खुशीयां दा डेरा ऐ,
आशिकी दे हर पल विच, तेरा ही तां चेहरा ऐ,
ना जाणे कद तों, ए दिल तेरा ही हो गया ऐ,
तेरे प्यार विच ही मेरा, ए जीवन हुन तां सुनहरा ऐ।
तेरी आंखां दे जादू विच, मैं खोया रहंदा हां,
आशिकी दे हर पल विच, बस तेरा ही हुंदा हां,
तू मेरी मंजिल ऐ, तू ही मेरी राह ऐ,
तेरे इश्क दी गहराई विच, हर पल डूब्या रहंदा हां।
तेरी हसी दी बदौलत, मेरे दिल विच उजाला ऐ,
आशिकी दा हर लम्हा, तेरे तों ही संभल्या ऐ,
तेरी मोहब्बत दी बारिश विच, भिग्गणा चाहंदा हां,
तू ही मेरा असमान ऐ, तू ही मेरा तारा ऐ।
तेरी गल्लां दा मिठा ज़हर, मेरे उते छाया ऐ,
आशिकी दा हर लम्हा, तेरे तों ही संवार्या ऐ,
ना कोई शिकायत ऐ मैनुं, ना कोई गिला ऐ,
तेरी मोहब्बत तों ही मेरा, ए दिल बहल्या ऐ।
तेरी यादरां दे सहारे, ए ज़िंदगी कट रही ऐ,
आशिकी दी हर धड़कन, तेरे तों ही जुड़ रही ऐ,
तू मेरी साँसां विच शामिल, हो गई ऐ इस कदर,
हर पल तेरी चाहत, मेरे दिल विच उमड़ रही ऐ।
Funny Aashiqui Shayari | फनी आशिकी शायरी

आशिकी में कुछ ऐसा कमाल हो गया,
तेरे चक्कर में मेरा, बुरा हाल हो गया,
कभी सोचते थे स्मार्ट हैं हम बहुत,
अब तो तेरा पप्पू सा, मैं यार हो गया।
तेरी याद में इतना खोया, कि रोटी जल गई,
आशिकी के चक्कर में, मेरी नींद उड़ गई,
अब तो दिन-रात बस, तेरा ही ख्याल रहता है,
पहले मैं संस्कारी था, अब सारी मर्यादा घुल गई।
दिल ने कहा आशिकी कर, पर दिमाग बोला रुक,
इश्क में पड़ गया तो, पड़ जाएंगी मेरी धुक-धुक,
पर तेरी मुस्कान देखी, और सब भूल गया मैं,
अब तो पास होने की जगह, बस तेरी क्लास में झुक-झुक।
तेरी मोहब्बत में मैं, इतना अंधा हो गया,
सब्जी लेने गया था, पर तेरा गमला ले आया,
आशिकी का ये नशा, बड़ा ही अजीब है यार,
अब तो हर रात तेरा, भूत बन के सताया।
लगे हाथों तेरे पीछे, आशिकी में भागा मैं,
कुत्ते ने भी सोचा, ये कैसा आशिक है जागा मैं,
अब तो दिल को पता है, हर मुश्किल झेलनी है,
तेरे प्यार में पागल, अब खुद को समझा मैं।
तेरी एक झलक पाने को, घर से भागा मैं,
पुलिस ने पकड़ा तो, तब समझा ये कैसा जागा मैं,
आशिकी करना आसान, पर निभाना मुश्किल,
अब तो तेरी याद में, बस भूखा-प्यासा जागा मैं।
मेरी आशिकी ने मुझे, गल्ती से भेज दिया स्वर्ग,
यमराज बोले, अभी तेरी बारी नहीं, वापस जा रेंग,
तेरी मोहब्बत में ऐसे, खो गए हैं हम,
लौट आए धरती पर, बोले प्यार तेरा ही बैंक।
सोचा था आशिकी में, कुछ अलग करूँ,
तेरा नाम लिख के, दीवारें काली करूँ,
पर तेरी मम्मी ने देखा, तो झाड़ू लगा दिया,
बोली, “जाओ बेटा, पहले अपनी पढ़ाई पूरी करूँ।”
आशिकी का भूत, ऐसा चढ़ा मुझ पर,
छोड़ दिया मैंने सारा, काम-धंधा अपने घर पर,
अब तो मम्मी-पापा भी, कहते हैं मुझे,
“तू आशिक नहीं, तू है सिर्फ एक निक्कमा बंदर।”
तेरी मोहब्बत में, मेरा ऐसा हाल हुआ है,
बिस्तर पर सो जाऊँ तो, नींद में तेरा ख्याल हुआ है,
करवट लूँ तो तेरे नाम का, मच्छर काट जाता है,
आशिकी ने मेरी सारी, रात का सत्यानाश किया है।
जब से आशिकी हुई है, मेरा दिमाग सटक गया,
मैथ की क्लास में भी, तेरा ही चेहरा दिखा,
टीचर ने पूछा ‘दो और दो’, मैंने कहा ‘चार’,
टीचर बोले तू आशिकी छोड़, पढ़ाई पर ध्यान दे यार।
तेरी याद में मैं, इतना कुछ भूला हूँ,
खाना खाते वक़्त, हाथ में चम्मच भूला हूँ,
आशिकी का ये नशा, हर चीज़ भूला देता है,
अब तो अपनी गर्लफ्रेंड का नाम भी भूला हूँ।
आशिकी ने मेरा, ऐसा कर दिया हाल,
बाल हो गए सीधे, और रंग हो गया लाल,
कभी लगते थे हीरो, अब लगते हैं विलन,
बस तेरे प्यार में ही, हम हो गए बेहाल।
इश्क में हम ऐसे गिरे, जैसे गिरे बंदर,
आशिकी के चक्कर में, हो गए हैं बेघर,
अब तो हर कोई पूछता, क्या खा के आए हो,
हम कहते हैं बस आशिकी, और तेरी यादों का बबंडर।
तेरी मोहब्बत में, मैं बन गया जादूगर,
हर मुश्किल को हँसते-हँसते, कर दू दूर,
पर जब तू रूठ जाती है, तो जादू फेल हो जाता है,
फिर तो बस मैं तेरा, बेचारा मासूम बंदर।
आशिकी भी एक बीमारी है, जिसका इलाज नहीं,
बस तेरी यादें हैं, और कोई राज़ नहीं,
डॉक्टर ने कहा ‘रेस्ट करो’, पर दिल ने कहा ‘मिलो’,
अब तो बस इसी गम में, ज़िंदगी हो गई बेसाज।
तेरी मोहब्बत ने मुझे, इतना शरारती बना दिया,
मम्मी ने भेजा दूध लाने, मैं चॉकलेट ले आया,
आशिकी का ये नशा, हर गलती करवाता है,
अब तो मैं हर बात पर, तेरा ही नाम चिल्लाया।
जब से आशिकी हुई है, मेरे ख्वाब बदल गए हैं,
पहले थे डरावने भूत, अब तू ही तू दिखती है,
कभी-कभी तो सपने में, तुझे ढूंढता हूँ मैं,
और सुबह उठकर देखता हूँ, तू तो साइड में सोई है।
आशिकी का ये रंग, मुझ पर ऐसा चढ़ा है,
ऑफिस में बॉस को, मैंने बोल दिया “राधा कृष्णा”,
अब तो बॉस भी पूछता, क्या चल रहा है तेरी लाइफ में,
मैं कहता हूँ बस आशिकी, और थोड़ा सा हंगामा।
तेरी मुस्कान पर मैं, इतना पिघल गया हूँ,
कि पिघल कर आइसक्रीम, बन गया हूँ,
आशिकी की ये गर्मी, हर हद पार कर गई,
अब तो कूलर भी मेरे सामने, ठंडा पड़ गया है।
आशिकी में मेरे साथ, ऐसा जुल्म हुआ है,
कि मेरे दोस्त भी अब, मुझसे डरते हैं,
कहते हैं “तेरा प्यार इतना, डरावना है यार”,
“तू कहीं हमें भी ना, कहीं आशिक बना दे।”
तेरी चाहत में, मैं इतना खो गया हूँ,
पार्क में जोगिंग करते हुए, तेरे घर पहुंच गया हूँ,
आशिकी ने मेरा, रास्ता ही बदल दिया,
अब तो मेरे सारे रास्ते, तेरे ही घर को मुड़ते हैं।
जब से आशिकी का, बुखार चढ़ा है मुझ पर,
मैं हर चीज़ में, तेरा ही चेहरा देखता हूँ,
कभी चाँद में, कभी तारों में, कभी बादलों में,
और कभी-कभी तो, अपनी चाय की प्याली में।
तेरा नाम मैंने, अपने दिल पर लिख दिया,
किसी ने देखा तो, बोला “ये किस चीज़ का बिल है”,
आशिकी का ये जादू, हर जगह चलता है,
अब तो मेरे दिल में भी, तेरा ही ऑफिस खुल गया है।
मेरी आशिकी ने मुझे, इतना बेहाल कर दिया,
कि मैं फोन उठा के, अपनी मम्मी को कॉल कर दिया,
बोले “बेटा क्या हुआ”, मैं बोला “आई लव यू मम्मी”,
बोली “ये आशिकी का भूत, सिर से उतार दिया”।
New Aashiqui Shayari | न्यू आशिकी शायरी

नज़रें मिलीं, और आशिकी की शुरुआत हुई,
नए जज़्बातों से, अब हर साँस गुलज़ार हुई,
तेरी चाहत में खो कर, पाया है एक नया जहाँ,
तेरी धड़कन से मेरी, दुनिया अब आबाद हुई।
हर सुबह तेरी यादों से, नया दिन उगता है,
आशिकी का ये एहसास, आज भी नया लगता है,
तू जब से मिली है, ज़िंदगी हसीन हो गई,
हर खुशी हर गम में, तेरा साथ अच्छा लगता है।
तेरी बातों का जादू, मेरे दिल पर छाया है,
नया आशिकी का दौर, तूने ही तो सजाया है,
ना कोई फिक्र है अब, ना कोई गम मुझे,
तेरी मोहब्बत ने मुझको, खुद से मिलाया है।
पलकों में तेरी सूरत, आँखों में तेरा प्यार,
नया आशिकी का मौसम, लाया है नई बहार,
दिल की हर धड़कन में, बस तेरा नाम लिखा है,
तेरे बिना ज़िंदगी मेरी, अधूरी और बेकार।
जब से तू आई है, मेरी दुनिया बदल गई है,
नया आशिकी का हर पल, अब संवर गई है,
तेरी मोहब्बत की रोशनी, मेरे दिल में समा गई,
हर अंधेरी रात अब, उजली सी लगने लगी है।
तेरी मुस्कान पर, ये दिल जान लुटाता है,
नया आशिकी का हर ज़ख्म, तुझसे ही भर जाता है,
ना जाने क्या जादू है, तेरी इन अदाओं में,
मेरा हर सपना अब, तुझसे ही सजता है।
रूह से रूह का रिश्ता, है कितना गहरा,
नया आशिकी का हर पल, तुझसे ही सुनहरा,
तू ही मेरी मंजिल है, तू ही मेरी राह है,
तेरे बिना जीना, अब मुश्किल हो गया है।
तेरा नाम लेकर जी रहे हैं, तेरी यादों में खो रहे हैं,
नया आशिकी का हर रंग, तुझसे ही भर रहे हैं,
तू मेरी सुबह है, तू ही मेरी शाम है,
तेरी मोहब्बत में ही, हम तेरे ही हो रहे हैं।
तेरी जुल्फों की छाँव में, मेरा दिल ठहर गया है,
नया आशिकी का हर मौसम, मुझ पर छा गया है,
क्या कहूँ इस प्यार का, जो इतना अनमोल है,
तेरे बिना मेरा हर पल, अधूरा सा लग रहा है।
दिल की गहराईयों में, तेरा ही बसेरा हो गया,
नया आशिकी का हर लम्हा, अब तो तेरा हो गया,
तेरे बिना ज़िंदगी मेरी, बेरंग सी लगती है,
तू ही मेरी सुबह है, तू ही मेरा सवेरा हो गया।
तेरी एक झलक पाने को, ये दिल बेकरार रहता है,
नया आशिकी की हर धुन पर, ये दीवाना नाचता रहता है,
क्या कहूँ इस प्यार का, जो गहरा है समुंदर से भी,
तेरी यादों में खोया हुआ, मेरा हर पल बहता रहता है।
जब से तू मेरी जिंदगी में आई, खुशियों का संसार है,
नया आशिकी की राहों में, बस तेरा ही दीदार है,
हर लम्हा तेरे साथ बिताने को, दिल ये बेताब है,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरा इंतज़ार है।
तेरी आँखों की गहराई में, मेरा वजूद खो गया,
नया आशिकी के इस दरिया में, मैं पूरी तरह डूब गया,
ना दिन का पता है, ना रातों की खबर मुझे,
जब से तू दिल में आई, ये दिल तेरा ही हो गया।
तेरी मुस्कान पर मर मिटना, मेरी फितरत बन गई है,
नया आशिकी के हर सफर में, तू ही मेरी चाहत बन गई है,
क्या कहूँ इस प्यार को, ये तो रूह से जुड़ा है,
हर दुआ में बस तेरा नाम, ये मेरी इबादत बन गई है।
तेरी एक झलक पाने को, ये दिल तरसता रहता है,
नया आशिकी का हर लम्हा, बस तुझको ही चाहता है,
कैसे कहूँ तुझे, तू कितनी प्यारी है मेरे लिए,
तू मेरी सुबह है, तू ही मेरी शाम है, तू ही मेरा संसार है।
तेरी खामोशी भी, मेरे दिल से बात करती है,
नया आशिकी का हर नगमा, तेरे ही नाम से भरती है,
क्या लिखूँ तेरी तारीफ में, हर लफ्ज़ अधूरा है,
मेरी जिंदगी में तू है, तो हर कमी पूरी है।
तेरी यादों के चिराग, ये दिल जलाए रखता है,
नया आशिकी का हर किस्सा, तुझसे ही बनाए रखता है,
कितना गहरा है ये रिश्ता, जो तुझसे जुड़ गया है,
मेरी हर साँस पर, बस तेरा नाम लिखा हुआ है।
तेरी पनाहों में जीना, मुझे अच्छा लगता है,
नया आशिकी का हर मौसम, तुझसे अब सच्चा लगता है,
तू मेरी रूह में बसी है, तू मेरी इबादत है,
तेरे बिना ये जीवन, अधूरा अधूरा लगता है।
तेरी अदाओं पर, ये दिल जान छिड़कता है,
नया आशिकी के नशे में, हर पल ये भटकता है,
तू पास हो या दूर, तेरी याद आती है,
हर नजारे में बस, तेरा अक्स ही दिखता है।
लिखूं क्या मैं तेरे लिए, हर शब्द कम पड़ता है,
नया आशिकी का हर लम्हा, तेरे नाम से ही शुरू होता है,
तेरी मोहब्बत में रूहानी, हो गई है मेरी जिंदगी,
हर खुशी हर गम में, तू ही मेरा साथ देता है।
तेरी मोहब्बत की आग में, जलना मंजूर है मुझे,
नया आशिकी के इस सफर में, तुझसे प्यार करना मंजूर है मुझे,
तू ही मेरी चाहत है, तू ही मेरी तमन्ना है,
तेरी हर खुशी में अपनी, खुशी दिखती है मुझे।
तेरी आहट से मेरे, दिल में खुशियों का डेरा है,
नया आशिकी के हर पल में, तेरा ही तो चेहरा है,
ना जाने कब से, ये दिल तेरा ही हो गया है,
तेरे प्यार में ही मेरा, ये जीवन अब तो सुनहरा है।
तेरी आँखों के जादू में, मैं खोया रहता हूँ,
नया आशिकी के हर पल में, बस तेरा ही होता हूँ,
तू मेरी मंजिल है, तू ही मेरी राह है,
तेरे इश्क की गहराई में, हर पल डूबा रहता हूँ।
तेरी हँसी की बदौलत, मेरे दिल में उजाला है,
नया आशिकी का हर लम्हा, तुझसे ही संभला है,
तेरी मोहब्बत की बारिश में, भीगना चाहता हूँ,
तू ही मेरा आसमान है, तू ही मेरा तारा है।
तेरी बातों का मीठा ज़हर, मुझ पर छाया है,
नया आशिकी का हर लम्हा, तुझसे ही संवारा है,
ना कोई शिकायत है मुझे, ना कोई गिला है,
तेरी मोहब्बत से ही मेरा, ये दिल बहला है।
Dil Tute Aashiqui Shayari | दिल टूटे आशिकी शायरी

जब दिल टूटा मेरा, तो आशिकी भी रोई,
हर साँस में तेरी याद, मुझे तड़पाने को हुई,
क्या कहूँ इस दर्द को, जो सहता है हर पल,
मेरी दुनिया में अब, बस रात ही रात सोई।
दिल के टुकड़े हो गए, आशिकी बिखर गई,
खुशियों की महफ़िल, गमों से भर गई,
तेरी बेवफाई का दर्द, ऐसा गहरा है मुझ पर,
मेरी हर हँसी, अब आँसुओं में ढल गई।
आँखों से बहते अश्क, तेरी यादों का ज़हर हैं,
दिल टूटे आशिकी में, अब कहां कोई कहर हैं,
तूने जो दिया है गम, वो भुला नहीं पाऊंगा,
मेरे खुशियों के बाग में, पतझड़ का सफर है।
तेरी जुदाई का दर्द, मेरे दिल में समा गया,
दिल टूटे आशिकी का, ये मौसम रुला गया,
सोचा था तू साथ देगी, हर कदम पर मेरा,
तूने तो मेरे दिल को, पल भर में जला गया।
मेरी हर साँस में, अब दर्द की आहट है,
दिल टूटे आशिकी की, अब यही तो चाहत है,
कैसे बयाँ करूँ मैं, ये जज़्बात तेरे प्यार के,
जब तू ही नहीं है साथ, तो क्या जीना, क्या राहत है।
ख्वाबों की दुनिया थी, जो टूटकर बिखर गई,
आशिकी की हर धुन, अब दर्द में उतर गई,
तेरी मोहब्बत में खो कर, पाया था सब कुछ,
तेरी जुदाई में, हर खुशी जलकर मर गई।
जब से तू गई है, जीना मुश्किल हो गया है,
दिल टूटे आशिकी का, हर पल सहना हो गया है,
तेरी यादों के सहारे, जी रहा हूँ किसी तरह,
मेरी हर खुशी अब, गमों में खो गया है।
आँखों में नमी है, दिल में दर्द गहरा है,
दिल टूटे आशिकी की, अब तो अंधेरा है,
तूने जो दिया है गम, वो भुला नहीं पाऊंगा,
तेरे बिना मेरा हर दिन, अब बेसुरा सवेरा है।
तेरा नाम लेकर रोना, मेरी फितरत बन गई है,
दिल टूटे आशिकी की हर बात, अब कड़वी लग रही है,
तेरी मोहब्बत में खो कर, पाया था सब कुछ,
तेरी जुदाई में, सब कुछ खो गया है।
टूटे दिल की हर आहट, शोर मचाती है,
आशिकी का हर लम्हा, तन्हाई दिखाती है,
तेरी यादों के साये में, मैं जीता हूँ मगर,
मेरी हर साँस में, अब दर्द की आहट आती है।
जब भी तेरी याद आती है, ये दिल तड़पता है,
दिल टूटे आशिकी का हर ख्वाब, अब टूटकर बिखरता है,
तूने तो मेरी दुनिया, पल भर में उजाड़ दी,
अब तो बस जीने की, कोई वजह नहीं दिखती है।
तेरी मोहब्बत का, ये कैसा सिला मिला है,
दिल टूटे आशिकी का हर पल, अब गमों से भरा है,
न कोई खुशी है अब, न कोई उम्मीद बाकी,
मेरी जिंदगी में बस, अब दर्द का बसेरा है।
तेरी जुदाई का दर्द, मैंने दिल में छुपाया है,
दिल टूटे आशिकी का हर ज़ख्म, अब गहरा हो आया है,
सोचा था तू साथ रहेगी, जीवन भर मेरा,
पर तूने तो मेरी दुनिया को, पल भर में जलाया है।
आँखों में नींद नहीं, दिल में चैन नहीं है,
दिल टूटे आशिकी का हर लम्हा, अब सुकून नहीं है,
तेरी यादों के सहारे, ये जीवन कट रहा है,
तेरे बिना जीना, अब आसान नहीं है।
हर दिन हर रात, तेरी यादों में कटती है,
दिल टूटे आशिकी का हर गीत, अब दर्द से भरती है,
तेरी खामोशी भी अब, एक सवाल बन गई है,
तू क्यों दूर हो गई, ये दिल पूछता रहता है।
तेरी तस्वीर देख कर, मैं रोता ही रहता हूँ,
दिल टूटे आशिकी की राहों पर, अब अकेला चलता हूँ,
कभी सोचा नहीं था, तुझे खोना पड़ेगा,
अब तो बस तेरी यादों में, हर पल जलता हूँ।
मेरे दिल के ज़ख्मों पर, कोई मरहम नहीं,
दिल टूटे आशिकी का ये दर्द, अब होगा नहीं कम,
तेरा इंतज़ार करते, अब थक गया हूँ मैं,
तेरा वापस आना अब, मुमकिन नहीं सनम।
तेरी हर बात मुझे, आज भी याद आती है,
दिल टूटे आशिकी की हर धड़कन, मुझे तड़पाती है,
तेरा साथ होता तो, ये ज़िंदगी क्या होती,
अब तो हर खुशी, मुझे अनजान लगती है।
आँसुओं से भरी है, मेरी हर कहानी,
दिल टूटे आशिकी की ये रुत, अब बन गई है तूफानी,
तेरा नाम लेकर ही, मैं जी रहा हूँ बस,
तेरा दर्द ही है, अब मेरी ज़िंदगानी।
तेरी जुदाई का दर्द, मेरे दिल से नहीं जाता,
दिल टूटे आशिकी का ये सितम, भुलाया नहीं जाता,
कितनी मोहब्बत थी तुझसे, ये तू क्या जाने,
तेरे बिना ये दिल, कुछ भी नहीं चाहता।
हर साँस में दर्द है, हर धड़कन उदास है,
दिल टूटे आशिकी की ये महफ़िल, अब मेरे लिए खास नहीं,
तेरे बिना जीना, अब एक सज़ा बन गई है,
जिंदगी में अब बस, यादों का ही वास है।
दिल की हर खुशी, तुझसे ही दूर हो गई है,
दिल टूटे आशिकी की राहों पर, मैं अब रोता हूँ,
तेरी एक झलक पाने को, तरसता रहता हूँ,
तुझे खोने के गम में, हर पल मैं तड़पता हूँ।
तेरी बेवफाई का, मुझे अब भी है गम,
दिल टूटे आशिकी में, अब कहाँ है कोई हमदम,
जीना चाहते थे तेरे साथ, हँसते गाते,
पर तूने तो दे दिए, हमें सारे दर्द के मौसम।
तेरी यादों के सहारे, ज़िंदगी चल तो रही है,
दिल टूटे आशिकी की ये आग, जल तो रही है,
पर इस आग में, अब कोई रोशनी नहीं है,
बस राख ही है, और वो भी फीकी पड़ रही है।
अब तो हर पल जीना, एक बोझ सा लगता है,
दिल टूटे आशिकी का सच, अब डसता है,
नाराज़ होकर भी तुझसे, नाराज़ नहीं हो पाता,
क्योंकि मेरा ये दिल, आज भी तुझ पर मरता है।
Ek Tarfa Aashiqui Shayari | एक तरफा आशिकी शायरी

तेरी राहों पर मेरी, नज़रें हमेशा रहती हैं,
एक तरफा आशिकी में, आँखें हमेशा बहती हैं,
तू बेखबर है मेरे प्यार से, ये जानता हूँ मैं,
पर तेरे लिए मेरी दुआएं, हर पल उठती रहती हैं।
मेरे दिल के कोने में, तेरा बसेरा है,
एक तरफा आशिकी में, मेरा प्यार गहरा है,
तू जानती नहीं मुझको, पर मैं तुझे पूजता हूँ,
ये कैसी मोहब्बत है, जिसका कोई सवेरा नहीं है।
तेरी मुस्कान पर, मेरा दिल खिल जाता है,
एक तरफा आशिकी में, मैं तुझको ही चाहता हूँ,
तू कभी मेरी होगी नहीं, ये जानता हूँ मैं,
पर फिर भी तेरी यादों में, मैं खोया रहता हूँ।
नज़रों का ही खेल है, जो तुझसे प्यार हो गया,
एक तरफा आशिकी में, दिल बेकरार हो गया,
तेरा साथ ना सही, तेरी परछाई तो है,
इसी सहारे मेरा हर दिन, गुलज़ार हो गया।
तेरी बातें सुन कर, मेरा दिन बन जाता है,
एक तरफा आशिकी में, ये दिल मचल जाता है,
तू कभी मुड़ कर देखेगी, इस आस में जी रहा हूँ,
तेरा इंतज़ार करते, हर पल गुज़र जाता है।
ख्वाबों में आता है तू, हकीकत में नहीं,
एक तरफा आशिकी है मेरी, जिसकी कीमत नहीं,
तेरी खुशी के लिए, मैं हर दर्द सह लूँगा,
बस तू खुश रहे, मेरी और कोई चाहत नहीं।
हर रात तेरी यादों में, मैं सोता नहीं हूँ,
एक तरफा आशिकी है मेरी, मैं कुछ खोता नहीं हूँ,
तेरी एक झलक पाकर, सारी तकलीफ़ भूल जाता हूँ,
अपने दिल के हर कोने में, तुझे सँजो कर रखता हूँ।
तेरा नाम लेकर ही, मेरी सुबह होती है,
एक तरफा आशिकी में, मेरी हर रात सोती है,
ना कोई उम्मीद है, ना कोई शिकायत है,
बस तेरे प्यार में ही मेरा, ये दिल रोता है।
मुझे पता है तू मेरी, कभी नहीं होगी,
एक तरफा आशिकी मेरी, यूँ ही बढ़ती रहेगी,
तेरी आँखों में नमी, कभी आए ना रब करे,
मेरी हर दुआ में, बस यही बात कहती रहेगी।
तेरी खुशी के लिए, मैं खुद को भूल जाऊँगा,
एक तरफा आशिकी में, हर दर्द सह जाऊँगा,
तूने ना देखा मुड़कर भी, तो कोई गम नहीं,
तेरी यादों के सहारे, पूरी उम्र निकाल जाऊँगा।
मेरा प्यार समंदर है, जिसे तूने देखा नहीं,
एक तरफा आशिकी है, जिसका कोई रेखा नहीं,
तू अंजान है मेरे प्यार से, पर दिल जानता है,
तेरी मोहब्बत के सिवा, कुछ और देखा नहीं।
ये कैसी आशिकी है, जो बेमिसाल है,
एक तरफा मोहब्बत में, मेरा बुरा हाल है,
तू दूर सही, पर दिल के पास रहती है,
तेरी यादों से ही तो, मेरा हर साल है।
तेरी एक झलक से, दिन बन जाता है मेरा,
एक तरफा आशिकी में, तू ही तो सवेरा है,
तू मुझे चाहे या ना चाहे, ये तेरी मर्जी है,
पर तेरी चाहत में जीना, अब मेरा पेशा है।
लबों पर ना सही, पर दिल में तेरा नाम है,
एक तरफा आशिकी में, यही मेरा मुकाम है,
तूने समझा नहीं, मेरी मोहब्बत की गहराई को,
पर मेरी हर साँस पर, बस तेरा सलाम है।
तेरी परछाई में जीना, मुझे अच्छा लगता है,
एक तरफा आशिकी में, ये दिल सच्चा लगता है,
तुझे खबर नहीं, मेरे प्यार की शिद्दत का,
पर तेरी यादों में ही, मेरा हर पल कटता है।
नाराज़ होकर भी तुझसे, नाराज़ नहीं हो पाता,
एक तरफा आशिकी में, तुझे खो नहीं पाता,
तेरी खुशी के लिए, हर हद से गुजर जाऊँगा,
तेरे बिना जीना, अब मैं सीख नहीं पाता।
तेरा इंतज़ार करते, ये आँखें थक गईं हैं,
एक तरफा आशिकी में, कब की झुक गई हैं,
तूने देखा नहीं मेरे, दिल का ये हाल,
मेरी हर खुशी अब, तेरी यादों में रुक गई हैं।
मेरी मोहब्बत में कोई, कमी नहीं होगी,
एक तरफा आशिकी है, ये कभी कम नहीं होगी,
तेरी हर खुशी के लिए, खुदा से दुआ करता हूँ,
तेरी जिंदगी में कभी, कोई गम नहीं होगी।
तेरे रास्ते में खड़े रहना, मेरी आदत बन गई है,
एक तरफा आशिकी में, ये इबादत बन गई है,
तू गुजर जाती है, पर एकटक देखता हूँ मैं,
तेरी एक झलक ही, मेरी राहत बन गई है।
दूर रहकर भी तुझसे, प्यार करता रहूँगा,
एक तरफा आशिकी में, ये दर्द सहता रहूँगा,
तू खुश रहे, बस यही मेरी तमन्ना है,
अपनी मोहब्बत को, यूँही बढ़ाता रहूँगा।
दिल टूटा है मेरा, पर मोहब्बत नहीं टूटी,
एक तरफा आशिकी है, ये कभी छूटी नहीं,
तेरी हँसी के लिए, मैं सब कुछ कर जाऊँगा,
तेरी यादों में ही तो, मेरी ज़िंदगी झूठी नहीं।
तेरा नाम लिखता हूँ, हर पल हवाओं पर,
एक तरफा आशिकी है, ये दिल की फिजाओं पर,
तू बेखबर है मेरे प्यार से, पर क्या करूँ,
मेरी हर खुशी है, तेरी इन अदाओं पर।
तेरी हर बात सुनता हूँ, तू अनसुना कर दे,
एक तरफा आशिकी में, ये दिल तुझ पर मर दे,
तुझे पता नहीं, मेरे प्यार की गहराई का,
मेरी हर साँस में बस, तेरा नाम भर दे।
तू मेरी जिंदगी का, एक अधूरा गीत है,
एक तरफा आशिकी है, जो मुझसे प्रीत है,
तेरा साथ ना सही, पर तेरी याद तो है,
मेरी हर खुशी में, तू ही मेरी जीत है।
तेरी मोहब्बत में रूहानी, हो गई है मेरी ज़िंदगी,
एक तरफा आशिकी है, ये मेरी बंदगी,
तेरी खामोशी में भी, तेरी आवाज़ सुनता हूँ,
तू ही मेरी दुआ है, तू ही मेरी ख़ुशी।
Gham E Aashiqui Shayari | ग़म ए आशिकी शायरी

ग़म ए आशिकी में, ये दिल रोता रहा,
तेरी यादों के सहारे, चुपके से सोता रहा,
क्या कहूँ इस दर्द को, जो सहता हूँ हर पल,
तेरी जुदाई का ज़हर, चुपचाप पीता रहा।
हर साँस में तेरा ग़म, हर धड़कन में आह,
ग़म ए आशिकी की ये राह, अब तो है वीरान राह,
सोचा था तू साथ देगी, हर मुश्किल डगर पर,
तूने तो मेरे दिल को, पल भर में कर दिया तबाह।
आँखों से बहते अश्क, ग़म ए आशिकी की निशानी हैं,
टूटे दिल की हर बात, अब कड़वी कहानी हैं,
तेरी बेवफाई का दर्द, ऐसा गहरा है मुझ पर,
मेरी हर खुशी अब, गुमनाम और बेगानी हैं।
तेरी यादों के चिराग, ये दिल जलाए रखता है,
ग़म ए आशिकी का हर पल, मुझको तड़पाए रखता है,
कभी सोचा नहीं था, ऐसा दिन भी आएगा,
जब तेरा प्यार मेरा दिल, इस कदर जलाए रखता है।
दिल के टुकड़े हो गए, ग़म ए आशिकी में,
खुशियों की महफ़िल, अब दर्द में खो गई है,
तेरा नाम लेकर ही, आँसू बहते हैं मेरे,
मेरी हर हँसी, अब खामोशी में सो गई है।
जब से तू गई है, जीना मुश्किल हो गया है,
ग़म ए आशिकी का हर पल, अब बोझ हो गया है,
तेरी जुदाई का गम, मेरे दिल में समाया है,
मेरी हर खुशी अब, मुझसे दूर हो गया है।
मेरी हर साँस में, अब दर्द की आह है,
ग़म ए आशिकी की ये धुन, अब तो तन्हा है,
कैसे बयाँ करूँ मैं, ये जज़्बात तेरे प्यार के,
जब तू ही नहीं है साथ, तो क्या मेरा क्या परवाह है।
आँखों में नमी है, दिल में ग़म गहरा है,
ग़म ए आशिकी की ये रात, अब तो अंधेरा है,
तूने जो दिया है दर्द, वो भुला नहीं पाऊंगा,
तेरे बिना मेरा हर दिन, अब बेसुरा सवेरा है।
तेरा नाम लेकर रोना, मेरी आदत बन गई है,
ग़म ए आशिकी की हर बात, अब कड़वी लग रही है,
तेरी मोहब्बत में खो कर, पाया था सब कुछ,
तेरी जुदाई में, सब कुछ खो गया है।
टूटे दिल की हर आहट, शोर मचाती है,
ग़म ए आशिकी का हर लम्हा, तन्हाई दिखाती है,
तेरी यादों के साये में, मैं जीता हूँ मगर,
मेरी हर साँस में, अब दर्द की आहट आती है।
जब भी तेरी याद आती है, ये दिल तड़पता है,
ग़म ए आशिकी का हर ख्वाब, अब टूटकर बिखरता है,
तूने तो मेरी दुनिया, पल भर में उजाड़ दी,
अब तो बस जीने की, कोई वजह नहीं दिखती है।
तेरी मोहब्बत का, ये कैसा सिला मिला है,
ग़म ए आशिकी का हर पल, अब ग़मों से भरा है,
न कोई खुशी है अब, न कोई उम्मीद बाकी,
मेरी जिंदगी में बस, अब दर्द का बसेरा है।
तेरी जुदाई का दर्द, मैंने दिल में छुपाया है,
ग़म ए आशिकी का हर ज़ख्म, अब गहरा हो आया है,
सोचा था तू साथ रहेगी, जीवन भर मेरा,
पर तूने तो मेरी दुनिया को, पल भर में जलाया है।
आँखों में नींद नहीं, दिल में चैन नहीं है,
ग़म ए आशिकी का हर लम्हा, अब सुकून नहीं है,
तेरी यादों के सहारे, ये जीवन कट रहा है,
तेरे बिना जीना, अब आसान नहीं है।
हर दिन हर रात, तेरी यादों में कटती है,
ग़म ए आशिकी का हर गीत, अब दर्द से भरती है,
तेरी खामोशी भी अब, एक सवाल बन गई है,
तू क्यों दूर हो गई, ये दिल पूछता रहता है।
तेरी तस्वीर देख कर, मैं रोता ही रहता हूँ,
ग़म ए आशिकी की राहों पर, अब अकेला चलता हूँ,
कभी सोचा नहीं था, तुझे खोना पड़ेगा,
अब तो बस तेरी यादों में, हर पल जलता हूँ।
मेरे दिल के ज़ख्मों पर, कोई मरहम नहीं,
ग़म ए आशिकी का ये दर्द, अब होगा नहीं कम,
तेरा इंतज़ार करते, अब थक गया हूँ मैं,
तेरा वापस आना अब, मुमकिन नहीं सनम।
तेरी हर बात मुझे, आज भी याद आती है,
ग़म ए आशिकी की हर धड़कन, मुझे तड़पाती है,
तेरा साथ होता तो, ये ज़िंदगी क्या होती,
अब तो हर खुशी, मुझे अनजान लगती है।
आँसुओं से भरी है, मेरी हर कहानी,
ग़म ए आशिकी की ये रुत, अब बन गई है तूफानी,
तेरा नाम लेकर ही, मैं जी रहा हूँ बस,
तेरा दर्द ही है, अब मेरी ज़िंदगानी।
तेरी जुदाई का दर्द, मेरे दिल से नहीं जाता,
ग़म ए आशिकी का ये सितम, भुलाया नहीं जाता,
कितनी मोहब्बत थी तुझसे, ये तू क्या जाने,
तेरे बिना ये दिल, कुछ भी नहीं चाहता।
दिल की हर खुशी, तुझसे ही दूर हो गई है,
ग़म ए आशिकी की राहों पर, मैं अब रोता हूँ,
तेरी एक झलक पाने को, तरसता रहता हूँ,
तुझे खोने के गम में, हर पल मैं तड़पता हूँ।
तेरी बेवफाई का, मुझे अब भी है ग़म,
ग़म ए आशिकी में, अब कहाँ है कोई हमदम,
जीना चाहते थे तेरे साथ, हँसते गाते,
पर तूने तो दे दिए, हमें सारे दर्द के मौसम।
तेरी यादों के सहारे, ज़िंदगी चल तो रही है,
ग़म ए आशिकी की ये आग, जल तो रही है,
पर इस आग में, अब कोई रोशनी नहीं है,
बस राख ही है, और वो भी फीकी पड़ रही है।
अब तो हर पल जीना, एक बोझ सा लगता है,
ग़म ए आशिकी का सच, अब डसता है,
नाराज़ होकर भी तुझसे, नाराज़ नहीं हो पाता,
क्योंकि मेरा ये दिल, आज भी तुझ पर मरता है।
तेरा दिया हुआ हर ज़ख्म, मुझसे कहता है,
ग़म ए आशिकी का हर पल, अब मुझसे सहता है,
तूने मेरे दिल को, ऐसे तोड़ा है सनम,
मेरी आँखों से हर पल, आँसू बहता रहता है।
Aashiqui Ki Shayari | आशिकी की शायरी

तेरी नज़रों में देखा है, मैंने वो गहरा राज़,
आशिकी की दुनिया में, तुम ही हो मेरे सरताज,
हर धड़कन में बस तू है, हर साँस में तेरा नाम,
मेरे जीवन की हर खुशी, तुझसे ही है आज।
तेरी मुस्कुराहट की चमक, दिल को छू जाती है,
आशिकी की हर सुबह, तेरी याद से जगती है,
ये कैसा जादू है, जो मुझ पर छाया है हर पल,
तेरे बिना मेरी दुनिया, बेरंग सी लगती है।
हर लम्हा तेरे साथ, जीना चाहता हूँ मैं,
आशिकी की हर धुन में, बस तेरा नाम गाता हूँ मैं,
तू जब से मिली है, ज़िंदगी हसीन हो गई,
मेरे हर ख्वाब में बस, तुझको ही पाता हूँ मैं।
तेरी बातों का जादू, मेरे दिल पर छाया है,
आशिकी की पतंग को, तूने ही तो उड़ाया है,
ना कोई खबर है अब, ना कोई फिक्र मुझे,
तेरी मोहब्बत ने मुझको, खुद से मिलाया है।
दिल की गहराईयों में, तेरा ही बसेरा हो गया,
आशिकी की हर शाम, अब तो तेरा हो गया,
तेरे बिना ज़िंदगी मेरी, अधूरी सी लगती है,
तू ही मेरी सुबह है, तू ही मेरा सवेरा हो गया।
तेरी एक झलक पाने को, ये दिल बेकरार रहता है,
आशिकी की हर धुन पर, ये दीवाना नाचता रहता है,
क्या कहूँ इस प्यार का, जो गहरा है समुंदर से भी,
तेरी यादों में खोया हुआ, मेरा हर पल बहता रहता है।
जब से तू मेरी जिंदगी में आई, खुशियों का संसार है,
आशिकी की राहों में, बस तेरा ही दीदार है,
हर लम्हा तेरे साथ बिताने को, दिल ये बेताब है,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरा इंतज़ार है।
तेरी आँखों की गहराई में, मेरा वजूद खो गया,
आशिकी के इस दरिया में, मैं पूरी तरह डूब गया,
ना दिन का पता है, ना रातों की खबर मुझे,
जब से तू दिल में आई, ये दिल तेरा ही हो गया।
तेरी मुस्कान पर मर मिटना, मेरी फितरत बन गई है,
आशिकी के हर सफर में, तू ही मेरी चाहत बन गई है,
क्या कहूँ इस प्यार को, ये तो रूह से जुड़ा है,
हर दुआ में बस तेरा नाम, ये मेरी इबादत बन गई है।
तेरी एक झलक पाने को, ये दिल तरसता रहता है,
आशिकी का हर लम्हा, बस तुझको ही चाहता है,
कैसे कहूँ तुझे, तू कितनी प्यारी है मेरे लिए,
तू मेरी सुबह है, तू ही मेरी शाम है, तू ही मेरा संसार है।
तेरी खामोशी भी, मेरे दिल से बात करती है,
आशिकी का हर नगमा, तेरे ही नाम से भरती है,
क्या लिखूँ तेरी तारीफ में, हर लफ्ज़ अधूरा है,
मेरी जिंदगी में तू है, तो हर कमी पूरी है।
तेरी यादों के चिराग, ये दिल जलाए रखता है,
आशिकी का हर किस्सा, तुझसे ही बनाए रखता है,
कितना गहरा है ये रिश्ता, जो तुझसे जुड़ गया है,
मेरी हर साँस पर, बस तेरा नाम लिखा हुआ है।
तेरी पनाहों में जीना, मुझे अच्छा लगता है,
आशिकी का हर मौसम, तुझसे अब सच्चा लगता है,
तू मेरी रूह में बसी है, तू मेरी इबादत है,
तेरे बिना ये जीवन, अधूरा अधूरा लगता है।
तेरी अदाओं पर, ये दिल जान छिड़कता है,
आशिकी के नशे में, हर पल ये भटकता है,
तू पास हो या दूर, तेरी याद आती है,
हर नजारे में बस, तेरा अक्स ही दिखता है।
लिखूं क्या मैं तेरे लिए, हर शब्द कम पड़ता है,
आशिकी का हर लम्हा, तेरे नाम से ही शुरू होता है,
तेरी मोहब्बत में रूहानी, हो गई है मेरी जिंदगी,
हर खुशी हर गम में, तू ही मेरा साथ देता है।
तेरी मोहब्बत की आग में, जलना मंजूर है मुझे,
आशिकी के इस सफर में, तुझसे प्यार करना मंजूर है मुझे,
तू ही मेरी चाहत है, तू ही मेरी तमन्ना है,
तेरी हर खुशी में अपनी, खुशी दिखती है मुझे।
तेरी आहट से मेरे, दिल में खुशियों का डेरा है,
आशिकी के हर पल में, तेरा ही तो चेहरा है,
ना जाने कब से, ये दिल तेरा ही हो गया है,
तेरे प्यार में ही मेरा, ये जीवन अब तो सुनहरा है।
तेरी आंखों के जादू में, मैं खोया रहता हूँ,
आशिकी के हर पल में, बस तेरा ही होता हूँ,
तू मेरी मंजिल है, तू ही मेरी राह है,
तेरे इश्क की गहराई में, हर पल डूबा रहता हूँ।
तेरी हँसी की बदौलत, मेरे दिल में उजाला है,
आशिकी का हर लम्हा, तुझसे ही संभला है,
तेरी मोहब्बत की बारिश में, भीगना चाहता हूँ,
तू ही मेरा आसमान है, तू ही मेरा तारा है।
तेरी बातों का मीठा ज़हर, मुझ पर छाया है,
आशिकी का हर लम्हा, तुझसे ही संवारा है,
ना कोई शिकायत है मुझे, ना कोई गिला है,
तेरी मोहब्बत से ही मेरा, ये दिल बहला है।
तेरी यादों के सहारे, ये ज़िंदगी कट रही है,
आशिकी की हर धड़कन, तुझसे ही जुड़ रही है,
तू मेरी सांसों में शामिल, हो गई है इस कदर,
हर पल तेरी चाहत, मेरे दिल में उमड़ रही है।
तेरा नाम लेकर ही, मेरी सुबह होती है,
आशिकी की हर शाम, तेरी यादों में सोती है,
तू मेरी हर दुआ में, शामिल रहती है,
तू ही तो मेरी ज़िंदगी की, हर खुशी है।
ये दिल मेरा दीवाना, बस तेरे लिए धड़कता है,
आशिकी का हर मौसम, तुझसे ही महकता है,
तेरी मोहब्बत का, ये कैसा असर है मुझ पर,
बिन तेरे एक पल भी, अब नहीं कटता है।
तेरी चाहत में जीना, मेरा मक्सद बन गया है,
आशिकी का हर किस्सा, तुझसे ही शुरू हुआ है,
तेरे बिना मेरा हर खुशी, अधूरी सी लगती है,
तू ही मेरी आशिकी है, तू ही मेरी जान बन गई है।
तेरी अदाओं पर, हर पल ये दिल फिदा है,
आशिकी का हर लम्हा, तुझसे ही जुदा है,
बिन तेरे ज़िंदगी मेरी, बस एक अधूरी कहानी,
तू ही मेरी इबादत है, तू ही मेरी खुदा है।
Aashiqui Wali Shayari | आशिकी वाली शायरी

तेरी आँखों में देखा है, आशिकी वाला नशा,
दिल में बस गया है, तेरी बातों का मजा,
हर साँस में बस तू है, तू ही मेरी जान है,
तेरी मोहब्बत में रूहानी, हो गई है ये फिजा।
तेरी मुस्कान पर, आशिकी वाला दिल खो गया,
हर लम्हा तेरे साथ, अब हमेशा का हो गया,
कैसा जादू है तेरी, इन अदाओं में सनम,
तेरे प्यार में ही मेरा, ये जीवन सो गया।
नज़रों से तेरी नज़रें मिलीं, और आशिकी हो गई,
दिल की हर धड़कन, अब तेरी हो गई,
ये आशिकी वाली बातें, अब हर पल होती हैं,
जब से तू मिली है, मेरी दुनिया हसीन हो गई।
तेरी जुल्फों की छाँव में, सुकून मिलता है,
आशिकी वाली धुन पर, मेरा दिल खिलता है,
ना कोई खबर है अब, ना कोई फिक्र मुझे,
हर पल तेरे साथ जीने को, ये दिल मचलता है।
तेरी बातों का जादू, आशिकी वाला है यार,
हर लम्हा तेरे साथ, हो जाए साकार,
तू ही मेरी सुबह है, तू ही मेरी शाम है,
मेरी आशिकी वाली हर दुआ, में बस तेरा नाम है।
रूह से रूह का रिश्ता, आशिकी वाला है ये,
हर खुशी हर गम में, तू ही मेरा साया है ये,
तेरे बिना ज़िंदगी, अधूरी सी लगती है मुझे,
तू ही मेरी इबादत है, तू ही मेरी जान है ये।
तेरा नाम लेकर जी रहे हैं, आशिकी वाले हम,
हर पल तेरे प्यार में, हम भूल गए हैं ग़म,
तू ही मेरी मंजिल है, तू ही मेरी राह है,
तेरे बिना मेरी ज़िंदगी, अब बेजान है सनम।
तेरी एक झलक पाने को, ये आशिकी तरसती है,
हर पल तेरे प्यार की, बारिश बरसती है,
क्या कहूँ इस मोहब्बत को, जो रूह में बस गई है,
मेरी हर साँस पर, तेरा ही नाम करती है।
दिल की गहराईयों में, आशिकी वाला बसेरा है,
हर लम्हा तेरे साथ, अब तो सुनहरा है,
ना दिन का पता है, ना रातों की खबर मुझे,
तेरे प्यार में खोकर, मैं खुद से बेखबर हूँ।
तेरी आहट से मेरे, दिल की धड़कनें तेज होती हैं,
आशिकी वाली बातें, हर पल नई होती हैं,
तेरे प्यार का जादू, मुझ पर इस कदर छाया है,
मेरी हर खुशी अब, तेरे नाम पर होती है।
जब से आशिकी वाली, बातें हुई हैं शुरू,
मेरी ज़िंदगी में खुशियों का, अब है बस तू,
हर कदम तेरे साथ, चलना चाहता हूँ मैं,
मेरी हर साँस में, अब तेरी खुशबू।
तेरी हँसी से रोशन है, मेरा आशिकी वाला जहां,
तेरे बिना मेरी दुनिया, अब है वीरान यहां,
तू ही मेरा चांद है, तू ही मेरे तारे हैं,
तू ही मेरी हर खुशी है, तू ही मेरा आसमान।
तेरा दामन जो थाम लिया, तो डर कैसा,
आशिकी वाला ये बंधन, है सबसे गहरा,
ना कोई मंजिल है अब, ना कोई ठिकाना है,
तेरी मोहब्बत ही है, मेरा सच्चा बसेरा।
लिखूं क्या मैं तेरी तारीफ में, हर शब्द कम पड़ता है,
आशिकी वाला ये जुनून, हर पल बढ़ता है,
तू ही मेरी ख्वाहिश है, तू ही मेरी अरमान,
तेरे प्यार में मेरा दिल, हर पल धड़कता है।
तेरी आंखों का काजल, मेरा दिल ले गया है,
आशिकी वाला हर लम्हा, सुहाना बना गया है,
तेरा साथ है तो, हर गम भूल जाता हूँ,
तेरे प्यार में जीना, ही मेरा मक्सद बन गया है।
तेरी मोहब्बत की छाँव में, मुझे आराम मिलता है,
आशिकी वाला हर पल, मुझे खुशियों से भर देता है,
तू ही मेरी जिंदगी है, तू ही मेरी आस है,
तेरे बिना मेरा हर दिन, सूना सा लगता है।
तेरा इंतज़ार करते हैं, हर पल हर रात,
आशिकी वाली हर बात में, तेरी ही बात,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरा प्यार है,
तुझमें खोकर ही, मेरा जीवन है आबाद।
तेरी अदाओं पर, ये दिल जान छिड़कता है,
आशिकी वाले नशे में, हर पल ये भटकता है,
तू पास हो या दूर, तेरी याद आती है,
हर नजारे में बस, तेरा अक्स ही दिखता है।
तू मेरी सुबह है, तू ही मेरी शाम है,
आशिकी वाले हर लम्हे में, बस तेरा नाम है,
अब तो हर साँस पर, तेरा ही पहरा है,
तू ही मेरा आसमान है, तू ही मेरा जहां है।
तेरी आँखों में देखा है, मैंने एक अलग सा संसार,
आशिकी वाला हर रंग, तुझसे ही है गुलज़ार,
तेरा साथ है तो ज़िंदगी, जन्नत से कम नहीं,
तेरी मोहब्बत ही है, मेरी हर खुशी की बहार।
दिल की धड़कन में तेरी, आवाज सुनाई देती है,
आशिकी वाले हर नगमों में, तेरी याद आती है,
क्या कहूँ इस प्यार को, जो रूह में उतर गया है,
मेरी हर साँस अब, बस तेरा इंतज़ार करती है।
तेरी पनाहों में आकर, सुकून मिल गया है मुझे,
आशिकी वाला हर सफर, तुझसे अब सच्चा लगा है,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरा प्यार है,
हर दुआ में बस, तेरा नाम याद आता है मुझे।
तेरी हँसी की बदौलत, मेरे दिल में उजाला है,
आशिकी वाला हर लम्हा, तुझसे ही संभला है,
तेरी मोहब्बत की बारिश में, भीगना चाहता हूँ,
तू ही मेरा आसमान है, तू ही मेरा तारा है।
तेरी बातों का मीठा ज़हर, मुझ पर छाया है,
आशिकी वाला हर लम्हा, तुझसे ही संवारा है,
ना कोई शिकायत है मुझे, ना कोई गिला है,
तेरी मोहब्बत से ही मेरा, ये दिल बहला है।
तेरी यादों के सहारे, ये ज़िंदगी कट रही है,
आशिकी वाली हर धड़कन, तुझसे ही जुड़ रही है,
तू मेरी सांसों में शामिल, हो गई है इस कदर,
हर पल तेरी चाहत, मेरे दिल में उमड़ रही है।
Aashiqui Par Shayari | आशिकी पर शायरी

आशिकी पर क्या लिखूं, बस तू ही तो मेरी जान है,
तेरी आँखों में देखा है मैंने, वो प्यार का जहान है,
हर धड़कन में तेरा नाम है, हर साँस में तेरा साथ,
इस आशिकी के सफर में, तू ही मेरी पहचान है।
ये आशिकी का आलम है, जो मुझ पर छाया है,
तेरी मोहब्बत ने मुझको, खुद से मिलाया है,
ना कोई खबर है अब, ना कोई फिक्र मुझे,
तेरे बिना मेरा हर पल, अधूरा सा लगता है।
आशिकी पर तेरी बातों का, जादू चल गया है,
दिल का हर कोना, तुझसे ही महक गया है,
तू ही मेरी सुबह है, तू ही मेरी शाम है,
तेरे बिना मेरा हर दिन, सूना सा लगता है।
तेरी एक झलक पाने को, आशिकी बेताब रहती है,
हर पल तेरी यादों में, आँखें मुस्कुराती रहती हैं,
क्या कहूँ इस प्यार को, जो इतना गहरा है,
तेरी हर अदा पर, मेरी जान जाती रहती है।
आशिकी पर तेरी जूलफों की, छाँव चाहता हूँ मैं,
तेरे साथ हर कदम, चलना चाहता हूँ मैं,
तू ही मेरी मंजिल है, तू ही मेरी राह है,
तेरे बिना मेरा हर सपना, अधूरा सा लगता है।
दिल की गहराइयों में, आशिकी का बसेरा है,
हर लम्हा तेरे साथ, अब तो सुनहरा है,
ना दिन का पता है, ना रातों की खबर मुझे,
तेरे प्यार में खोकर, मैं खुद से बेखबर हूँ।
आशिकी पर तेरी आहट से, दिल की धड़कनें तेज होती हैं,
प्यार की हर कहानी, अब तुझसे ही शुरू होती है,
तेरी मोहब्बत का जादू, मुझ पर इस कदर छाया है,
मेरी हर खुशी अब, तेरे नाम पर होती है।
जब से आशिकी हुई है, मेरी दुनिया बदल गई है,
प्यार की हर राह, अब आसान हो गई है,
तेरे साथ हर कदम, चलना चाहता हूँ मैं,
मेरी हर साँस पर, अब तेरी बादशाहत हो गई है।
आशिकी पर तेरी हँसी से, रोशन है मेरा जहाँ,
तेरे बिना मेरी दुनिया, अब है वीरान यहां,
तू ही मेरा चांद है, तू ही मेरे तारे हैं,
तू ही मेरी हर खुशी है, तू ही मेरा आसमान।
आशिकी पर तेरा दामन जो, थाम लिया तो डर कैसा,
प्यार का ये बंधन, है सबसे गहरा,
ना कोई मंजिल है अब, ना कोई ठिकाना है,
तेरी मोहब्बत ही है, मेरा सच्चा बसेरा।
आशिकी पर लिखूं क्या मैं, हर शब्द कम पड़ता है,
प्यार का ये जुनून, हर पल बढ़ता है,
तू ही मेरी ख्वाहिश है, तू ही मेरी अरमान,
तेरे प्यार में मेरा दिल, हर पल धड़कता है।
आशिकी पर तेरी आंखों का, काजल दिल ले गया है,
हर लम्हा तेरे साथ, सुहाना बना गया है,
तेरा साथ है तो, हर गम भूल जाता हूँ,
तेरे प्यार में जीना, ही मेरा मक्सद बन गया है।
आशिकी पर तेरी मोहब्बत की, छाँव में आराम मिलता है,
हर पल तेरे साथ, खुशियों से भर देता है,
तू ही मेरी जिंदगी है, तू ही मेरी आस है,
तेरे बिना मेरा हर दिन, सूना सा लगता है।
आशिकी पर तेरा इंतज़ार करते हैं, हर पल हर रात,
प्यार की हर बात में, तेरी ही बात,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरा प्यार है,
तुझमें खोकर ही, मेरा जीवन है आबाद।
आशिकी पर तेरी अदाओं पर, ये दिल जान छिड़कता है,
प्यार के नशे में, हर पल ये भटकता है,
तू पास हो या दूर, तेरी याद आती है,
हर नजारे में बस, तेरा अक्स ही दिखता है।
आशिकी पर तू मेरी सुबह है, तू ही मेरी शाम है,
हर लम्हे में बस तेरा, नाम है,
अब तो हर साँस पर, तेरा ही पहरा है,
तू ही मेरा आसमान है, तू ही मेरा जहां है।
आशिकी पर तेरी आँखों में देखा है, एक अलग सा संसार,
प्यार का हर रंग, तुझसे ही है गुलज़ार,
तेरा साथ है तो ज़िंदगी, जन्नत से कम नहीं,
तेरी मोहब्बत ही है, मेरी हर खुशी की बहार।
आशिकी पर दिल की धड़कन में तेरी, आवाज सुनाई देती है,
प्यार के हर नगमों में, तेरी याद आती है,
क्या कहूँ इस प्यार को, जो रूह में उतर गया है,
मेरी हर साँस अब, बस तेरा इंतज़ार करती है।
आशिकी पर तेरी पनाहों में आकर, सुकून मिल गया है मुझे,
प्यार का हर सफर, तुझसे अब सच्चा लगा है,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरा प्यार है,
हर दुआ में बस, तेरा नाम याद आता है मुझे।
आशिकी पर तेरी हँसी की बदौलत, मेरे दिल में उजाला है,
प्यार का हर लम्हा, तुझसे ही संभला है,
तेरी मोहब्बत की बारिश में, भीगना चाहता हूँ,
तू ही मेरा आसमान है, तू ही मेरा तारा है।
आशिकी पर तेरी बातों का मीठा ज़हर, मुझ पर छाया है,
प्यार का हर लम्हा, तुझसे ही संवारा है,
ना कोई शिकायत है मुझे, ना कोई गिला है,
तेरी मोहब्बत से ही मेरा, ये दिल बहला है।
आशिकी पर तेरी यादों के सहारे, ये ज़िंदगी कट रही है,
प्यार की हर धड़कन, तुझसे ही जुड़ रही है,
तू मेरी सांसों में शामिल, हो गई है इस कदर,
हर पल तेरी चाहत, मेरे दिल में उमड़ रही है।
आशिकी पर तेरा नाम लेकर, हर सुबह होती है,
प्यार की हर शाम, तेरी यादों में सोती है,
तू मेरी हर दुआ में, शामिल रहती है,
तू ही तो मेरी ज़िंदगी की, हर खुशी है।
आशिकी पर ये दिल मेरा दीवाना, बस तेरे लिए धड़कता है,
प्यार का हर मौसम, तुझसे ही महकता है,
तेरी मोहब्बत का, ये कैसा असर है मुझ पर,
बिन तेरे एक पल भी, अब नहीं कटता है।
आशिकी पर तेरी चाहत में जीना, मेरा मक्सद बन गया है,
प्यार का हर किस्सा, तुझसे ही शुरू हुआ है,
तेरे बिना मेरा हर खुशी, अधूरी सी लगती है,
तू ही मेरी आशिकी है, तू ही मेरी जान बन गई है।
Aashiqui Ki Shayari On Life | जिंदगी पर आशिकी की शायरी

जिंदगी के सफर में, आशिकी की ये धुन है,
तेरे प्यार में जीना, ही अब मेरा जुनून है,
हर खुशी हर गम में, तेरा साथ चाहता हूँ,
तेरी मोहब्बत से ही, मेरा हर एक सुकून है।
जिंदगी की किताब में, आशिकी का एक पन्ना है,
लिखा है उस पर तेरा नाम, मेरी यही तमन्ना है,
तू ही मेरी मंजिल है, तू ही मेरी हर राह,
तेरे बिना ये जीवन, बेसुरा सा गाना है।
जब से तू जिंदगी में आई, आशिकी का रंग चढ़ा,
हर अंधेरी रात में, प्यार का दीप जला,
तूने मेरे खाली जीवन को, खुशियों से भर दिया,
तेरे साथ अब जीना, ही मेरा पहला वादा।
जिंदगी की राहों पर, तेरी आशिकी सहारा बन गई,
हर मुश्किल घड़ी में, तेरी याद किनारा बन गई,
खोया था मैं अंधेरों में, जब रोशनी तूने दिखाई,
मेरी हर साँस में, अब तू एक प्यारा नजारा बन गई।
ये आशिकी की दास्तान, मेरी जिंदगी बन गई है,
तेरी मोहब्बत में रूहानी, मेरी हर सुबह हो गई है,
हर पल तेरे साथ बिताने को, दिल ये बेताब है,
तू ही मेरी मंज़िल है, तू ही मेरी हर खुशी है।
जिंदगी की हर सांस में, आशिकी का नाम लिखूं,
तेरे प्यार की हर धड़कन, अपनी सांसों में सीखूं,
तू दूर हो या पास, तेरी यादों में खोया रहूँ मैं,
तेरी मोहब्बत ही है, मेरा हर एक मुकाम।
आशिकी की आंच में, जिंदगी पिघलने लगी है,
तेरे प्यार में हर मुश्किल, अब संभलने लगी है,
तेरे साथ है तो, हर सपना हकीकत लगता है,
जिंदगी की हर राह पर, अब तू ही जलने लगी है।
ये जिंदगी भी क्या, बिन तेरे अधूरी लगती है,
आशिकी की हर धुन पर, हर शाम गुजरती है,
कब से था ये दिल तन्हा, अब तू मिली तो जाना,
मेरी हर खुशी अब, तुझसे ही जुड़ी रहती है।
गमों के साए में भी, आशिकी की हँसी आती है,
जिंदगी की हर उलझन में, तू ही राह दिखाती है,
तेरा साथ है तो, हर सपना हकीकत लगता है,
तेरी मोहब्बत ही तो, मुझे जीना सिखाती है।
जिंदगी की डगर पर, जब भी हिम्मत हारी मैंने,
आशिकी के सहारे, हर बाजी मारी मैंने,
तेरा साथ मिला तो, हर ख्वाब पूरा हो गया,
हर साँस को तेरी मोहब्बत से, संवारी मैंने।
जब से तू जिंदगी में आई, रौनक छा गई है,
आशिकी की हर धुन में, अब मस्ती आ गई है,
जिंदगी के मायने बदले, जैसे ही तूने थामा हाथ,
मेरी हर साँस में, अब तेरी खुशबू समा गई है।
ये जिंदगी भी क्या, एक फसाना बन गई है,
आशिकी की खातिर, अब मस्ताना बन गई है,
हर पल तेरे साथ, हर खुशी में तू शामिल,
तू ही मेरी सच्चाई है, तू ही मेरी जान बन गई है।
जिंदगी की उलझनों में, आशिकी का सुकून है,
दिल के हर कोने में, तेरा ही तो जुनून है,
सुबह-शाम बस तेरा, ही ख्याल रहता है मुझे,
तेरे बिना ये जीवन, बेजान और बेगुन है।
तेरी आशिकी से रोशन, मेरी हर राह हो गई,
जिंदगी की हर सुबह, गुलों की तरह खिल गई,
तुझमें खोकर मैंने, खुद को पाया है आज,
तेरी मोहब्बत में, ये दुनिया जन्नत सी दिख गई।
जिंदगी की हर सांस में, तेरा नाम लिखता हूँ,
आशिकी के हर पल में, तुझको ही तो तकता हूँ,
क्या कहूँ इस मोहब्बत का, जो मुझपर छाई है,
तेरे बिना जीना, अब मैं सोच भी नहीं सकता हूँ।
मेरी जिंदगी की डोर, तेरे हाथों में सौंप दी है,
आशिकी की हर कश्ती, तेरे नाम मोड़ दी है,
अब जो भी होगा, तेरे साथ ही होगा मेरा,
हर खुशी हर गम, तुझसे जुड़ी कर दी है।
जिंदगी की हर राह पर, आशिकी का रंग है,
हर लम्हा तेरे साथ, जीना एक अलग उमंग है,
ना कोई फिक्र है मुझे, ना कोई डर है अब,
तू जो साथ है मेरे, तो हर जंग में फतेह है।
तेरी आशिकी ने मेरी जिंदगी, महका दी है,
हर पल में खुशियों की, एक नई आस दी है,
जब से तू मिली है मुझे, हर गम भूल गया,
प्यार भरा सफर अब, तुझसे शुरू कर दिया है।
जिंदगी है तो क्या है, अगर तू साथ नहीं,
आशिकी का ये जाम, बिन तेरे ज़ात नहीं,
तू ही मेरी सुबह है, तू ही मेरी हर शाम,
तेरे बिना मेरी हँसी में, वो बात नहीं।
तेरी मोहब्बत ने ज़िंदगी को, एक नया मोड़ दिया,
आशिकी के इस रिश्ते ने, हर बंधन तोड़ दिया,
जो भी ख्वाब देखे थे, वो सच हो गए हैं अब,
मेरे खुशियों के पल, तुझसे ही जोड़ दिया।
जिंदगी के हर दर्द की, दवा बन गई है तू,
आशिकी की हर तमन्ना, पूरी कर गई है तू,
न जाने क्या जादू है, तेरी इन अदाओं में,
मेरी हर साँस की, वजह बन गई है तू।
तेरी आशिकी में जीना, ही अब मेरा धर्म है,
जिंदगी का हर पल, जैसे एक नया कर्म है,
तेरे साथ रहने की खातिर, कुछ भी करूंगा मैं,
तेरे बिना मेरा हर दिन, एक बड़ा गम है।
जिंदगी की शाम को, आशिकी रोशन करे,
दिल के हर अंधेरे कोने में, तेरी ही याद भरे,
तू मेरी उम्मीद है, तू ही मेरी जान है,
तेरी मोहब्बत से हर पल, जिंदगी मेरी संवरे।
जब तक साँसे चलेंगी, आशिकी निभाऊंगा मैं,
जिंदगी के हर पल में, तुझको ही चाहूंगा मैं,
ये वादा है मेरा, जो कभी टूटेगा नहीं,
तेरे लिए मेरी जिंदगी, हर पल कुर्बान करूंगा मैं।
तेरे साथ जिंदगी के, हर लम्हे को जीना है,
आशिकी के इस जाम को, तेरे साथ ही पीना है,
तू ही मेरी हमसफ़र, तू ही मेरी राह है,
तेरी मोहब्बत में ही, मेरा दिल है सीना है।
Aashiqui Sher Shayari | आशिकी शेर शायरी

तेरी आँखों का जादू, कुछ ऐसा वार कर गया,
हम आशिकी के शहर में, बस तेरा दीदार कर गया।
हर साँस में तेरा नाम, दिल में तेरा बसेरा है,
ये आशिकी का शेर, अब तो बस तेरा ही घेरा है।
तेरी मुस्कान पर मर मिटें, यही तो आशिकी है,
बिन तेरे मेरी ज़िंदगी, अधूरी सी बसर की है।
नज़रें मिलीं तुमसे, तो दिल को करार आया,
ये आशिकी का मौसम, हर खुशी को साथ लाया।
तेरी जुल्फों की छाँव में, मेरा दिल ठहर गया,
आशिकी के हर पल में, एक नया सा सुकून मिल गया।
तेरी बातों का जादू, मेरे दिल पर छाया है,
इस आशिकी के शेर में, तूने मुझे अपनाया है।
तू ही तो मेरी सुबह है, तू ही मेरी हर शाम,
इस आशिकी के सफर में, बस तेरा नाम ही मुकाम।
रूह से रूह का रिश्ता, आशिकी का गहरा है,
तेरी मोहब्बत में डूबा, मेरा हर सवेरा है।
दिल की हर धड़कन में, तेरा नाम लिखा है,
ये आशिकी का शेर, हर पल तुझसे ही सीखा है।
तेरी एक झलक पाने को, ये दिल बेताब रहता है,
ये आशिकी का शेर, तुझको ही तो चाहता है।
खुदा से माँगते हैं, हर दुआ में तुझे ही,
इस आशिकी के शेर में, तू ही मेरी रहबरी।
तेरी मोहब्बत की आग में, जलना मंजूर है,
इस आशिकी के शेर में, तू ही मेरा नूर है।
तेरी आहट से मेरे, दिल को चैन आता है,
ये आशिकी का शेर, तुझको ही तो गुनगुनाता है।
तेरा साथ है तो ज़िंदगी, जन्नत लगती है मुझे,
इस आशिकी के शेर में, तू ही तो मेरी हर खुशी है।
तेरा इंतज़ार करते हैं, हर पल हर राह में,
ये आशिकी का शेर, तेरे साथ ही हर चाह में।
तेरी अदाओं पर, ये दिल जान लुटाता है,
ये आशिकी का शेर, तुझ पर ही तो इतराता है।
लिखूं क्या मैं तारीफ में, हर लफ्ज़ कम पड़ता है,
ये आशिकी का शेर, बस तुझसे ही तो बढ़ता है।
तेरी मोहब्बत की छाँव में, मुझे आराम मिलता है,
ये आशिकी का शेर, हर सुबह और शाम खिलता है।
तेरी आँखों की नमी में, मेरा अक्स दिखता है,
ये आशिकी का शेर, हर गम में भी मुस्कुराता है।
तेरा नाम लेकर जी रहे हैं, तेरा नाम लेकर मरेंगे,
ये आशिकी का शेर, हर पल तुझ पर ही तो मर मिटेंगे।
दिल के हर कोने में, तेरा ही तो बसेरा है,
ये आशिकी का शेर, मेरी हर शाम का सवेरा है।
तेरा साथ है तो, हर मुश्किल आसान है,
ये आशिकी का शेर, सबसे बड़ा इनाम है।
तेरी हँसी से रोशन है, मेरी दुनिया का हर कोना,
ये आशिकी का शेर, कभी भी न खोना।
तेरी बातों का मीठा ज़हर, मुझ पर छाया है,
ये आशिकी का शेर, तेरे प्यार ने सजाया है।
तेरी यादों के सहारे, ये जीवन कट रहा है,
ये आशिकी का शेर, हर पल तुझसे ही जुड़ रहा है।
Aashiqui Sad Shayari | आशिकी सैड शायरी

ये कैसी आशिकी है, जो आँखों में नमी दे गई,
हर खुशी छीन कर, बस मुझको कमी दे गई,
तेरे बिना जीना, अब मुश्किल हो गया है,
जिंदगी में तूने बस, मुझे बेबसी दे गई।
दिल में दर्द गहरा है, आशिकी अब उदास है,
हर साँस में तेरी याद, मेरे दिल के पास है,
क्या कहूँ इस जुदाई को, जो सह रहा हूँ मैं,
मेरे खुशियों के बाग में, पतझड़ का वास है।
आँखों से बहते अश्क, तेरी याद दिलाते हैं,
आशिकी के हर पल में, मुझे तड़पाते हैं,
तेरी बेवफाई का दर्द, मेरे दिल में छुपा है,
मेरे सारे सपने, अब टूटकर बिखर जाते हैं।
तेरी जुदाई का गम, मेरे दिल में समा गया,
आशिकी का ये मौसम, हर पल रुला गया,
सोचा था तू साथ देगी, हर मुश्किल डगर पर,
तूने तो मेरे दिल को, पल भर में जला गया।
मेरी हर साँस में, अब दर्द की आहट है,
आशिकी सैड शायरी, अब यही तो मेरी राहत है,
कैसे बयाँ करूँ मैं, ये जज़्बात तेरे प्यार के,
जब तू ही नहीं है साथ, तो क्या जीना, क्या राहत है।
ख्वाबों की दुनिया थी, जो टूटकर बिखर गई,
आशिकी की हर धुन, अब दर्द में उतर गई,
तेरी मोहब्बत में खो कर, पाया था सब कुछ,
तेरी जुदाई में, हर खुशी जलकर मर गई।
जब से तू गई है, जीना मुश्किल हो गया है,
आशिकी सैड शायरी, अब यही मेरा साथी हो गया है,
तेरी यादों के सहारे, जी रहा हूँ किसी तरह,
मेरी हर खुशी अब, गमों में खो गया है।
आँखों में नमी है, दिल में दर्द गहरा है,
आशिकी सैड शायरी, अब तो अंधेरा है,
तूने जो दिया है गम, वो भुला नहीं पाऊंगा,
तेरे बिना मेरा हर दिन, अब बेसुरा सवेरा है।
तेरा नाम लेकर रोना, मेरी फितरत बन गई है,
आशिकी सैड शायरी की हर बात, अब कड़वी लग रही है,
तेरी मोहब्बत में खो कर, पाया था सब कुछ,
तेरी जुदाई में, सब कुछ खो गया है।
टूटे दिल की हर आहट, शोर मचाती है,
आशिकी सैड शायरी, तन्हाई दिखाती है,
तेरी यादों के साये में, मैं जीता हूँ मगर,
मेरी हर साँस में, अब दर्द की आहट आती है।
जब भी तेरी याद आती है, ये दिल तड़पता है,
आशिकी सैड शायरी का हर ख्वाब, अब टूटकर बिखरता है,
तूने तो मेरी दुनिया, पल भर में उजाड़ दी,
अब तो बस जीने की, कोई वजह नहीं दिखती है।
तेरी मोहब्बत का, ये कैसा सिला मिला है,
आशिकी सैड शायरी, अब गमों से भरा है,
न कोई खुशी है अब, न कोई उम्मीद बाकी,
मेरी जिंदगी में बस, अब दर्द का बसेरा है।
तेरी जुदाई का दर्द, मैंने दिल में छुपाया है,
आशिकी सैड शायरी का हर ज़ख्म, अब गहरा हो आया है,
सोचा था तू साथ रहेगी, जीवन भर मेरा,
पर तूने तो मेरी दुनिया को, पल भर में जलाया है।
आँखों में नींद नहीं, दिल में चैन नहीं है,
आशिकी सैड शायरी का हर लम्हा, अब सुकून नहीं है,
तेरी यादों के सहारे, ये जीवन कट रहा है,
तेरे बिना जीना, अब आसान नहीं है।
हर दिन हर रात, तेरी यादों में कटती है,
आशिकी सैड शायरी का हर गीत, अब दर्द से भरती है,
तेरी खामोशी भी अब, एक सवाल बन गई है,
तू क्यों दूर हो गई, ये दिल पूछता रहता है।
तेरी तस्वीर देख कर, मैं रोता ही रहता हूँ,
आशिकी सैड शायरी की राहों पर, अब अकेला चलता हूँ,
कभी सोचा नहीं था, तुझे खोना पड़ेगा,
अब तो बस तेरी यादों में, हर पल जलता हूँ।
मेरे दिल के ज़ख्मों पर, कोई मरहम नहीं,
आशिकी सैड शायरी का ये दर्द, अब होगा नहीं कम,
तेरा इंतज़ार करते, अब थक गया हूँ मैं,
तेरा वापस आना अब, मुमकिन नहीं सनम।
तेरी हर बात मुझे, आज भी याद आती है,
आशिकी सैड शायरी की हर धड़कन, मुझे तड़पाती है,
तेरा साथ होता तो, ये ज़िंदगी क्या होती,
अब तो हर खुशी, मुझे अनजान लगती है।
आँसुओं से भरी है, मेरी हर कहानी,
आशिकी सैड शायरी की ये रुत, अब बन गई है तूफानी,
तेरा नाम लेकर ही, मैं जी रहा हूँ बस,
तेरा दर्द ही है, अब मेरी ज़िंदगानी।
तेरी जुदाई का दर्द, मेरे दिल से नहीं जाता,
आशिकी सैड शायरी का ये सितम, भुलाया नहीं जाता,
कितनी मोहब्बत थी तुझसे, ये तू क्या जाने,
तेरे बिना ये दिल, कुछ भी नहीं चाहता।
दिल की हर खुशी, तुझसे ही दूर हो गई है,
आशिकी सैड शायरी की राहों पर, मैं अब रोता हूँ,
तेरी एक झलक पाने को, तरसता रहता हूँ,
तुझे खोने के गम में, हर पल मैं तड़पता हूँ।
तेरी बेवफाई का, मुझे अब भी है गम,
आशिकी सैड शायरी में, अब कहाँ है कोई हमदम,
जीना चाहते थे तेरे साथ, हँसते गाते,
पर तूने तो दे दिए, हमें सारे दर्द के मौसम।
तेरी यादों के सहारे, ज़िंदगी चल तो रही है,
आशिकी सैड शायरी की ये आग, जल तो रही है,
पर इस आग में, अब कोई रोशनी नहीं है,
बस राख ही है, और वो भी फीकी पड़ रही है।
अब तो हर पल जीना, एक बोझ सा लगता है,
आशिकी सैड शायरी का सच, अब डसता है,
नाराज़ होकर भी तुझसे, नाराज़ नहीं हो पाता,
क्योंकि मेरा ये दिल, आज भी तुझ पर मरता है।
तेरा दिया हुआ हर ज़ख्म, मुझसे कहता है,
आशिकी सैड शायरी का हर पल, अब मुझसे सहता है,
तूने मेरे दिल को, ऐसे तोड़ा है सनम,
मेरी आँखों से हर पल, आँसू बहता रहता है।
Aashiqui Ke Liye Shayari | आशिकी के लिए शायरी

आशिकी के लिए जीने का, अब है कोई बहाना,
तेरी एक मुस्कान पर, मेरा दिल है दीवाना,
हर पल तेरे साथ, हर खुशी तेरे नाम,
तेरी मोहब्बत में मैंने, अब सब कुछ जाना।
आशिकी के लिए, दिल में तेरा नाम लिखा है,
हर साँस पर तेरी याद, अब तो बन गई है शिखा है,
कैसे बयाँ करूँ मैं, ये जज़्बात तेरे प्यार के,
तेरी मोहब्बत ने मुझे, जीना सिखाया है।
आशिकी के लिए रब से, बस तुझे ही माँगा है,
हर पल तेरे साथ, ये दिल मचलता है,
तू ही मेरी सुबह है, तू ही मेरी शाम है,
तेरी चाहत में ही, मेरा जीवन ढलता है।
आशिकी के लिए, तेरी आँखों में खोने दो मुझे,
तेरे प्यार में ही, अब सोने दो मुझे,
ना कोई खबर है अब, ना कोई फिक्र रहे,
तेरा दामन ही मेरी, पनाहों में होने दो मुझे।
आशिकी के लिए, तेरी जुल्फों की छाँव चाहिए,
तेरे साथ ज़िंदगी की, हर राह चाहिए,
तुझमें खोकर मैं खुद को, पाना चाहता हूँ,
बस तेरी मोहब्बत ही, मेरी चाह चाहिए।
आशिकी के लिए, हर गम भूल जाता हूँ मैं,
तेरी एक झलक पाकर, मुस्कुराता हूँ मैं,
तू दूर हो या पास, तेरी याद आती है,
इस आशिकी के लिए, हर पल तुझको चाहता हूँ मैं।
आशिकी के लिए, ये दिल बेताब रहता है,
तेरी आहट से मेरे, दिल को सुकून मिलता है,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरा प्यार है,
तेरे बिना जीना, अब मुश्किल सा लगता है।
आशिकी के लिए, तेरी बातों का जादू छाया है,
तेरी मोहब्बत ने मुझको, खुद से मिलाया है,
तेरे साथ हर लम्हा, जीना चाहता हूँ मैं,
खुशियों का हर पल, तुझसे ही सजाया है।
आशिकी के लिए, तेरी हँसी है मेरी रोशनी,
तेरे बिना ज़िंदगी मेरी, अधूरी और बेमानी,
तू ही मेरी जान है, तू ही मेरा प्यार है,
तू ही तो मेरी हर खुशी है, तू ही मेरे दिल की रानी।
आशिकी के लिए, दिल की गहराईयों में बसा है नाम,
हर पल तेरे साथ, अब मेरी हर सुबह और शाम,
तेरी मोहब्बत ही है, मेरी सच्ची इबादत,
तू ही मेरा आसमान है, तू ही मेरा मुकाम।
आशिकी के लिए, हर ख्वाब देखा है मैंने,
तेरे प्यार में ही, खुद को समेट लिया है मैंने,
ना कोई तमन्ना है अब, ना कोई ख्वाहिश है,
तुझमें ही तो मैंने, अपना सब कुछ पाया है मैंने।
आशिकी के लिए, तेरे रास्ते पर चलता रहूँगा,
तेरे प्यार में हर दर्द, मैं सहता रहूँगा,
तू हमेशा खुश रहे, बस यही दुआ है मेरी,
तेरी यादों के सहारे, यूँही जीता रहूँगा।
आशिकी के लिए, मेरी रूह भी तरसती है,
तेरी मोहब्बत की बूंदे, मुझ पर बरसती है,
क्या जादू है तेरी, इन अदाओं में सनम,
मेरी हर साँस पर, तेरा नाम करती है।
आशिकी के लिए, मेरा हर पल तेरा है,
तेरी चाहत में डूबा, मेरा हर सवेरा है,
तू पास हो या दूर, तेरी याद आती है,
हर नजारे में बस, तेरा अक्स ही दिखता है।
आशिकी के लिए, तू मेरी धड़कन बन गई है,
तेरे प्यार में ये दुनिया, कितनी हसीन हो गई है,
तू ही मेरी मंजिल है, तू ही मेरी राह है,
मेरे जीवन की हर खुशी, तुझसे ही तो जुड़ी है।
आशिकी के लिए, तेरी मोहब्बत का पैगाम दे,
हर खुशी हर गम में, मेरा साथ हमेशा दे,
तू ही मेरी ज़िंदगी की, सबसे बड़ी हसरत है,
मेरे हर ख्वाब को, तू ही अंजाम दे।
आशिकी के लिए, तेरी एक मुस्कान काफी है,
मेरे दिल के हर ज़ख्म को, तेरी याद झाँसी है,
तू ही मेरी उम्मीद है, तू ही मेरी आस है,
तेरे बिना ज़िंदगी, अधूरी और खाली है।
आशिकी के लिए, मैंने सब कुछ भुला दिया,
तेरी मोहब्बत को अपने, दिल में बसा लिया,
अब तो हर पल तेरे नाम, मैं जीता हूँ बस,
तुझे अपना बना कर, मैंने सब कुछ पा लिया।
आशिकी के लिए, तेरी हर अदा जानलेवा है,
तेरे प्यार का हर लम्हा, मेरी दुनिया में छाया है,
तू ही मेरे लिए सब कुछ है, तू ही मेरा खुदा है,
तुझमें खोकर ही मैंने, अपना वजूद पाया है।
आशिकी के लिए, तेरी मोहब्बत ही मेरी प्रेरणा है,
तेरे साथ जीना, ही मेरी अब चेतना है,
ना कोई मुश्किल है अब, ना कोई डर है मुझे,
तू जो साथ है तो, मेरी हर राह है सुखदना है।
आशिकी के लिए, तेरी यादें मुझे जगाती हैं,
हर अंधेरी रात में, रोशनी बन जाती हैं,
तूने मेरे खाली जीवन को, खुशियों से भर दिया,
मेरी हर साँस अब, तेरा नाम सुनाती हैं।
आशिकी के लिए, मेरे दिल की हर बात में तू है,
तेरे प्यार के जज़्बात में, मेरी हर रात में तू है,
तू ही मेरी मंजिल है, तू ही मेरी जान है,
मेरी हर खुशी में, तू ही मेरी पहचान है।
आशिकी के लिए, तेरी खामोशी भी बोलती है,
तेरे प्यार की हर लहर, मुझको मिलती है,
ना कोई शिकायत है मुझे, ना कोई गिला है,
मेरी हर खुशी अब, तुझसे ही खिलती है।
आशिकी के लिए, तेरी परछाई भी काफी है,
तेरे बिना जीना, अब है मुश्किल सा फी है,
तू ही मेरी जिंदगी की, हर सुबह और शाम है,
तेरी मोहब्बत से ही, मेरा हर काम है।
आशिकी के लिए, मेरी हर दुआ में तू रहती है,
तेरे प्यार में ही, मेरी दुनिया मिलती है,
तू ही मेरी जान है, तू ही मेरी आस है,
तेरी मोहब्बत ही है, जो दिल में बसती है।
Aashiqui Bhari Shayari | आशिकी भरी शायरी

तेरी आँखों में जो देखा, वो आशिकी भरी रात है,
हर धड़कन में बस तू है, दिल की यही बात है,
क्या कहूँ इस मोहब्बत को, जो रूह में उतर गई,
तेरी यादों से मेरा, हर पल आबाद है।
ये आशिकी भरी दुनिया, तुझसे ही रंगीन है,
तेरी मुस्कान की चमक, ही मेरा यकीन है,
हर साँस में तेरा नाम है, हर पल तेरा इंतज़ार,
तेरे बिना मेरा जीवन, अब जैसे ज़मीन बिन है।
आशिकी भरी बातें, तेरी मुझको भाती हैं,
हर खुशी हर गम में, तेरी यादें आती हैं,
तू ही मेरी मंजिल है, तू ही मेरी राह है,
तेरे प्यार में ही मेरी, हर शाम गुजरती है।
तेरी जुल्फों की छाँव में, आशिकी भरी राहत है,
हर पल तेरे साथ जीना, ही मेरी चाहत है,
तू ही मेरी इबादत है, तू ही मेरा खुदा है,
तेरे बिना मेरी ज़िंदगी, अधूरी सी मोहब्बत है।
आशिकी भरी मोहब्बत, तेरी जुदा है सब से,
मेरा हर पल हर लम्हा, जुड़ा है रब से,
तेरे प्यार में खोकर, मैंने खुद को पाया है,
तेरी हर अदा पर, ये दिल फिदा है कब से।
दिल की गहराइयों में, आशिकी भरी धुन है,
तेरा नाम लेकर जीना, ही अब मेरा जुनून है,
तू ही मेरा आसमान है, तू ही मेरे तारे हैं,
तेरे बिना ये जीवन, बेसुरा सा सुकून है।
तेरी एक झलक पाने को, आशिकी भरी नज़रें तरसती हैं,
तेरे प्यार की बारिश, मुझ पर यूँही बरसती है,
क्या जादू है तेरी, इन अदाओं में सनम,
तेरी मोहब्बत में ही, मेरी रूह पिघलती है।
आशिकी भरी सुबह, तेरी याद से जगती है,
तेरे बिना मेरी हर शाम, उदास सी लगती है,
तू ही मेरी ज़िंदगी है, तू ही मेरा प्यार है,
तेरी मोहब्बत से ही, मेरा हर पल सजती है।
तेरा साथ है तो, हर मुश्किल आसान लगती है,
आशिकी भरी ये दुनिया, अब जन्नत लगती है,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरी जान है,
तेरे बिना मेरी हर खुशी, अधूरी सी लगती है।
आशिकी भरी आहट से, मेरे दिल को करार आता है,
तेरे प्यार का हर पल, अब यादगार बन जाता है,
ना कोई फिक्र है मुझे, ना कोई डर है अब,
तू जो साथ है मेरे, तो हर जंग मैं जीत जाता हूँ।
तेरी हँसी से रोशन है, आशिकी भरा मेरा जहाँ,
तेरे बिना मेरी दुनिया, अब है वीरान यहां,
तू ही मेरा चांद है, तू ही मेरे तारे हैं,
तू ही मेरी हर खुशी है, तू ही मेरा आसमान।
तेरा दामन जो थाम लिया, तो डर कैसा,
आशिकी भरी ये बंधन, है सबसे गहरा,
ना कोई मंजिल है अब, ना कोई ठिकाना है,
तेरी मोहब्बत ही है, मेरा सच्चा बसेरा।
लिखूं क्या मैं तारीफ में, हर शब्द कम पड़ता है,
आशिकी भरा ये जुनून, हर पल बढ़ता है,
तू ही मेरी ख्वाहिश है, तू ही मेरी अरमान,
तेरे प्यार में मेरा दिल, हर पल धड़कता है।
तेरी आंखों का काजल, मेरा दिल ले गया है,
आशिकी भरा हर लम्हा, सुहाना बना गया है,
तेरा साथ है तो, हर गम भूल जाता हूँ,
तेरे प्यार में जीना, ही मेरा मक्सद बन गया है।
तेरी मोहब्बत की छाँव में, मुझे आराम मिलता है,
आशिकी भरा हर पल, मुझे खुशियों से भर देता है,
तू ही मेरी जिंदगी है, तू ही मेरी आस है,
तेरे बिना मेरा हर दिन, सूना सा लगता है।
तेरा इंतज़ार करते हैं, हर पल हर रात,
आशिकी भरी हर बात में, तेरी ही बात,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरा प्यार है,
तुझमें खोकर ही, मेरा जीवन है आबाद।
तेरी अदाओं पर, ये दिल जान छिड़कता है,
आशिकी भरे नशे में, हर पल ये भटकता है,
तू पास हो या दूर, तेरी याद आती है,
हर नजारे में बस, तेरा अक्स ही दिखता है।
तू मेरी सुबह है, तू ही मेरी शाम है,
आशिकी भरे हर लम्हे में, बस तेरा नाम है,
अब तो हर साँस पर, तेरा ही पहरा है,
तू ही मेरा आसमान है, तू ही मेरा जहां है।
तेरी आँखों में देखा है, मैंने एक अलग सा संसार,
आशिकी भरा हर रंग, तुझसे ही है गुलज़ार,
तेरा साथ है तो ज़िंदगी, जन्नत से कम नहीं,
तेरी मोहब्बत ही है, मेरी हर खुशी की बहार।
दिल की धड़कन में तेरी, आवाज सुनाई देती है,
आशिकी भरे हर नगमों में, तेरी याद आती है,
क्या कहूँ इस प्यार को, जो रूह में उतर गया है,
मेरी हर साँस अब, बस तेरा इंतज़ार करती है।
तेरी पनाहों में आकर, सुकून मिल गया है मुझे,
आशिकी भरा हर सफर, तुझसे अब सच्चा लगा है,
तू ही मेरी धड़कन है, तू ही मेरा प्यार है,
हर दुआ में बस, तेरा नाम याद आता है मुझे।
तेरी हँसी की बदौलत, मेरे दिल में उजाला है,
आशिकी भरा हर लम्हा, तुझसे ही संभला है,
तेरी मोहब्बत की बारिश में, भीगना चाहता हूँ,
तू ही मेरा आसमान है, तू ही मेरा तारा है।
तेरी बातों का मीठा ज़हर, मुझ पर छाया है,
आशिकी भरा हर लम्हा, तुझसे ही संवारा है,
ना कोई शिकायत है मुझे, ना कोई गिला है,
तेरी मोहब्बत से ही मेरा, ये दिल बहला है।
तेरी यादों के सहारे, ये ज़िंदगी कट रही है,
आशिकी भरी हर धड़कन, तुझसे ही जुड़ रही है,
तू मेरी सांसों में शामिल, हो गई है इस कदर,
हर पल तेरी चाहत, मेरे दिल में उमड़ रही है।
जब से आशिकी भरी, बातें हुई हैं शुरू,
मेरी ज़िंदगी में खुशियों का, अब है बस तू,
हर कदम तेरे साथ, चलना चाहता हूँ मैं,
मेरी हर साँस में, अब तेरी खुशबू।
Conclusion:
Aashiqui Shayari: आशिकी शायरी सिर्फ शब्द नहीं, ये दिल के अरमान हैं। ये आपको प्रेम की गहराई में ले जाते हैं। हर शेर में एक नई प्रेरणा मिलती है।
इन कोट्स से आप अपने प्यार का इजहार कर सकते हैं। ये आपके रिश्ते को और मजबूत बनाते हैं। प्यार को महसूस करने का यह अद्भुत तरीका है।
यह शायरी आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा भरती है। अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करें। यह आपके जीवन को और भी हसीन बनाती है।
